विज्ञापन
Home » Industry » Service SectorIPPB became the world largest rural banking network

दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क बना IPPB, सेवा केंद्रों की संख्या एक लाख 26 हजार के पार

2017 को रायपुर और राँची में एक-एक शाखा के साथ इसकी शुरुआत हुई थी।

IPPB became the world largest rural banking network

पाँच महीने पहले औपचारिक रूप से लॉन्च किये गये भारतीय डाक भुगतान बैंक (IPPB) के सेवा केंद्रों की संख्या एक लाख 26 हजार को पार कर गयी है और यह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क बन चुका है। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को आईपीपीबी की दूसरी वर्षगाँठ समारोह में यह बात कही। आईपीपीबी को 20 जनवरी 2017 को लाइसेंस मिलने के 10 दिन बाद ही 30 जनवरी 2017 को रायपुर और राँची में एक-एक शाखा के साथ इसकी शुरुआत हुई थी।

नई दिल्ली। पाँच महीने पहले औपचारिक रूप से लॉन्च किये गये भारतीय डाक भुगतान बैंक (IPPB) के सेवा केंद्रों की संख्या एक लाख 26 हजार को पार कर गयी है और यह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क बन चुका है। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को आईपीपीबी की दूसरी वर्षगाँठ समारोह में यह बात कही। आईपीपीबी को 20 जनवरी 2017 को लाइसेंस मिलने के 10 दिन बाद ही 30 जनवरी 2017 को रायपुर और राँची में एक-एक शाखा के साथ इसकी शुरुआत हुई थी।  650 शाखाओं के साथ पिछले साल एक सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी औपचारिक शुरुआत की थी। श्री सिन्हा ने बताया कि आईपीपीबी का उद्देश्य सबसे कम लागत और सबसे ज्यादा सुविधा वाला बैंक बनाना है। यह बैंकिंग सेवाओं की होम डिलीवरी का नाम है। 

यह भी पढ़ें: सरकार ने किया आधिकारिक ऐलान, 1 फरवरी को पेश होगा अंतरिम बजट 

 

पाँच महीने में IPPB के एक लाख 26 हजार से ज्यादा सेवा केंद्र खोले गये


उन्होंने बताया कि रोजाना 800 से ज्यादा के हिसाब से पाँच महीने में आईपीपीबी के एक लाख 26 हजार से ज्यादा सेवा केंद्र खोले गये हैं और सप्ताह 10 दिन में इनकी संख्या एक लाख 36 हजार को पार कर जायेगी। दो लाख 50 हजार डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि डाक बैंक मोदी सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के सिद्धांत को चरितार्थ करता है। इसकी विश्वसनीयता तथा ग्रामीण इलाकों में पहुँच सबसे ज्यादा है और यह सबसे बड़ा ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क बन चुका है। इससे बैंकिंग और भुगतान सरल बना है। संचार मंत्री ने बताया कि 29 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने आईपीपीबी में  खाता खोला है और डाक घरों के एक लाख से ज्यादा बचत खाताधारकों ने अपने  खाते को आईपीपीबी खाते में बदला है। 

 

यह भी पढ़ें: कानून से मत खेलो, 10 Cr जमा कराओ फिर जाओ विदेश; SC ने कार्ति चिदम्बरम से कहा 

 

इस अवसर पर विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया


इस अवसर पर वित्तीय समावेशन पर एक  विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया जिसका पहला एल्बम श्री सिन्हा ने वित्त  मंत्री पीयूष गोयल को भेंट किया। यह डाक टिकट पद्म विभूषण सतीश गुलजार की  पेंटिंग पर आधारित है। इसके अलावा एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया  जिसमें डाक बैंक के लक्ष्य, महत्त्व और उपलब्धियों को रेखांकित किया गया  है।  विभिन्न सर्किलों में आईपीपीबी का कारोबार बढ़ाने के लिए सराहनीय  काम करने वाले डाक कर्मचारियों तथा अधिकारियों को दोनों मंत्रियों ने  पुरस्कार देकर सम्मानित किया।  इस अवसर पर आईपीपीबी के मुख्य कार्यकारी  अधिकारी सुरेश शेट्टी, डाक विभाग के सचिव अनंत नारायण नंदा और विभाग की  महानिदेशक मीरा हांडा भी मौजूद थीं।
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन