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फरवरी में सर्विस PMI 6 माह के निचले स्‍तर पर, महंगाई बढ़ने का दि‍खा असर

बढ़ती महंगाई की वजह की से नवंबर के बाद पहली बार फरवरी में भारत की सर्वि‍स इंडस्‍ट्रीज में गि‍रावट आई है।

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नई दि‍ल्‍ली. बढ़ती महंगाई की वजह से नवंबर के बाद पहली बार फरवरी में भारत की सर्वि‍स इंडस्‍ट्रीज में गि‍रावट आई है। नि‍क्‍कई इंडि‍या सर्वि‍सेज बि‍जनेस एक्‍टि‍वि‍टी इंडेक्‍स (पीएमआई) फरवरी में गि‍रावट के साथ 47.8 पर पहुंच गया है जबकि‍ जनवरी में यह 51.7 पर था। यह लेवल अगस्‍त के बाद सबसे कम है। इसके पीछे कीमतों पर बढ़ते दबाव की वजह से नए बि‍जनेस ऑर्डर्स मेंं आई गि‍रावट है।  बीते साल सर्वि‍सेज एक्‍टि‍वि‍टी को नोटबंदी की वजह से सबसे ज्‍यादा नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा, 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने की वजह से डि‍मांड को बड़ा झटका लगा था। 

 

नए काम में आई गि‍रावट
आईएचएस मार्कि‍ट के इकोनॉमि‍स्‍ट आशना डोधि‍आ ने कहा कि‍ नवंबर के बाद पहली बार एक्‍टि‍वि‍टी और नए काम दोनों में गि‍रावट आई है। अगस्‍त के बाद महंगाई दर में दबाव की वजह से भारत के सर्वि‍स सेक्‍टर में हालि‍या रि‍कवरी खत्‍म हो गई है। वहीं, एक सब-इंडेक्‍स ट्रैकिंग के हि‍साब से ज्‍यादा कीमत के कारण डि‍मांड प्रभावि‍त हुई है और नया बि‍जनेस 48.0 के साथ छह माह के नि‍चले लेवल पर पहुंच गया है जोकि‍ जनवरी में 51.7 पर था।  

 

7 माह में सबसे तेजी बढ़ी कीमतें

सर्वे में कहा गया है कि‍ सात माह में सबसे तेज गति‍ के साथ कीमतें बढ़ी है। इनपुट कॉस्‍ट में तेजी आने से सर्वि‍सेज कंपनि‍यों को कस्‍टमर्स पर बोझ डालने के अलावा दूसरा कोई रास्‍ता नहीं मि‍ला है। जनवरी में हल्‍की गि‍रावट के बाद भी फ्यूल कीमतें अब भी ज्‍यादा हैं।

 

RBI बढ़ा सकता है ब्‍याज दरें

यह भी माना जा रहा है कि‍ आने वाल साल में सरकार की ओर से खर्च बढ़ाने की वजह से महंगाई दर ज्‍यादा हो सकती है। रि‍जर्व बैंक ऑफ इंडि‍या ने महंगाई दर के लि‍ए मीडि‍यम टर्म टारगेट 4 फीसदी रखा है। इससे यह भी संकेत मि‍ल रहे हैं कि‍ आरबीआई की ओर से बेंचमार्क दरों में इजाफा हो सकता है।

 

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