Home » Industry » Service SectorPallavi singh is foreigner's favourite hindi teacher, earns lakhs annually

जैकलीन फर्नांडीज जैसी सेलेब्रिटीज इनसे सीखती हैं हिंदी, करती हैं लाखों की कमाई

भारत में जहां हर गली और चौराहे में अंग्रेजी सिखाने के लिए कोचिंग की लाइन लगी हुई है।

1 of
नई दिल्‍ली। भारत में जहां हर गली और चौराहे में अंग्रेजी सिखाने के लिए कोचिंग सेंटर खुल गए हैं। वहीं, एक ऐसी लड़‍की भी है, जो यहां हिंदी की कोचिंग चलाकर लाखों कमा रही है।
दिल्‍ली की रहने वाली पल्‍लवी सिंह बॉलीवुड एक्‍ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज जैसेे कई विदेशी सेलेब्रिटीज को हिंदी सिखा चुकी हैंं। उनसे हिंदी सीखने वाली सेलेब्रिटीज की लिस्‍ट काफी लंबी है और जो बढ़ती ही जा रही है।  उनका हिंदी कोचिंग का बिजनेस काफी सफल भी है। अब वह एक सेलेब्रिटी टीचर बन चुकी हैं। 
 
आगे जानिए कि कैसे पल्‍लवी ने हिंदी सिखाने के लिए कोचिंग चलाने की शुरुआत की और किन-किन सेलेब्रिटीज को वह हिंदी सिखा चुकी हैं।
जैकलीन फर्नांडीज समेत इन सेलेब्रिटीज को सिखा चुकी हैं हिंदी
 
पल्‍लवी अब तक सैकड़ों फॉरेनर्स को हिंदी सिखा चुकी हैं और ये सिलसिला अभी भी जारी है। उनके स्‍टूडेंट्स में सिर्फ फॉरेनर्स ही नहीं, बल्कि कई सेलेब्रिटीज भी शामिल हैं।
 
इस हिंदी मास्‍टरनी ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को हिंदी सिखाई है। हाल ही में आई फिल्‍म बैंजो में काम करने वाली लुसिन्‍डा निकलस ने भी पल्‍लवी से हिंदी की क्‍लासेस ली हैं।
 
फेमस स्‍कॉटिस इतिहासकार विलियम डॅलरिंपल को भी पल्‍लवी ने हिंदी सिखाई है। डॅलरिंपल भारत, अफगानिस्‍तान और अन्‍य देशों में इतिहास से जुड़ी घटनाओं और आर्ट का अध्‍ययन करने के लिए जाने जाते हैं।
 
आगे जानिए - सरकारी नौकरी का ऑप्‍शन छोड़कर चुनी हिंदी
इंजीनियरिंग छोड़ हिंदी सिखाने की शुरुआत की
 
पल्‍लवी ने फॉरेनर्स को हिंदी सिखाने की शुरुआत दिल्‍ली से तब कर ली थी, जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं। इंजीनियरिंग में नौकरी हासिल करने के लिए पल्‍लवी ने कई बड़ी-बड़ी कं‍पनियों में अप्‍लाई किया, लेकिन कहीं से भी उन्‍हें पॉजिटिव रिप्‍लाई नहीं मिला।
 
इसके बाद इंजीनियरिंग कोर्स के तीसरे साल में पल्‍लवी ने हिंदी की कोचिंग चलाने का फैसला किया। इसके लिए उन्‍होंने फेसबुक पर ऐसे ग्रुप्‍स को ढ़ूंढना शुरू किया, जो हिंदी सीखना चाहते हैं और इस भाषा में बात करने की इच्‍छा रखते हैं।
 
कुछ जानकारी हासिल करने के बाद पल्‍लवी पहुंच गई दिल्‍ली यूनिवर्सिटी और इस तरह मिल गए उन्‍हें उनके पहले स्‍टूडेंट्स। पल्‍लवी के पहले स्‍टूडेंट्स एक अफ्रीकी छात्र और उसकी गर्लफ्रेंड थी। यहां से जो उनका सफर शुरू हुआ, वो आज भी चल रहा है।
 
आगे जानिए - बिना इंस्‍टीट्यूट और ऑफिस के चलती हैं क्‍लासेस
बिना इंस्‍टीट्यूट और ऑफिस के चलती हैं क्‍लासेस
 
