काम कर गया आइडिया, पुरुषों के दबदबे वाले बिजनेस में इस लेडी ने जमाई धाक

शाजिया कैसर शाजिया कैसर
शाजिया कैसर शाजिया कैसर
शाजिया कैसर स्टार्टअप प्रोग्राम के दौरान शाजिया कैसर स्टार्टअप प्रोग्राम के दौरान

बिहार के भागलपुर की शाजिया कैसर ने एक ऐसा बिजनेस शुरू किया, जिसमें अभी तक पुरुषों का दबदबा रहा है। कैसर ने 4 साल पहले जूतों की लॉन्ड्री का बिजनेस शुरू किया। यानी जैसे कपड़ों की लॉन्ड्री होती है, वैसा ही जूतों के लिए। शाजिया की लॉन्ड्री में जूतों की रिपेयरिंग और सफाई का काम होता है। उनका यूनीक आइडिया ही उनकी सफलता की कहानी है। एक समय उनका पढ़ा-लिखा परिवार उनके इस कारोबार के खिलाफ था क्योंकि उन्हें लगता था कि वह मोची का काम कर रही हैं। अपने परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने अपना रिवाइवल नाम से शू-लॉन्ड्री स्टोर पटना में खोला, जिसके रिस्पांस को देखते हुए अब बिजनेस बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं।

moneybhaskar.com

Oct 11,2018 11:16:00 AM IST

नई दिल्ली. बिहार के भागलपुर की शाजिया कैसर ने एक ऐसा बिजनेस शुरू किया, जिसमें अभी तक पुरुषों का दबदबा रहा है। कैसर ने 4 साल पहले जूतों की लॉन्ड्री का बिजनेस शुरू किया। यानी जैसे कपड़ों की लॉन्ड्री होती है, वैसा ही जूतों के लिए। शाजिया की लॉन्ड्री में जूतों की रिपेयरिंग और सफाई का काम होता है। उनका यूनीक आइडिया ही उनकी सफलता की कहानी है। एक समय उनका पढ़ा-लिखा परिवार उनके इस कारोबार के खिलाफ था क्योंकि उन्हें लगता था कि वह मोची का काम कर रही हैं। अपने परिवार के विरोध के बावजूद उन्होंने अपना रिवाइवल नाम से शू-लॉन्ड्री स्टोर पटना में खोला, जिसके रिस्पांस को देखते हुए अब बिजनेस बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं।

आर्टिकल से आया आइडिया

35 साल की शाजिया कैसर ने फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है। वह वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और यूनिसेफ में काम कर चुकी हैं। उन्होंने एक मैगजीन में शू लॉन्ड्री पर एक आर्टिकल पढ़ा और उन्हें ये आइडिया काफी पसंद आया। उन्होंने बिहार में शू लॉन्ड्री खोलने का प्लान किया।

कोई नहीं देता था ऐसी सर्विस

जॉब के दौरान वह अपने बिजनेस के लिए रिसर्च वर्क करती रहीं। इस दौरान वह भूटान, पुणे, मुंबई, चेन्नई आदि गईं और वहां उन्होंने शू लॉन्ड्री की ट्रेनिंग ली। वह हर एक शहर में ऐसे आइडिया या सर्विस को ढूंढ रही थी लेकिन उन्हें ऐसा कोई नहीं मिला, जो ये सर्विस दे रहा हो।

आगे पढ़ें - उनका परिवार था खिलाफ...

उनका परिवार था उनके आइडिया के खिलाफ

 

शाजिया ने शुरुआत में डस्टबिन से जूतों को लेकर ठीक किया। वह पहले फेंके हुए जूतों को ठीक करके बेचती थी जो उनकी फैमिली को पसंद नहीं आया क्योंकि उनकी फैमिली को लगता था कि वह मोची का काम कर रही हैं। उन्होंने बाद में शू लॉन्ड्री खोली तो भी उनकी फैमिली उनके खिलाफ हो गई लेकिन तब भी उन्होंने अपने आइडिया को नहीं छोड़ा।

 

साल 2014 में खोला पहला स्टोर

 

इस बार उनके पति ने उनका साथ दिया और उन्होंने अपना पहला शू-लॉन्ड्री आउटलेट पटना के अल्पना मार्केट में खोला। साल 2014 में उन्होंने अपना स्टार्टअप रिवाईवल शू-लॉन्ड्री शुरू किया। वह जूतों की रिपेयरिंग, सफाई और ठीक करने काम करती है। वह यह काम न सिर्फ जूतों बल्कि लेदर आइटम के लिए भी करती हैं। ये अब रिवाइवल सर्विस के नाम से फेमस है।

 

आगे पढ़ें - कितने में शुरू किया बिजनेस..

1 लाख से शुरू किया बिजनेस

 

उन्होंने अपनी शुरुआती सेविंग 1 लाख रुपए से अपने बिजनेस की शुरुआत की। उनको शुरुआती 2 सालों में सिर्फ नुकसान हुआ लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। शुरूआत में उन्हें अपने लिए कर्मचारी ढूंढने में दिक्कतें आईं। उन्होंने 50 लोगों को अप्रोच किया लेकिन सिर्फ 3 ही उनके साथ काम करने के लिए तैयार हुए क्योंकि कोई भी ये जॉब स्टेटस नहीं चाहता था। वह अपनी वर्कशॉप पर महिलाओं को ट्रेनिंग देने लगी। उन्हें नौकरी पर रखने लगी।

 

चुना गया बिहार का बेस्ट स्टार्टअप

 

शाजिया पटना में और स्टोर खोलने का प्लान कर रही है। वह रिवाईवल में अपनी सर्विस के 150 से 600 रुपए लेती हैं। वह शूज की फ्री पिकअप और डिलीवरी सर्विस भी देती हैं। उन्हें बिहार में बेस्ट स्टार्टअप के लिए भी चुना गया है।

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शाजिया कैसर स्टार्टअप प्रोग्राम के दौरानशाजिया कैसर स्टार्टअप प्रोग्राम के दौरान
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