UPSC परीक्षा दिए बिना प्राइवेट नौकरी वाले बन सकेंगे सरकारी अफसर

  • 2005 में जब प्रशासनिक सुधारों के लिए पहली रिपोर्ट पेश की गई उस समय ब्यूरोक्रेसी में लेटरल एंट्री का पहला प्रस्ताव रखा गया था। 
  • मोदी सरकार ने 2015 में लेटरल एंट्री प्रोसेस में बड़ा संशोधन किया। 

Money Bhaskar

Apr 14,2019 07:14:00 PM IST

नई दिल्ली. लेटरल एंट्री प्रोसेस (Lateral Entry Process) के जरिए भारत सरकार का अफसर बना जा सकता है, वो भी बिना कोई आईएएस परीक्षा पास किए। यह प्रोसेस पहले से मौजूद था। वर्ष 2005 में जब प्रशासनिक सुधारों के लिए पहली रिपोर्ट पेश की गई उस समय ब्यूरोक्रेसी में लेटरल एंट्री का पहला प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद वर्ष 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई।

9 लोगों को लेटरल प्रक्रिया से दी एंट्री

हालांकि पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में इसकी संभावना तलाशने के लिए एक समिति बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की अनुशंसा की। इसी के तहत भारत सरकार ने 12 अप्रैल को एक झटके में विभिन्‍न क्षेत्रों से आने वाले 9 विशेषज्ञों को संयुक्‍त सचिव बनाया है। लेटरल प्रवेश प्रक्रिया के जरिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग मामलों के विशेषज्ञ सरकार में शामिल होंगे।

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