प्लान /'रोजा' से दूर होगा Jet Airways का संकट, जुटाए जाएंगे 20 हजार करोड़ रुपए

  • दो तरीकों से जुटाए जाएंगे 20 हजार करोड़ रुपए

Money Bhaskar

May 04,2019 04:44:00 PM IST

नई दिल्ली। आर्थिक संकट के कारण अस्थायी रूप से बंद पड़ी जेट एयरवेज (Jet Airways) का संचालन दोबारा से शुरू करने के लिए प्रतिष्ठित पेशेवरों ने रिवाइवल ऑफ जेट एयरवेज प्लान (Revival of Jet Airways Plan) यानी रोजा (Roja) प्लान बनाया है। पेशेवरों के इस ग्रुप ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत प्रमुख कर्जदाताओं के पास यह प्लान सब्मिट कर दिया है।


स्टेक होल्डर्स और संबंधित पक्षों के सामने दी प्रस्तुति

IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, जेट एयरवेज के प्रतिष्ठित पेशेवरों और छोटे शेयरधारकों ने उधार देने वाले नौ बैंकों के समूह के सामने बंद पड़ी एयरलाइन को पुनर्जीवित करने के लिए एक लीवरेज्ड बाय-आउट प्लान (एलबीओ) प्रस्तावित किया है। शंकरन पी रघुनाथन की अगुवाई वाला पेशेवरों का यह ग्रुप एयरलाइन को पुनर्जीवित करने के लिए प्रमुख स्टेक होल्डर्स जैसे पायलट्स, इंजीनियर्स, कर्मचारी संगठन और बैंकरों के सामने इस प्रस्ताव की प्रस्तुति दे चुका है। इस प्लान के अनुसार, सबसे पहले कर्मचारी जेट एयरवेज का कंट्रोल अपने हाथों में लेंगे। इसके बाद वह मौजूदा कर्जधारकों से और लोन लेकर कंपनी में निवेश करेंगे। इस प्रकार वे कंपनी के आंशिक मालिक बन जाएंगे।

कर्मचारियों को 1500 करोड़ का लोन दे सकते हैं बैंक

रिपोर्ट के अनुसार, पेशेवरों की प्रजेंटेशन में कहा गया है कि बैंक जेट एयरवेज के कर्मचारियों को 1500 करोड़ रुपए का लोन दे सकते हैं। यह पर्सनल लोन के रूप में प्रत्येक कर्मचारी का छह महीने का वेतन है। कर्मचारी इस पैसे में से एसबीआई से कंपनी में 51 फीसदी हिस्सेदारी और एतिहाद से 12.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेंगे। इसके बाद बचे हुए 200 करोड़ रुपए कंपनी को नए शेयर जारी करने के लिए दिए जाएंगे। इस तरह से कर्मचारी जेट एयरवेज पर अपना कंट्रोल स्थापित करेंगे।

ज्यादा हवाई सफर वाले यात्रियों से जुटाएंगे पैसे

रोजा प्लान के अनुसार, अगले चरण में ज्यादा हवाई सफर करने यात्रियों से पैसा जुटाया जाएगा। इसके अनुसार, बैंकों को इस बात के लिए राजी किया जाएगा कि वह 10 हजार रुपए में 4 टिकट खरीदने वाले यात्रियों को पर्सनल लोन उपलब्ध कराएं। ज्यादा हवाई सफर करने वाले जो यात्री यह चार टिकट खरीदेंगे, वह दो साल के लिए वैध होंगे। इस प्रकार इन टिकटों की प्री-सेलिंग करके 8 हजार करोड़ रुपए जुटाए जा सकते हैं। इसके बाद कंपनी को नियंत्रित करने वाले कर्मचारी नए शेयर जारी करने के लिए प्रस्ताव पारित करेंगे। यह नए शेयर टिकट के पैकेट खरीदने वाले यात्रियों को जारी किए जाएंगे। इस प्रस्ताव के तहत एक व्यक्ति को 150 रुपए प्रति शेयर की दर से 100 शेयर दिए जाएंगे। इस प्रकार 12 हजार करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे।

दो तरीकों से जुटाए जाएंगे 20 हजार करोड़ रुपए

प्रजेंटेशन में कहा गया है कि उपरोक्त दो तरीकों से 20 हजार करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। इन 20 हजार करोड़ रुपयों का इस्तेमाल पांच साल तक ऑपरेशनल वर्किंग कैपिटल और कर्जदाताओं को भुगतान करने में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले कर्मचारियों के ग्रुप ने बाहरी निवेशकों से 3000 करोड़ रुपए जुटाने के बाद जेट एयरवेज का मैनेजमेंट कंट्रोल लेने का प्रस्ताव दिया था। आपको बता दें कि वित्तीय संकट के कारण जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अस्थायी रूप से अपना संचालन बंद करने की घोषणा की थी।

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