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क्रूज की लाइफ के डर्टी सीक्रेट, नौकरी करना नहीं होता आसान

क्रूज पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए काफी सख्त नियम होते हैं..

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नई दिल्ली। क्रूज की नौकरी मिलना ज्यादातर लोगों के लिए ड्रीम जॉब की तरह होता है, इसमें न केवल अच्छी सैलरी मिलती है बल्कि दुनिया में घूमने का मौका भी मिलता है। लेकिन क्या आपको पता है कि क्रूज लाइफ के अपने अजीब नियम है और यहां आपको ट्रीटमेंट आपकी पोजिशन के हिसाब से मिलचा है। क्रूज पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए काफी सख्त नियम होते हैं और उन्हें नहीं मानने पर नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे क्रूज के स्टॉफ के साथ फर्क किया जाता है।

 

 

स्टॉफ और क्रू

 

 

क्रूज पर दो तरह से लोग काम करते हैं। एक जो क्रूज पर परफॉर्म करते हैं, वह स्टॉफ कहते हैं, जबकि जो क्रूज का मैनेजमेंट देखते हैं वह क्रू कहलाते हैं। इनमें ऑफिसर से लेकर हेल्पर तक के मेंबर शामिल होते हैं। जैसे कि

 

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कैप्टन, मैनेजर, वेट्रेस, बारमैन और क्लीनर होते हैं। जबकि स्टॉफ में इवेंट मैनेजर, एंटरटेनर, शॉप वर्कर और ऑफिसर आते हैं। क्रूज पर किसी क्रू मेंबर की क्या हैसियत है, वह उसके रुम फ्लोर, काम के घंटे, ड्रेस आदि के आधार पर तय होता है।

 

 

क्रू मेंबर के लोअर स्टॉफ- बी-डेक पर रहते हैं जो वाटर लाइन के नीचे होता है। इन्हें रूम 4 लोगों के साथ शेयर करना पड़ता है। इनके केबिन में 4 बेड, एक डेस्क, टीवी, टेलिफोन और चेयर होता है।

 

क्रू मेंबर के अपर स्टॉफ-

 

 

स्टाफ मेंबर - ए-डेक शेयर करते हैं जो वाटरलाइन से ऊपर होता है। ज्यादातर स्टॉफ मेंबर का अपना रूम होता है जिससे उन्हें प्राइवेसी मिलती है। स्टॉफ मेंबर के केबिन में फ्लैट टीवी, गेम्स और मॉडर्न स्टाइल का बना होता है।

 

 

क्रू मेंबर्स सबसे लास्ट में खाते हैं खाना

 

 

क्रू मेंबर्स सबसे लास्ट में खाना खाते हैं। पैसेंजर और स्टाफ मेंबर्स, क्रू के ऑफिसर्स के बाद क्रू मेंबर्स के लोअर स्टॉफ के खाने का नंबर आता है। उन्हें अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद ही खाने की इजाजत होती है। ऐसा स्टाफ मेंबर्स के साथ नहीं हैं.. वह कभी भी खाना खा सकते हैं।

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आगे पढ़ें - क्या किए जाते हैं फर्क

हफ्ते में 100 घंटे करना पड़ता है काम

 

 

क्रू मेंबर्स के लिए यहां काम करना आसान नहीं होता। यहां हफ्ते में 100 घंटे काम करना पड़ता है। क्रूज पर काम करने के दौरान इन्हे छुट्टी या वीकली ऑफ नहीं मिलता। अगर आप 12 घंटे काम कर चुके हैं और क्रूज पर अगले 4 घंटे भी आपकी जरूरत है तो आपको काम करना होगा। जहाज पर मिडनाइट पार्टी शुरू होती हैं और सुबह 3 बजे तक चलती है। उन पार्टी में फ्री एल्काहोल सर्व होती है, तो ऐसे में कस्टमर मैक्सिमम एल्काहोल लेते हैं। उन्हें जहाज का पूल या किसी भी एरिया में घूमने की इजाजत नहीं होती। स्टॉफ मेंबर जब अपनी शिफ्ट पर नहीं होते तो वह आराम करते हैं। इन्हें शिप का प्राइवेट पूल और किसी भी एरिया में घूमने की

 

 

 

अलग-अलग देश घूमने का नहीं मिलता है मौका

 

 

स्टॉफ मेंबर अलग-अलग पोर्ट पर उतरकर अलग-अलग देश घूम लेते हैं लेकिन स्टाफ और क्रूज कर्मचारी ऐसा नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें जहाज पर काम करना होता है। उन्हें जहाज से उतरकर पोर्ट या देश घूमने का मौका कम ही मिलता है। क्रू मेंबर को जहाज पर काम करने से विदेश घूमने का मौका नहीं मिलता।

 

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नींद पूरी नहीं कर पाते क्रू मेंबर्स

 

 

एक क्रूज कर्मचारी ने ने जहाज पर काम करने के अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि उन्हें 12 घंटे काम करने के बाद रात में अधिकतम 4 से 5 घंटे एक साथ सोने के लिए मिलते हैं। ज्यादातर क्रू मेंबर तब कुछ देर की नींद लेते हैं क्योंकि एक साथ 8 घंटे सोने के लिए नहीं मिलता। कुछ महीने बाद ऐसा हो जाता है कि क्रू मेंबर जॉम्बी मोड में आ जाते हैं। जहां इतना थकने के बाद उन्हें ज्यादा फील नहीं होता।

 

 

प्यार की नहीं होती इजाजत

 

 

जहाज पर क्रू मेंबर्स और कस्टमर के बीच प्यार या रोमांस के किस्से कम होते हैं लेकिन अगर ऐसा होता है, तो जहाज के कर्मचारी को नौकरी से तुरंत निकाल दिया जाता है। उस कर्मचारी को अगले पोर्ट पर उतार दिया जाता है। कर्मचारियों के बीच प्यार से क्रूज को परेशानी नहीं होती लेकिन वह रूम शेयर नहीं कर सकते। हालांकि, स्टाफ मेंबर या हायर रैंक के अधिकारी को भी शीप पर पर पैसेंजर से प्यार करने की इजाजत नहीं होती। एक क्रूज कर्मचारी ने बताया कि अगर जहाज पर कर्मचारियों को आपस में प्यार हो जाता है तो कहानी अलग होती है। हालांकि, उन्हें अकेले वक्त बीताने के लिए वक्त और जगह दोनों ही न के बराबर मिलता है।

 

 

 

 

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