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रोज-रोज बनाने का झंझट खत्म, 'heat and eat' तरकीब से डेढ़ साल तक खा सकते हैं इस बिरयानी और कढ़ी-चावल को

एक साल में कारोबार को 30 लाख से 2.5 करोड़ रुपए कर दिया

Success Story: Ready to eat processed food business Vishal Goyal

ठेले पर बिकने वाले खाने को स्ट्रीमलाइन करने के ख्याल के साथ आईआईएफटी से एमबीए करने वाले विशाल गोयल ने अपनी सेविंग्स से बिजनेस शुरू किया। वित्त वर्ष 2016-17 में उन्हें ख्याल आया कि जो खाना बच जाता है उसे कैसे प्रिजर्व किया जाए और इस काम के लिए टेक्नोलॉजी से क्या सपोर्ट लिया जा सकता है। रिसर्च करने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ रेडी टू ईट बिजनेस शुरू किया। पहले साल वित्त वर्ष 2016-17 के अक्टूबर-मार्च में उनका टर्नओवर 30 लाख रुपए का रहा जो वित्त वर्ष 2017-18 में 2.5 करोड़  रुपए का हो गया और चालू वित्त वर्ष 2018-19 में गोयल को यह टर्नओवर 6-8 करोड़ रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि एक बार जो प्रोडक्ट तैयार हो जाते हैं उन्हें आप 18 माह तक खा सकते हैं। इनमें बिरयानी, पुलाव, कढ़ी-चावल एवं कई अन्य प्रकार की वेजिटेबल्स शामिल हैं।

मनी भास्कर 

ठेले पर बिकने वाले खाने को स्ट्रीमलाइन करने के ख्याल के साथ आईआईएफटी से एमबीए करने वाले विशाल गोयल ने अपनी सेविंग्स से बिजनेस शुरू किया। वित्त वर्ष 2016-17 में उन्हें ख्याल आया कि जो खाना बच जाता है उसे कैसे प्रिजर्व किया जाए और इस काम के लिए टेक्नोलॉजी से क्या सपोर्ट लिया जा सकता है। रिसर्च करने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ रेडी टू इट बिजनेस शुरू किया। पहले साल वित्त वर्ष 2016-17 के अक्टूबर-मार्च में उनका टर्नओवर 30 लाख रुपए का रहा जो वित्त वर्ष 2017-18 में 2.5 करोड़  रुपए का हो गया और चालू वित्त वर्ष 2018-19 में गोयल को यह टर्नओवर 6-8 करोड़ रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि एक बार जो प्रोडक्ट तैयार हो जाते हैं उन्हें आप 18 माह तक खा सकते हैं। इनमें बिरयानी, पुलाव, कढ़ी-चावल एवं कई अन्य प्रकार की वेजिटेबल्स शामिल हैं।


आईआईएफटी से एमबीए गोयल मशरूम को भी करते हैं प्रोसेस

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) से एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले गोयल कारोबार शुरू करने से पहले एस्सार जैसी कंपनी में नौकरी भी की। गोयल ने बताया कि उनकी सैलरी अच्छी-खासी थी, लेकिन उनके दिमाग में अपने कारोबार का जुनून था। यही वजह है कि उन्होंने बिजनेस शुरू करने से पहले नौकरी को पूरी तरह से छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि भारत में रेडी टू ईट कारोबार का साइज काफी कम है क्योंकि हमारे देश में इसकी मांग कम है। लेकिन गोयल विदेश को अपना लक्ष्य मानते हैं। हाल ही में उन्होंने सऊदी में अपना पहला कनसाइनमेंट भेजा है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जर्मनी जैसे देशों में अपने सामान को भेजना उनका लक्ष्य है।


रोजाना 13 टन मशरूम को प्रोसेस करते हैं

गोयल ने बताया कि जल्द ही उनकी कंपनी यम्मी भोग मशरूम प्रोसेस करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी रोजाना 13 टन मशरूम को उनकी कंपनी में प्रोसेस किया जाता है। मशरूम को अलग-अलग टेस्ट में प्रोसेस किया जाता है जिसे आप 18 महीने तक रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि सोनीपत में स्थित उनकी कंपनी में आसपास के सैकड़ों किसान अपने मशरूम को बेचने आते हैं, फिर भी उन्हें बाहर से मशरूम मंगाना पड़ता है। यम्मी भोग के मैनेजिंग डायरेक्टर गोयल ने बताया कि प्रोसेस्ड बिरयानी के 250 ग्राम का पैकेट 90 रुपए में बेचा जाता है।

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