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Home » Industry » Service SectorTRAI Chairman says Many television channels may closed after new regulations

जल्द बंद हो सकते हैं सैकड़ों टीवी चैनल, TRAI के चेयरमैन ने बताई वजह

31 जनवरी से लागू होने हैं ट्राई के नए नियम

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नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने गुरुवार को कहा कि उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के चैनल चुनने की पूरी आजादी देने के बाद सिर्फ लोकप्रिय चैनल ही अपना अस्तित्व बचा पाएंगे और शेष चैनल अपने-आप बंद हो जाएंगे। प्रगति मैदान में प्रसारण अभियंता सोसाइटी (बीईएस) की प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर ट्राई चेयरमैन ने कहा कि नयी व्यवस्था से वे चैनल अपने-आप समाप्त हो जाएंगे जिन्हें कोई नहीं देखता। इससे चैनलों को लेकर शिकायतों में भी कमी आएगी।

 

नई व्यवस्था में कई खामियों को ठीक किया
ट्राई अध्यक्ष ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में कुछ खामियां थीं, जिन्हें नई व्यवस्था में ठीक किया गया है। उपभोक्ता को पता नहीं था कि वह जो चैनल देख रहा है उसकी कीमत क्या है। उपभोक्ता को अपनी पसंद का चैनल चुनने की पूरी स्वतंत्रता भी नहीं थी। कार्यक्रम बनाने वाले चैनल को उसके उत्पाद की कीमत तय करने का अधिकार नहीं था। उपभोक्ता और उत्पादक दोनों के लिए वितरक ही दर तय करता था। उन्होंने कहा कि उत्पादक से एक रुपए में खरीदी गई चीज ग्राहक को पांच रुपये में दी जा रही थी। इसके अलावा कोई एक वितरक जो उत्पाद पांच रुपए में दे रहा था, वही उत्पाद दूसरा वितरक 20 रुपए में दे रहा था। अब सब कुछ ठीक हो गया है। उत्पादक को स्पष्ट जानकारी होगी कि कितने लोग उसके चैनल को पसंद कर रहे हैं और इस प्रकार उसे कार्यक्रम बनाने और चैनल का किराया तय करने में आसानी होगी।

डिजिटाइजेशन ने सबकुछ संभव किया

 

उन्होंने कहा कि पहले जब चीजें पूरी तरह डिजिटाइज नहीं हुई थीं, यह करना संभव नहीं था। लेकिन, अब सेटटॉप बॉक्स के माध्यम से सबकुछ डिजिटाइज होने के बाद हमने सोचा कि अब उपभोक्ता को सीधे प्रसारक से जोड़ा जा सकता है। ट्राई अध्यक्ष ने बताया कि अभी ऐसी तकनीक पर काम चल रहा है कि एक ही सेटटॉप बॉक्स हर वितरक के कनेक्शन के साथ काम करे। ट्राई का प्रयास है कि यह जल्द से जल्द हो। तकनीक विकसित करने के लिए सी-डॉट तथा अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ मिलकर काम चल रहा है।

 

31 जनवरी से लागू होनी है नई व्यवस्था


ट्राई के दिशा निर्देश के हिसाब से 29 दिसंबर से केबल और डीटीएच सेवा प्रदाता को ग्राहकों को पैकेज की बजाय अपनी मर्जी का चैनल चुनने की छूट देना अनिवार्य किया गया है। हर चैनल को अपना किराया तय करने छूट दी गई है तथा ग्राहक को उतना ही पैसा देना होग जितने चैनल वह चुनेगा। हालांकि, वितरकों के अनुरोध पर यह व्यवस्था लागू करने की अंतिम समय सीमा में 31 जनवरी तक ढील दी गई है। 

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