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हवाई यात्रा करने जा रहे हैं तो इस खास बात का जरूर रखें ध्यान, पैसे बचेंगे

तकरीबन सभी ट्रैवल वेबसाइट्स और पोर्टल्स देते हैं यह सुविधा

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नई दिल्ली.

मौजूदा समय में हवाई यात्रा करना काफी सुविधाजनक और किफायती हो गया है। ऐसे में अब पहले की तुलना में ज्यादा लोग हवाई यात्रा का चयन करते हैं। हालांकि इसमें जो चीज ग्राहकों को अब भी परेशान करती है, वह है टिकट कैंसल कराने पर कटने वाला शुल्क। अगर आपको किसी वजह से अपना टिकट कैंसल कराना पड़े तो आपके टिकट की कीमत का बड़ा हिस्सा शुल्क के तौर पर काट लिया जाता है और आपको थोड़ी सी राशि लौटा दी जाती है। ऐसे में अगर आप फुल रिफंड का ऑप्शन चुनते हैं तो आपको टिकट कैंसल कराने पर तकरीबन पूरा पैसा वापस मिल जाता है। कई ऑनलाइन पोर्टल ऐसी योजनाएं लेकर आ रहे हैं, जिनमें यात्रियों काे पैसा रिफंड कर दिया जाता है।

 

मिलती है शुल्क से राहत

अगर आप फुल रिफंड का ऑप्शन चुनते हैं तो विमानन कंपनियां टिकट रद्द कराने पर भारी भरकम शुल्क नहीं काट पातीं और ग्राहकों को राहत मिल जाती है। उदाहरण के लिए पिछले साल के आखिर में मुंबई से दिल्ली के लिए सबसे सस्ता हवाई टिकट 2,451 रुपए का था। अगर उस वक्त आप टिकट कैंसल कराते तो बतौर शुल्क आपके 2,016 रुपए काट लिए जाते। वहीं अगर आप टिकट बुक कराते वक्त ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल यात्रा से जीरो कैंसलेशन प्लान चुन लेते तो टिकट कैंसल कराने की सूरत में आपको सिर्फ 849 रुपए देने पड़ते।

 

सभी ऑनलाइन पोर्टल पर मिलता है विकल्प

ज्यादातर लोग अब ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल से टिकट बुक कराते हैं। तकरीबन सभी पोर्टल्स लोगों को यह सहूलियत देते हैं कि वे फुल रिफंड का ऑप्शन चुन सकें। Yatra, MakeMyTrip, PayTm, GoIbiboजैसी ज्यादातर ट्रैवल वेबसाइट पर यह सुविधा मौजूद है। लेकिन इसमें एक शर्त भी है। इनमें से ज्यादातर वेबसाइट पूरा किराया तभी लौटाती हैं, जब ग्राहक उड़ान रवाना होने से 24 घंटे पहले ही टिकट कैंसल करा ले। अगर टिकट 24 घंटे पहले कैंसल कराया गया हो तो किराए में से सुविधा शुल्क निकालकर बाकी बचा किराया यात्री को लौटा दिया जाता है। लेकिन अगर आपने टिकट तक कैंसल कराया हो जब उड़ान रवाना होने में 24 घंटे भी नहीं बचे हों, तो विमानन कंपनी का तय कैंसलेशन शुल्क काटा जाता है और बची हुई रकम ही वापस की जाती है।

 

 

फ्लेक्सी फेयर भी है विकल्प

यात्रियों के पास फुल रिफंड पाने का दूसरा विकल्प है फ्लेक्सी किराया। कम बजट वाली कुछ विमानन कंपनियां और पूरी सेवा देने वाली ज्यादातर विमानन कंपनियां यह विकल्प देती हैं। इसमें यात्री अपनी यात्रा का दिन या समय बदल सकता है और इसके लिए उसे किसी तरह का शुल्क भी नहीं देना पड़ता। जैसे IndiGo कंपनी अपने यात्रियों को अपने शेड्यूल में बार-बार बदलाव करने का मौका देती है और इसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं लेती है। IndiGo में आप जितनी बार चाहें, अपना शेड्यूल बदल सकते हैं। अगर उड़ान का समय बदलने पर टिकट महंगा पड़ता है तो आपको केवल कीमत का वह अंतर ही देना पड़ता है। विमानन कंपनिया आम तौर पर इसे रीशेड्यूलिंग कहती हैं और उड़ान रवाना होने से दो घंटे पहले तक कार्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है।

 

 

दोनों में से क्या बेहतर

जीरो कैंसिलेशन और फ्लेक्सी फेयर में से कौन से विकल्प बेहतर है यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन से विकल्प में यात्री को कितना पैसा देना पड़ रहा है। ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट आपसे जो भी प्रीमियम वसूल रहा है, उसकी तुलना में फ्लेक्सी फेयर का विकल्प सस्ता पड़ रहा है तो फ्लेक्सी फेयर को ही चुनना समझदारी की बात होगी। हमेशा यह देखिए कि फ्लेक्सी फेयर की सुविधा देने वाली कंपनी आपसे कितनी रकम ले रही है। यदि वहां टिकट सस्ता पड़ता है तो उसे चुनिए। अगर ऐसा नहीं है तो जीरो कैंसलेशन का विकल्प चुनिए और टिकट कैंसल होने की सूरत में पूरा किराया वापस ले लीजिए।

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