ऑनलाइन बैटिंग /क्रिकेट मैच पर सट्टे के कारोबार के लिए लेना होगा लाइसेंस, विधि आयोग की सिफारिश

Money Bhaskar

May 11,2019 06:26:44 PM IST

मनी भास्कर
नई दिल्ली। हो सकता है अगले साल आईपीएल मैच के दौरान आप कानूनी हक के साथ ऑनलाइन सट्टा लगा सकेंगे। लेकिन कम कमाने वाले को मैच पर सट्टा लगाने की इजाजत नहीं होगी। सट्टा लगाने के लिए पैन कार्ड एवं आधार कार्ड का इस्तेमाल जरूरी होगा। सट्टे का कारोबार चलाने के लिए सरकार की तरफ से लाइसेंस भी लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस देने का काम गेम लाइसेंसिंग ऑथरिटी करेगा। सिर्फ भारत के निवासी को ही ये लाइसेंस दिए जाएंगे। भारत के विधि आयोग ने मैच पर लगने वाले सट्टे को कानूनी मान्यता देने के मामले में यह सिफारिश की है।

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दो प्रकार की गैम्बलिंग की सिफारिश

आयोग ने कानून मंत्रालय को अपनी अंतिम सिफारिश सौंप दी है। आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट पूर्व में सट्टे को लेकर बनाई गई कई कमेटियों की सिफारिशों के आधार पर तैयार की हैं। आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि मैच पर सट्टा लगाने की एक ऊपरी सीमा होनी चाहिए। मतलब सट्टे में एक सीमा तक ही आप अपनी राशि लगा सकेंगे। क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से भी बेटिंग करने के दौरान यह सीमा लागू होगी। आयोग ने दो प्रकार की गैम्बलिंग की सिफारिश की है। पहले प्रकार की गैम्बलिंग प्रोपर गैम्बलिंग कहलाएगी। दूसरे को स्मॉल गैम्बलिंग का नाम दिया गया है। प्रोपर गैम्बलिंग के तहत उच्च आय वर्ग के लोग सट्टा लगा सकेंगे, जबकि स्मॉल गैम्बलिंग के तहत कम आय वाले। लेकिन इनकम टैक्स या जीएसटी के दायरे से बाहर रहने वालों को सट्टे की अनुमति नहीं होगी। सट्टा लगाने के काम में पूरा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पैन कार्ड एवं आधार कार्ड का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।

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सट्टे की कमाई पर देना होगा इनकम टैक्स

सरकार से किसी भी प्रकार की सब्सिडी या आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले सट्टे के खेल का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। 18 साल से कम आयु वाले इस खेल से बाहर रहेंगे। सट्टे की पूरी प्रक्रिया कैशलेस होगी और इनसे जुड़ी बेवसाइट पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक चीजें प्रकाशित नहीं की जा सकेंगे। सट्टे से होने वाली कमाई पर इनकम टैक्स भी देना होगा। सट्टा लगाने की सीमा तय करने के पीछे आयोग की मंशा किसी भी व्यक्ति को पूर्ण रूप से बर्बाद होने से बचाना है। जैसा कि महाभारत काल में पांडवों के साथ हुआ। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जैसा कि पता चलता है कि मैच पर लगने वाले सट्टा पर रोक लगाने में पूर्ण कामयाबी नहीं मिली है। इससे कालेधन को बढ़ावा मिलता है। आयोग ने यह भी कहा है कि सट्टे को कानूनी रूप देने के लिए आईटी एक्ट में बदलाव करना होगा।

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