अन्‍य कोचिंग्‍स की तरह पल्‍लवी ने कोई इंस्‍टीट्यूट या ऑफिस नहीं खोला है। उनका एक फेसबुक पेज है, जहां पर वह अपने स्‍टूडेंट्स से रूबरू होती हैं।
 
इसके अलावा रेस्‍तरां, घर और कॉफी शॉप में भी वह अपने स्‍टूडेंट्स को कोचिंग देती हैं। फिलहाल मुंबई में रह रही पल्‍लवी अब कई कॉन्‍सुलेट के लिए भी काम करती हैं। इन कॉन्‍सुलेट में वह फॉरेनर्स को हिंदी सिखाने का काम करती हैं।
 
भले ही पल्‍लवी के पास अभी कोई इंस्‍टीट्यूट नहीं है, लेकिन वह एक बड़ा हिंदी इंस्‍टीट्यूट खोलना चाहती हैं, जहां इस भाषा को सीखने वालों के लिए सारे अवसर एक ही जगह पर मिल सकें।
 
आगे जानिए - जैकलीन फर्नांडीज समेत इन सेलेब्रिटीज को सिखा चुकी हैं हिंदी 
सरकारी नौकरी का ऑप्‍शन छोड़कर चुनी हिंदी
 
पल्‍लवी के माता-पिता रक्षा मंत्रालय में काम करते हैं। मां-बाप की तरह पल्‍लवी के पास भी सरकारी नौकरी करने का सिक्‍योर रास्‍ता था, लेकिन उन्‍होंने अपना अलग रास्‍ता चुना और हिंदी की कोचिंग देने का फैसला किया।
 
वह अब मुंबई में रहती हैं। यहां वह साइकोलॉजी की पढ़ाई कर रही हैं। इसके साथ ही वह हिंदी की कोचिंग भी देती हैं। वह 200 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज करती हैं।
 
घर, रेस्‍तरां और अन्‍य जगहों पर कोचिंग देने के साथ ही पल्‍लवी अपने फेसबुक पेज से भी कई छात्रों को हिंदी सिखाती हैं। अब तक वह 200 से भी ज्‍यादा फॉरेनर्स को हिंदी सिखा चुकी हैं और उनके स्‍टूडंट्स की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है।
 
आगे जानिए - बॉलीवुड फिल्‍मों के जरिए सिखाती है ये मास्‍टरनी 
बॉलीवुड फिल्‍मों के जरिए सिखाती है ये मास्‍टरनी
 
पल्‍लवी अपने स्‍टूडेंट्स को हिंदी सिखाने के लिए अलग तरीका अपनाती हैं। इस भाषा का ग्रामर और इसे सीखने को मजेदार बनाने के लिए उन्‍होंने कुछ विशेष मॉड्यूल तैयार किए हैं।
 
एक कोर्स करीब चार से छह महीने का होता है। इसके लिए पल्‍लवी ने कड़ी मेहनत करके मॉड्यूल तैयार किए हैं। जो ट्रैडिशनल हिंदी ग्रामर की किताबों से काफी अलग है और सीखने को फन भी बनाता है।
 
वह अपने स्‍टूडेंट्स को बॉलीवुड मूवीज की कुछ डीवीडीज भी देती हैं। उनके मुताबिक हिंदी सीखने के लिए बॉलीवुड मूवीज से बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता। उनके स्‍टूडंट्स में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी शामिल हैं।
 
आगे जानिए - हिंदी में सिर्फ बोलना नहीं, गाली भी सीखते हैं फॉरेनर्स 
हिंदी में सिर्फ बोलना नहीं, गाली भी सीखते हैं फॉरेनर्स
 
पल्‍लवी बताती हैं कि भारत आने वाले ज्‍यादातर फॉरेनर्स इसलिए हिंदी सीखते हैं, क्‍योंकि वह यहां के लोगों के साथ हिंदी में बोलचाल करना चाहते हैं। भारतीयों के साथ बेहतर कनेक्‍शन बनाए रखने के लिए वह हिंदी सीखते हैं।
 
लेकिन कई बार उनके स्‍टूडंट्स गाली सिखाने की भी दरख्‍वास्‍त करते हैं। ऐसे में पल्‍लवी उन्‍हें मना नहीं करतीं और छोटी-मोटी गालियां भी उन्‍हें सिखाती हैं।
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट