4 साल पहले दो भाइयों ने शुरू किया था स्टार्टअप, आज बड़ी-बड़ी कंपनियां लेती हैं सेवाएं, 100 से ज्यादा देशों में फैला है कारोबार

राहुल और वरुण अग्रवाल राहुल और वरुण अग्रवाल

दिल्ली के दो भाईयों ने एक अनोखी तरह की कंपनी शुरू की। इसमें उन्होंने कंपनियों को ग्राफिक डिजाइनिंग, लोगो डिजाइनिंग, ब्रांड आईडेंटिटी डिजाइनिंग, वेब डिजाइनिंग के पाॅकेट फ्रेंडली ग्राफिक डिजाइन साॅल्यूशंस देने के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया। 2014 में उन्होंने इस कंपनी को शुरू करने में 4 करोड़ रुपए का निवेश किया और आज चार साल बाद उनकी कंपनी का टर्नओवर 20 से 25 करोड़ रुपए हो गया है। राहुल और वरुण ने मनी भास्कर से बात की और उन्हें अपने इस अनोखे स्टार्टअप के बारे में बताया।

 
 
 

Money Bhaskar

Jan 06,2019 12:52:00 PM IST

नई दिल्ली.

बिजनेस कोई भी हो, बिना प्रचार के वह लोगों तक पहुंच नहीं पाता है। और प्रचार के लिए बिजनेस का नाम ही नहीं बल्कि Logo की जरूरत भी पड़ती है। यह लोगो ही तो होता है जो बिना कुछ कहे उस कंपनी के बारे में लोगों को जानकारी देता है। देश में बिजनेस तो हर कोई कर रहा था, लेकिन यह क्षेत्र ऐसा था जहां बड़े स्तर पर कोई कंपनी काम नहीं कर रही थी।

इस बात को समझते हुए दिल्ली के दो भाईयों ने एक अनोखी तरह की कंपनी शुरू की। इसमें उन्होंने कंपनियों को ग्राफिक डिजाइनिंग, लोगो डिजाइनिंग, ब्रांड आईडेंटिटी डिजाइनिंग, वेब डिजाइनिंग के पाॅकेट फ्रेंडली ग्राफिक डिजाइन साॅल्यूशंस देने के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया। 2014 में उन्होंने इस कंपनी को शुरू करने में 4 करोड़ रुपए का निवेश किया और आज चार साल बाद उनकी कंपनी का टर्नओवर 20 से 25 करोड़ रुपए हो गया है। राहुल (31 वर्ष) और वरुण (28 वर्ष) ने मनी भास्कर से बात की और अपने इस अनोखे स्टार्टअप के बारे में बताया।

कब और क्यों शुरू किया डिजाइनहिल?

वरुण ने बताया कि स्कूल और यूनिवर्सिटी के दिनों में वे फ्रीलांस ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर अपनी सेवाएं देते थे। तब उन्हें समझ आया कि इस क्षेत्र में कितनी चुनौतियां हैं। भरोसेमंद क्लांइट मिलने से लेकर पेमेंट पाने तक उन्हें हर कदम पर मुश्किल उठानी पड़ती थी। ठीक ऐसे ही कई क्लाइंट्स को भी अच्छे ग्राफिक डिजाइनर्स ढूंढने में भी कठिनाई होती थी, प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं होते थे और उन्हें किफायती दामों पर सेवाएं नहीं मिलती थीं। जब दोनों भाइयों ने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री पूरी कर ली, तो उन्होंने ग्राफिक डिजायनर्स और क्लाइंट्स के बीच के इस गैप काे दूर करने के लिए ग्राफिक डिजाइन प्लेटफॉर्म तैयार करने के बारे में सोचा। यहीं से डिजाइनहिल की शुरुआत हुई। 2014 में कंपनी शुरू होने के बाद पहले साल का टर्नओवर 45 लाख रुपए रहा जो 2018 में बढ़कर 20 से 25 करोड़ रुपए हो गया है।

कैसे काम करता है यह प्लेटफॉर्म?

उन्होंने बताया, "डिजाइनहिल एक अनोखा ग्राफिक डिजाइन प्लेटफाॅर्म हैजिसने दुनियाभर के ग्राफिक डिजाइनर्स और उनके संभावित ग्राहकों को एक ही छत के नीचे ला दिया है। टेक्नोलाॅजी पर आधारित यह प्लेटफार्म किसी भी व्यक्तिछोटे या बड़े बिजनेस को समान रूप से उनके मनचाहे ब्रांड डिजाइन साॅल्यूशंस प्रदान करता है। हमने महसूस किया कि ब्रांड आइडेंटिटी अब केवल बड़े बिजनेस के लिए ही नहींबल्कि छोटे और व्यक्तिगत बिजनेस के लिए भी महत्वपूर्ण हो गई है और इसके प्रति जागरूकता बढ़ी है। दुनियाभर में अपने ब्रांड के विजुअल मेकओवर को लेकर इस तरह की भावना को देखते हुए ही यह खास डिजाइन मार्केटप्लेस तैयार किया गया है। वर्तमान समय के लिए बहुत ही उपयोगी यह प्लेटफाॅर्म अत्यंत किफायती कीमत पर डिजाइन साॅल्यूशन के विभिन्न विकल्प मुहैया करवाता है। इसी के आधार पर हमने वर्ष 2014 में डिजाइनहिल ऑनलाइन प्लेटफार्म की शुरुआत की। समय के साथ-साथ हमने अनेक डिजाइनिंग साॅल्यूशंस भी अपनी सेवाओं में जोड़े जैसे ई-लोगो डिजाइनिंगवेबसाइट डिजाइनिंगब्रोशर डिजाइनिंग आदि।"

 

 

एक लाख से ज्यादा डिजायनर्स मौजूद हैं प्लेटफॉर्म पर

वरुण ने बताया कि हालांकि हमने भारत से शुरुआत कीलेकिन हमारे प्रमुख ग्राहक और वेंडर्स अमेरिका में हैं। हमारे ग्राहक अमेरिकाकनाडाब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और भारत सहित विभिन्न देशों में हैं। अभी तक डिज़ाइनहिल के डिज़ाइनर्स ने दुनियाभर में एक लाख से भी ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की हैं। डिजाइनहिल के पास 100 से भी ज्यादा देशों के 1,00,000 से ज्यादा डिजाइनर्स का ग्लोबल नेटवर्क है। एक इंडस्ट्री के रूप में ऑनलाइन ग्राफिक डिजाइन बाजार 4.46 लाख करोड़ रुपए का हैजो सालाना 25 फीसदी की विकास दर से बढ़ रहा है। तेज वैश्वीकरणइंटरनेट के होते विस्तार और विजुअल आइडेंटिटी के बढ़ते महत्व को देखते हुए यह इंडस्ट्री आगे भी तेजी से बढ़ने वाली है।

 

डिजाइनर्स को जोड़ना नहीं था आसान 

राहुल के मुताबिक शुरुआत में प्रतिभाशाली डिजाइनर्स को आकर्षित करना काफी चुनौतीभरा काम था। डिजायनर्स के दम पर ही संभावित ग्राहकों को कंपनी से जोड़ा जा सकता था। हालांकि ऑनलाइन मार्केटिंग के दम पर हमें उन्हें अपने प्लेटफाॅर्म पर लाने में मदद मिलीलेकिन हम इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि ऑफर किए जाने वाले साॅल्यूशंस और अनुभव के आधार पर ही ग्राहक और टैलेंट दोनों को लंबे समय बनाए रखा जा सकता है। समय के साथ-साथ हमने दोनों ही समूहों में अपनी विश्वसनीयता और सहयोग को बढ़ाया। हमारी 24 घंटे कस्टमर सपोर्ट सर्विस इसी तरह की पहल है। इसके अलावा क्रिएटिव कंटेंट और विश्वस्तीय डिजाइन ऑफर करने से हमें प्लेटफाॅर्म में जरूरी विश्वास जगाने में मदद मिली।

 

डिजाइनहिल के पास है अपना AI लोगो मेकर

लोगो मेकर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआईपर आधारित लोगो डिजाइनिंग टूल हैजो बहुत ही कम लागत में कुछ मिनटों में ही आपको 1000 से ज्यादा लोगो डिजाइंस ऑफर करता है। यह डिजाइनहिल की ओर से छोटे और मझले उद्यमियों (एसएमईजऔर स्टार्ट-अप उद्यमियों के लिए प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सेवाओं में से एक है जो अपने बिजनेस के लिए सस्ता और त्वरित लोगो चाहते हैं।

 

इस साल लॉन्च करेंगे करेंसी वेबसाइट 

राहुल ने बताया कि इस वर्ष हम एक मल्टी लिंगुअल/मल्टी करेंसी वेबसाइट शुरू करने की योजना बना रहे हैं। अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने और डिजाइनर्स के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए हम इसे अनिवार्य कदम मानते हैं। भाषा और मुद्रा संबंधी सीमाएं हमारी पहुंच को सीमित करती हैं और हम नहीं चाहते कि दूरदराज के हमारे ग्राहक अपनी ब्रांड आइडेंटिटी के लिए बेहतरीन संभावित डिजाइन से वंचित रहें।

 
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