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लालू की चाल चले रेल मंत्री पीयूष गोयल, अब ट्रेनों में फिर से मिलेगा कुल्हड़

कम मांग के चलते बंद हुआ था कुल्हड़ का प्रयोग 

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नई दिल्ली. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रेनों में एक बार फिर से कुल्हड़ के प्रयोग का आदेश दिया है। गोयल ने एक ट्वीट में लिखा कि अब ट्रेन में रेल सफर करने वाले यात्रियों को चाय, लस्सी समेत अन्य पेय पदार्थ मिट्टी से बने कुल्हड़, गिलास और प्यालो में दिए जाएंगे। उनके मुताबिक इससे देश के घरेलू उद्योग को सहारा मिलेगा और उनको आर्थिक तौर पर फायदा पहुंचेगा। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह काफी अहम अहम कदम होगा।

 

रायबरेली और वाराणसी स्टेशन से शुरू होगा सर्विस 

ट्रेन में जिन कुल्हड़ का प्रयोग किया जाएगा, वो Terracotta से बने हुए होंगे। सबसे पहले इन्हें रायबरेली और वाराणसी स्टेशन से शुरू किया जाएगा। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन ने कहा कि इससे न सिर्फ भारत की सदियों में पुरानी परंपरा को जीवित रखने में मदद मिलेगी, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 

कम मांग के चलते बंद हुआ था कुल्हड़ का प्रयोग 

बता दें के पीयूष गोयल से पहले लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए इस तरह की योजना शुरू की गई थी। हालांकि सत्ता परिवर्तन के साथ इसे बंद कर दिया गया था। इस मामले में IRCTC ने रेल बोर्ड को एक प्रस्ताव भेजा था। जिसके कहा गया था कि ट्रेनों में कुल्हड़ की मांग कम है। ऐसे में इसे बंद करने की मांग की गई थी, जिसे रेलवे बोर्ड ने मान लिया था।   

क्या होते हैं टेराकोटा के बर्तन 

टेराकोटा के बर्तन बनाने के लिए विशेष प्रकार की लाल मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। इस मिट्टी को पकाकर सजावटी समान बनाने की कला को टेराकोट कहा जाता है। टेराकोट शैली में बने मिट्टी के बर्तन भारत में 3000-15000 ईसा पूर्व की मोहनजोदड़ों की खुदाई में मिले थे। 

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