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हर राज्यों के लिए होगी अलग-अलग न्यूनतम मजदूरी, दिल्ली-मुंबई से ज्यादा इन राज्यों में होगी कमाई

खाने एवं अन्य खर्चों को शामिल कर तय की गई न्यूनतम मजदूरी

Minimum wage for indian state

Minimum wage for indian state: अब दिल्ली-मुंबई जैसे शहर कामगारों की पसंद नहीं रह जाएंगे। क्योंकि देश के इन राज्यों में काम करने पर उन्हें दिल्ली व मुंबई के मुकाबले अधिक मजदूरी मिलेगी। इन राज्यों में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।

नई दिल्ली. अब दिल्ली-मुंबई जैसे शहर कामगारों की पसंद नहीं रह जाएंगे। क्योंकि देश के इन राज्यों में काम करने पर उन्हें दिल्ली व मुंबई के मुकाबले अधिक मजदूरी मिलेगी। इन राज्यों में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इसकी मुख्य वजह है कि अब न्यूनतम मजदूरी मुख्य रूप से खाद्य एवं गैर खाद्य आइटम पर होने वाले खर्च के आधार पर तय होगी। इसके अलावा 55 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से हाउसिंग भत्ता मिलेगा।

 

देशभर में एक जैसी नहीं होगी न्यूनतम मजदूरी 

नेशनल मिनिमम वेज को लेकर श्रम मंत्रालय ने एक्सपर्ट की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के लिए एक जैसी न्यूनतम मजदूरी नहीं होगी। राज्यों को पांच रिजन में बांटा गया है। रिजन के बंटवारे के दौरान कई बातों का ख्याल रखा गया। एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश को सरकार मान लेती है तो न्यूनतम मजदूरी की सबसे अधिक दर 446.6 रुपए प्रतिदिन होगी। यह दर रिजन चार के लिए तय की गई है। रिजन चार में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ शामिल हैं। यानी कि इन राज्यों में किसी भी कामगार से एक दिन काम कराने के बदले 446.6 रुपए देने ही पड़ेंगे। इस हिसाब से महीने में 26 दिन काम करने पर 11,611 रुपए की मजदूरी मिलेगी।

 

इन जगहों पर 26 दिन काम करने पर कम से कम 10,775.5 रुपए

रिजन तीन के लिए न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 414.4 रुपए तय की गई है। रिजन तीन में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल एवं पांडिचेरी शामिल हैं। इन जगहों पर 26 दिन काम करने पर कम से कम 10,775.5 रुपए मिलेंगे। रिजन पांच के लिए 385.8 रुपए प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। इस रिजन में नार्थ-ईस्ट के सभी राज्य शामिल हैं। यहां 26 दिन काम करने पर कम से कम 10030 रुपए मिलेंगे। न्यूनतम मजदूरी के मामले में दिल्ली-उत्तर प्रदेश के लिए अपेक्षाकृत कम दरें तय की गई हैं।

 

पंजाब हरियाणा के मुकाबले दिल्ली में कम होगी मजदूरी

दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश को बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश एवं पश्चिमबंगाल के साथ रिजन एक में शामिल किया गया है। इस रिजन के लिए न्यूनतम मजदूरी की दर सिर्फ 341.5 रुपए तय की गई है। यानी कि इन राज्यों में 26 दिन काम करने पर 8879 रुपए मिलेंगे जो कि हिमाचल, पंजाब एवं हरियाणा के मुकाबले लगभग 3000 रुपए कम है। रिजन दो में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर एवं राजस्थान शामिल हैं। इन राज्यों के लिए 380.2  रुपए प्रतिदिन की न्यूनतनम मजदूरी होगी। यहां 26 दिनों तक काम करने पर 9885.2 रुपए मिलेंगे। इसके अलावा सभी रिजन में रहने के लिए अलग से हाउसिंग भत्ता देना होगा जो कि 55 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाएगा।

 

कमेटी ने हर पांच साल पर न्यूनतम मजदूरी दरों को रिवाइज करने की दी सिफारिश 

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खाने के लिहाज से रिजन तीन एवं चार को अन्य रिजन के मुकाबले महंगा बताया है। न्यूनतम मजदूरी तय करने के दौरान प्रति व्यक्ति रोजाना 2400 कैलोरी के उपभोग को ध्यान में रखा गया। एक घर में 3.6 यूनिट के उपभोग के हिसाब से खाने एवं अन्य खर्च को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। कमेटी ने हर पांच साल पर इस न्यूनतम मजदूरी की दरों को रिवाइज करने की भी सिफारिश की है।

 

कमेटी 18 अप्रैल के बाद लेगी फाइनल फैसला 

औद्योगिक संगठनों का भी यह कहना था कि न्यूनतम मजदूरी अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग होनी चाहिए। क्योंकि सभी राज्यों में एक जैसे खर्च नहीं हैं। एक्सपर्ट कमेटी की इस रिपोर्ट पर श्रम मंत्रालय ने स्टेकहोल्डर्स से राय मांगी है। 18 अप्रैल तक स्टेकहोल्डर्स अपनी राय दे सकते हैं। उसके बाद सरकार इस मामले में अंतिम फैसला लेगी।

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