संकट /Jet Airways से 8 हजार करोड़ की वसूली के लिए बैंकों ने बनाया नया प्लान

  • ऋण वसूली ट्रिब्यूनल में जा सकते हैं कर्जदाता
  • पहले से ही गिरवी रखी हैं जेट की संपत्तियां

Money Bhaskar

Apr 21,2019 06:03:48 PM IST

नई दिल्ली। जेट एयरवेज के कर्जदाता जहां अस्थाई रूप से बंद हुई एयरलाइन की हिस्सेदारी बेचने को लेकर आश्वस्त हैं, वहीं, उन्होंने वैकल्पिक योजना भी तैयार कर ली है, जिसमें कंपनी को ऋण वसूली ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में खींचना भी शामिल है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

गिरवी पड़ी है जेट एयरवेज की संपत्ति
उद्योग के जानकार सूत्रों ने बताया कि हिस्सेदारी बेचने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, डीआरटी पर आखिरी विकल्प के तौर पर विचार किया जा रहा है। बैंकिंग उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, डीआरटी ले जाना अभी भी आखिरी विकल्प है। यह वसूली की सामान्य प्रक्रिया है, अगर हिस्सेदारी बेचने के उपाय असफल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास 16 विमान और कुछ संपत्तियां हैं, जो पहले से ही गिरवी रखी हुई हैं। डीआरटी बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों को अपने ग्राहकों से कर्ज की वसूली करने में मदद करता है। डीआरटी के पास जाना आखिरी विकल्प है। पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि कर्जदाता, एयरलाइन को एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में घसीटेंगे।

एयरलाइन पर है 8 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज
एयरलाइन के ऊपर कर्जदारों का 8,000 करोड़ रुपए बकाया है। वर्तमान में कर्जदाता हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के इच्छुक हैं। एक दूसरे सूत्र ने बताया कि हमारे पास कुछ गंभीर और इच्छुक बोलीदाता हैं। हमें 10 मई तक आखिरी बोली प्राप्त होने की उम्मीद है।

X
COMMENT

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.