विज्ञापन
Home » Industry » Service SectorLateral Entry Process In Govt

UPSC परीक्षा दिए बिना प्राइवेट नौकरी वाले बन सकेंगे सरकारी अफसर

भारत सरकार ने 12 अप्रैल को 9 लोगों को इस प्रक्रिया से संयुक्‍त सचिव बनाया है। 

1 of

नई दिल्ली. लेटरल एंट्री प्रोसेस (Lateral Entry Process) के जरिए भारत सरकार का अफसर बना जा सकता है, वो भी बिना कोई आईएएस परीक्षा पास किए। यह प्रोसेस पहले से मौजूद था। वर्ष 2005 में जब प्रशासनिक सुधारों के लिए पहली रिपोर्ट पेश की गई उस समय ब्यूरोक्रेसी में लेटरल एंट्री का पहला प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद वर्ष 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई।

 

9 लोगों को लेटरल प्रक्रिया से दी एंट्री 

हालांकि पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में इसकी संभावना तलाशने के लिए एक समिति बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की अनुशंसा की। इसी के तहत भारत सरकार ने 12 अप्रैल को एक झटके में विभिन्‍न क्षेत्रों से आने वाले 9 विशेषज्ञों को संयुक्‍त सचिव बनाया है। लेटरल प्रवेश प्रक्रिया के जरिए पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग मामलों के विशेषज्ञ सरकार में शामिल होंगे। 

 

कौन होते हैं इस पद के लिए योग्य 

सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाले भी संयुक्‍त सचिव पद के योग्‍य हो सकते हैं। मोदी सरकार ने 2015 में लेटरल एंट्री प्रोसेस में बड़ा संशोधन किया। 

 

न्यूनतम 40 साल के लोग कर सकते हैं आवेदन  

नौकरी पाने वालों का कार्यकाल 3 वर्ष होता है, जिसे भारत सरकार आगे भी बढ़ा सकती है। आवेदन के लिए न्यूनतम उम्र 40 साल होती है, जबकि अधिकतम उम्र तय नहीं है। वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत जॉइंट सेक्रटरी वाला ही होता है। इसके अलावा सारी सुविधा उसी तरह मिलती हैं। कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनी समिति के इनका चयन करती है। इसके लिए मात्र इंटरव्यू देना होता है। 
 

साभार- दैनिक जागरण 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन