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जानकारी / कई बड़ी कंपनियां के विज्ञापन भ्रामक, जांच के दायरे में

NIIT, अमूल, कोलगेट, टाटा मोटर्स, वोडाफोन समेत कई बड़ी कंपनियों के विज्ञापनों पर उठे सवाल

ASCI upholds complaints against 229 misleading advertisements including Amul colgate vodafone
  • सबसे ज्यादा भ्रामक विज्ञापन हेल्थकेयर सेक्टर से रहे। 
  • 83 भ्रामक विज्ञापन शिक्षा क्षेत्र के रहे।
  • 70 विज्ञापनों के ब्रांड्स ने अपने विज्ञापनों को सभी प्लेटफाॅर्म से हटा लिया।

नई दिल्ली.

टीवी और सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों को देखकर अगर आप भी प्रोडक्ट्स खरीदते हैं, तो यह खबर आपके काम ही है। विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था Advertising Standards Council of India (ASCI) के मुताबिक टीवी पर आने वाले कई विज्ञापन सही नहीं पाए गए हैं। ASCI ने 334 विज्ञापनों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच करने के बाद 229 विज्ञापनों को भ्रामक की श्रेणी में रखा है। इसमें NIIT, अमूल, कोलगेट, टाटा मोटर्स, वोडाफोन, मारुति सुजुकी समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

 

सबसे ज्यादा भ्रामक विज्ञापन हेल्थकेयर सेक्टर से

एजेंसी की खबर के मुताबिक ASCI ने मार्च में 229 भ्रामक विज्ञापनों पर की गई शिकायतों को सही ठहराया था। 229 भ्रामक विज्ञापनों में से 123 विज्ञापन हेल्थेकयर सेक्टर से रहे। 83 विज्ञापन शिक्षा क्षेत्र से, फूड एंड बेवरेज सेक्टर से 7 विज्ञापन और पर्सनल केयर से 2 विज्ञापन भ्रामक पाए गए। 14 विज्ञापन अन्य श्रेणी के रहे। हेल्थकेयर सेक्टर के 123 विज्ञापनों में से 100 से ज्यादा विज्ञापन Drugs and Magic Remedies (DMR) नियम का उल्लंघन करते पाए गए।

 

70 विज्ञापनों को प्लेटफॉर्म से हटाया गया

ASCI के निरीक्षण में मौजूद 187 विज्ञापनों में से 70 शिकायतों को तत्काल हल कर लिया गया। इन विज्ञापनों के ब्रांड्स ने विज्ञापनों को सभी प्लेटफाॅर्म से हटा लिया। 117 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को बरकरार रखा गया, जिसमें से 79 शिक्षा क्षेत्र से जुड़े थे, 30 स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से, 4 फूड एंड बेवरेज सेक्टर से और 4 अन्य कैटेगरी से।

 

वोडाफोन का दावा निकला गलत

एजेंसी के मुताबिक, वोडाफोन के सुपरनेट 4G विज्ञापन में हर घंटे एक टॉवर लगाने का दावा भी भ्रामक है, क्योंकि इस बात की पुष्टि करने के लिए कोई विश्वसनीय डाटा मौजूद नहीं है। ASCI के पास 344 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें आई थीं, जिसमें से 74 विज्ञापनदाता विज्ञापन में सुधार करने को राजी हुए।

 

NIIT का विज्ञापन भी भ्रामक

एजेंसी ने NIIT के विज्ञापन के दावे को गलत ठहराया, जिसमें कहा गया था कि छात्रों को ‘5,000 निश्चित नौकरियां दी जाएंगी।’ इस विज्ञापन को लेकर एजेंसी ने कहा कि, छात्रों को प्रोविजनल ऑफर दिया जाता है, लिहाजा निश्चित नौकरी का वादा नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं इस दावे को प्रमाणित करने के लिए NIIT के पास कोई विश्वसनीय डाटा भी नहीं था।

 

अमूल के विज्ञापन पर भी सवाल

ASCI ने अमूल के गुजराती विज्ञापन पर सवाल उठाया। इस विज्ञापन में कहा गया कि अमूल घी शुद्धता का वादा है और सिर्फ यही घी सौ फीसदी शुद्ध है। इस विज्ञापन के बारे में एजेंसी ने कहा कि, इससे ऐसा भाव जा रहा है कि सिर्फ अमूल घी ही शुद्ध है और बाकी ब्रांड्स का घी शुद्ध नहीं होता है, जबकि इसे साबित करने के लिए कंपनी के पास कोई डाटा भी नहीं है।

 

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