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कभी थे नीरव मोदी के वाइस प्रेसिडेंट, आज बेचते हैं जूस, अब मिली 33.5 करोड़ की फंडिंग

रॉ प्रैसरी कंपनी को इक्विटी कम डेब्ट इन्वेस्टमेंट के तहत 33.5 करोड़ रुपए की फंडिंग मिली है।

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नई दिल्ली। अनुज राक्यान कभी नीरव मोदी की कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट हुआ करते थे लेकिन आज वह फ्रेश जूस बेचने का बिजनेस करते हैं। उन्होंने अपने फ्रेश जूस के कॉन्सेप्ट से 5 करोड़ से शुरू की कंपनी को 250 करोड़ रुपए का बना दिया। इंडिया में फ्रेश जूस का मार्केट करीब 2,000 करोड़ रुपए का है जिसमें डाबर और पेप्सिको जैसी कंपनी पहले से ही है। इन सब में राकयान नें फ्रेश जूस ब्रांड रॉ प्रैसरी बनाया है जिसकी जैकलीन फर्नाडिंस ब्रांड अम्बेस्डर है। अब उनकी कंपनी को इक्विटी कम डेब्ट इन्वेस्टमेंट के तहत33.5 करोड़ रुपए की फंडिंग मिली है। ये फंडिंग उन्हें अल्टिरिया कैपिटल के जरिए मिली है।

 

 

कंपनी विदेशों में फैलाएगी कारोबार

 

रॉ प्रैसरी को करीब 33.5 करोड़ रुपए की फंडिंग इस हफ्ते मिली है। पेरेंट कंपनी राक्यान बेवरेज अपना ब्रांड ट्रांसफोर्मेशन कर रही है ताकि उसके प्रोडक्ट किफायती और आसानी से मिलें। कंपनी के करीब 40 स्टॉक यूनिट हैं। उन्होंने अपनी प्रोडक्ट रेन्ज बढ़ाई है और इनमें नट मिल्क, सूप और प्रोबॉयोटिक डेरी ड्रिंक्स आदि शामिल किए हैं। साल 2019 तक कंपनी अपने डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को बेहतर करना चाहती है। वह अपना कारोबार मिडिल ईस्ट और साउथ ईस्ट एशिया में भी बढ़ाना चाहती है।


नीरव मोदी की कंपनी में रह चुके हैं वीपी

 

37 साल के राक्यान ने अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग का कोर्स किया। वह एक इन्वेस्टमेंट बैंकर और ब्रांड कन्सल्टेंट रह चुके है। वह इंडिया आए और उन्होंने नीरव मोदी ज्वेल्स में वाइस प्रेसिडेंट सेल्स की जॉब की। वह यह वेंचर शुरू करने से पहले 10 साल नौकरी कर चुके थे। उन्होंने कहा कि उनके पिछले अनुभवों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, टीम, फाइनेंस के मामले में ऑर्ग्नाइज होना सीखा दिया है।

 

बिना प्रिजरवेटिव्स का ढूंढ रहे थे ड्रिंक

 

रॉ प्रैसरी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज राक्यान के मुताबिक वह ऐसा ड्रिंक ढूंढ रहे थे जो बिना प्रिजरवेटिव्स के हो लेकिन ऐसा कोई ड्रिंक नहीं मिला। तब उन्होंने अपनी मां कि किचन में फ्रेश जूस बनाना शुरू किया। तब उन्हें फ्रेश जूस बेचने का आइडिया रॉ प्रैसरी आया। उनके मुताबिक वह सुबह 4 बजे उठकर फ्रेश फ्रूट्स और सब्जियों के लिए मार्केट जाने के लिए तैयार थे। जूस बेचने के लिए टाइम ज्यादा महत्व रखता है क्योंकि समय से ज्यादा टाइम होने पर बैक्टिरिया होने का जोखिम ज्यादा होता है।

 

आगे पढ़े - शुरूआत में स्वयं खरीदीं सब्जियां

शुरूआत में स्वयं खरीदीं सब्जियां

 

राक्यान ने शुरुआत में फ्रेश फ्रूट्स और सब्जियों को खरीदा और उनका जूस और स्मूदीज बनाया और अपने कुछ क्लाइंट को बेचा। फिर साल 2014 में ही रॉ प्रैसरी के जूस कोल्ड प्रेस टेक्नोलॉजी से बनने लगे जिमसें ऑक्सीडेशन कम होता है और फ्रूट्स और सब्जियों की न्यूट्रिशन वैल्यू बनी रहती है।

 

2,000 करोड़ का है जूस मार्केट

 

इंडिया में पैकेज्ड जूस मार्केट करीब 2,000 करोड़ रुपए का है। पैकेज्ड जूस मार्केट में डाबर का रियल और पेप्सिको का ट्रॉपिकाना मार्केट लीडर हैं। वाक्यान के मुताबिक उन्होंने 500 लोगों पर सर्वे किया जिसमें उन्हें यह समझ में आया कि ज्यादातर लोग फ्रेश फ्रूट जूस चाहते हैं। इंडिया में फ्रेश जूस का कॉन्सेप्ट सभी जानते हैं क्योंकि यहां नींबू पानी, गन्ने, गाजर का जूस रोड पर ही मिल जाता है। इंडिया में ज्यादातर लोग घर में ही जूस बनाते हैं।

 

मंगाई कोल्ड प्रेस जूस की मशीन

 

जूस निकालने की कोल्ड प्रेस मशीन काफी महंगी है और इसकी कीमत लाख डॉलर में है। इस मशीनरी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी महंगा पड़ता है। अमेरिका की कंपनी सुजा, कोकाकोला, पेप्सी और स्टारबक्स सभी इस कोल्ड प्रेस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। अब ज्यादातर बड़ी कंपनियों को लगता है कि यही तकनीक ड्रिंक मार्केट का फ्यूचर है। उनकी यही मशीन महीने में 3.50 लाख लीटर जूस महीने में बना सकती है।

 

आगे पढ़े - कैसे की शुरुआत..

1.50 करोड़ से की शुरूआत

 

उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट में शुरूआत मे 80 लाख रुपए लगाए थे और उसके बाद उनकी परिवार और फैमिली ने उनकी मदद की। उन्होंने ये बिजनेस 1.50 करोड़ रुपए से शुरू किया था। इस बिजनेस में उनकी सबसे बड़ी प्रॉब्लम शेल्फ लाइफ की थी। जब उनकी कंपनी शुरू हुई थी उसकी वैल्यू 5 करोड़ थी और अब 250 करोड़ रुपए है। उनकी कंपनी ने 6 फ्लेवर्स से शुरू किया था। अब उनकी प्रोडक्ट रेन्ज में संतरा, गन्ने का जूस भी शामिल है।

 

21 दिन होती है उनके जूस की शेल्फ लाइफ

 

अभी रॉप्रैसरी का जूस दिल्ली, मुंबई और पूणे में मिलता है। इसके 70 फीसदी से अधिक कस्टमर 20 से 60 साल की उम्र के हैं। उनकी कंपनी का जूस 250 एमएल की बोतल में मिलता है जिसकी कीमत 150 रुपए है। अब उनकी रेन्ज में 30 से अधिक जूस, स्मूदीज और ऑल्मंड मिल्क शामिल है। उनके जूस की शेल्फ लाइफ 21 दिन तक होती है। कंपनी के साथ करीब 197 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्हें बूटस्ट्रैप्ड और एंजेंल ने फंडिंग की है।

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