मनरेगा जैसी मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना

Congress plans to give Rs 72 thousand annually:कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव जीतने पर मनरेगा की तर्ज पर न्याय योजना लागू करने का ऐलान किया है। योजना के तहत देश के करीब 5 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपए (6 हजार रुपए प्रति माह) दिए जाएंगे। इसे चुनाव पूर्व कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।  

Money Bhaskar

Mar 26,2019 07:32:00 PM IST

सौरभ कुमार वर्मा

नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने लोकसभा चुनाव जीतने पर मनरेगा की तर्ज पर न्याय योजना लागू करने का ऐलान किया है। योजना के तहत देश के करीब 5 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपए (6 हजार रुपए प्रति माह) दिए जाएंगे। इसे चुनाव पूर्व कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। हालांकि भाजपा इसे चुनावी प्रोपेगेंडा बताकर खारिज कर रहा है। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ एम. के. वेणु की मानें तो यह योजना पूरी तरह से जमीन पर लागू की जा सकती है। हालांकि योजना मनरेगा की तरह सफल रहेगी या नहीं, इसका जवाब उसके क्रियान्वयन पर भी निर्भर करेगा।

कई चरणों में लागू हो योजना

कांग्रेस की योजना से अर्थव्यवस्था पर 3.60 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ने के सवाल पर वेणु बताते हैं कि योजना को चरणबद्ध तरीके से अगले 5 साल में लागू किया जाएगा। ऐसे में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर इसका बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। पहले साल पूरे 5 करोड़ गरीब परिवार को फायदा नहीं दिया जाएगा। मतलब पहले साल 40 से 50 लाख अति गरीब परिवारों को योजना का फायदा दिया जाएगा, जो कि एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह होगा। अगले साल इन 50 लाख परिवारों के साथ 50 लाख नए परिवारों को योजना का फायदा मिलेगा। हर साल पुराने परिवारों की संख्या में नए परिवार जुड़ते चले जाएंगे। इस लिहाज से तीसरे साल 3 करोड़ और अगले दो साल में पूरे 5 करोड़ लोगों तक फायदा पहुंचाया जाएगा। शुरुआत में उन परिवारों को चुना जाएगा जाे बहुत ज्यादा गरीब हैं, इसके बाद हर साल कम गरीब परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा।

अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा बोझ

वेणु ने मनी भास्कर को बताया कि योजना को इस तरह से लागू करने से अर्थव्यवस्था पर पहले साल ही 3.60 लाख करोड़ खर्च नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि 3.60 लाख करोड़ रुपए देश की कुल जीडीपी का 2 प्रतिशत हिस्सा होता है। ऐसे में पहले ही साल वित्तीय घाटा 2 फीसदी तक नहीं बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो शेयर मार्केट तबाह हो जाएगा। योजना से अर्थव्यवस्था पर पडने वाले 2 प्रतिशत वित्तीय घाटे को 5 साल तक लेकर जाया जाएगा। इससे पहले साल अर्थव्यवस्था 0.2 फीसदी का बोझ पड़ेगा, जबकि दूसरे साल 0.3 फीसदी और तीसरे साल भी 0.30 फीसदी बोझ पड़ सकता है।

    X
    COMMENT

    Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

    दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

    Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.