संसद चलने पर प्रति मिनट खर्चा 2.50 लाख रुपए, फिर भी ये सांसद रहे नदारद, बर्बाद हुए देश के सैकड़ों करोड़ रुपए

MPs performance in 16th Lok Sabha: संसद की कार्यवाही पर प्रति मिनट करीब 2.50 लाख रुपए खर्च आता है। आंकड़ों के मुताबिक अगर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे 6 घंटे चलती है तो एक दिन में 9 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।

Money Bhaskar

Mar 27,2019 08:18:00 PM IST

नई दिल्ली. संसद की कार्यवाही पर प्रति मिनट करीब 2.50 लाख रुपए खर्च आता है। आंकड़ों के मुताबिक अगर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे 6 घंटे चलती है तो एक दिन में 9 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में 15 दिन के संसद सत्र पर 135 करोड़ रुपए खर्च आता है। लेकिन सांसदों के हंगामे की वजह से आधे से ज्यादा वक्त सदन की कार्रवाई बाधित रहती है। ऐसे में अगर मान लें कि संसद में सिर्फ आधे वक्त कार्रवाई हुई, तो इस हिसाब से देश के 75 करोड़ रुपए बर्बाद हुए।

312 बैठकों में औसतन 221 बैठकों में सांसदों ने लिया हिस्सा

जब संसद चलती है, तो इसमें हिस्सा लेने वाले सांसद कम होते हैं। जो हिस्सा लेते हैं, उनमें से कुछ चुनिंदा ही सवाल पूछते हैं। एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 16वीं लोकसभा में देश के सांसदों ने औसतन संसद की 312 बैठकों में मात्र 221 में ही उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं सवाल पूछने के मामले में भी सांसदों का रिकार्ड खराब रहा। 5 साल में देश के 562 सांसदो ने औसतन 251 सवाल पूछे, जो कि आधे से भी कम है। इस दौरान संसद में 273 बिल पेश किए गए। इसमें से 240 बिल पास हुए, जबिक 10 बिल को स्थगित कर दिया गया और 23 बिल लंबित रहे।

दिल्ली के सांसदों की उपस्थिति रही सबसे ज्यादा

दिल्ली के सात लोकसभा सांसदों की संसद में सबसे ज्यादा उपस्थिति रही। इन्होंने 312 बैठकों में से 289 में हिस्सा लिया। नागालैंड के दो सांसदों की उपस्थिति सबसे कम रही। वे 312 बैठकों में में 88 में शामिल हुए। महाराष्ट्र के 50 सांसदों ने सबसे ज्यादा सवाल पूछे। उनकी ओर से हर सांसद ने औसतन 534 सवाल पूछे। सबसे कम सवाल नागालैंड के दो सासंद ने पूछा। उन्होंने औसतन 12 सवाल पूछे।

शिवसेना के सांसदों ने सबसे ज्यादा सवाल पूछे

राजनीतिक दलों के हिसाब से देखें, तो इंडियन नेशनल लोक दल के सांसदों की उपस्थिति सबसे ज्यादा रही। इन्होंने 312 बैठकों में 264 में हिस्सा लिया. NPP के दो सांसदों की उपस्थिति सबसे कम रही। उन्होंने 312 बैठकों में से 85 में हिस्सा लिया। शिवसेना के 18 सांसदों ने सबसे ज्यादा संख्या में सवाल पूछे। इसमें से प्रत्येक ने औसतन 639 सवाल पूछे। वहीं सांसदों में महाराष्ट्र की बारामाती सीट से एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने सबसे ज्यादा में सवाल पूछे।


हर सांसद पर 3 लाख से ज्यादा खर्च

संसद में काम भले ही ठप हो लेकिन माननीय सांसदों की सैलरी पूरी आनी तय है और इसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। सांसदों को अगर अपना वेतन बढ़ाना होता है तो कभी भी सदन का बहिष्कार या सदन में हंगामा नहीं होता। सरकार एक सांसद पर प्रतिमाह करीब 2.70 लाख रुपए खर्च करती है, लेकिन अप्रैल महीने से बढ़ोतरी के बाद यह खर्च करीब 50 हजार रुपए बढ़कर प्रति सांसद 3 लाख से अधिक हो जाएगा।

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