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आगरा में छोटी सी दुकान से शुरू किया था दूध का कारोबार, आज दुनियाभर में यूज हो रहे इनके प्रोडक्ट

किसान के बेटे ने मेहनत और हुनर के दम पर जीत ली दुनिया

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सौरभ कुमार वर्मा

नई दिल्ली. ताज नगरी आगरा के छोटे से गांव गढ़ी जहानसिंह के किसान के बेटे राधे श्याम दीश्रित ने अपने पिता के साथ एक छोटी सी दुकान से दूथ का कारोबार शुरू किया था। यही राधे श्याम दीक्षित आगे चलकर आनंदा डेयरी के फाउंडर और चेयरमैन बने। आज इनके दूध के प्रोडक्ट, घी, पनीर, रबड़ी और बटर की विदेशों में डिमांड है। उन्होंने बताया कि आज हम पनीर में पायनियर हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और उत्तराखंड के सभी इलाकों में आनंदा के प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक आने वाले 5 माह में पूरे पंजाब और हिमाचल में आनंदा पनीर मिलने लगेगी। यहां तक यूएस और कनाडा में आनंदा के डिस्ट्रीब्यूटर बन गए हैं। उन्होंने बताया कि यूएस में आनंदा प्रोडक्ट की 3 से 4 कन्साइनमेंट (Consignment) चली गई है। यूएई में भी जल्द आनंदा पनीर मिलने लगेगा। आनंदा के चेयरमैन के मुताबिक इन देशों में आनंदा के प्रोडक्ट की काफी डिमांड है। 

 

आसान नहीं था आनंदा की इतनी बड़ी कंपनी बनाना

हालांकि आनंदा डेयरी को 1700 करोड़ टर्नओवर की कंपनी बनाने का राधे श्याम दीक्षित का सफर इतना आसान नहीं रहा। उन्होंने मनी भास्कर को बताया कि एक वक्त था, जब वो स्कूल जाने पहले और स्कूल से वापस आने के बाद पिता के साथ उनके दूध के बिजनेस में हाथ बटाते थे। इसके अलावा उन्हें खेती का भी देखरेख करनी होती थी।राधेश्याम बताते हैं कि मैंने 9 क्लास से बिजनेस शुरू किया था। हमारे परिवार ने पहले एक छोटी सी दुकान खोली। तब नानक ब्रांड आता था। इसके बाद हम ग्रैजुएशन की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आ गए।

 

आगे पढ़ें-कैसे शुरू किया अपना बिजनेस

 

शुरू किया खुद का बिजनेस 

आनंदा के चेयरमैन राधे श्याम के मुताबिक दूध का कारोबार हमारे खून में था। ऐसे में जब हमें दिल्ली में यूपी की एक को-ऑपरेटिव  दूध कंपनी से बटर बनाने की एजेंसी लेने का ऑफर मिला, तो हमने इसमें दिलचस्पी दिखाई और अच्छा काम करके दिखाया। फिर हमें दिल्ली में पराग दूध को लॉन्च करने का मौका मिला और हम दिल्ली के करोलबाग में पराग दूध के डिस्ट्रीब्यूटर बन गए। लेकिन जब बिजनेस अच्छा चलने लगता था, तो कंपनी हमने काम छीनकर खुद शुरू कर देती थी। ऐसे में हमने सोचा कि हम क्यों न अपना शुरू करें।

 

आगे पढ़ें- कैसे शुरू की पहली फैक्ट्री

 

बुलंदशाह में शुरू की ्पहली फैक्ट्री

वर्ष 1989 में बुलंदशहर में हमने आनंदा की अपनी फैक्ट्री खोली। वहां से टर्न अराउंड हुआ। आज  हमारी यूपी में 4 फैक्ट्री हैं। पिलखुला 10 लाख प्रोसेसिंग, बुलंदशर के सयाना में 4 लाख और 1 लाख लीटर की कैपेसिटी वाली प्रोसेसिंग फैक्ट्री कानपुर के भौती में है। आनंदा डेयरी के चेयमैन राधे श्याम दीक्षित ने बताया कि 2020-21 तक कंपनी का टर्नओवर 3200 करोड़ करने का लक्ष्य है।

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