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63 % लोग अब भी भरते हैं ये चार्ज, जबकि देना जरूरी नहीं है

कई तरह से चार्ज ऐसे हैं जो पहली नजर में कानूनी मालूम पड़ते हैं मगर वो असल में होते नहीं।

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नई दि‍ल्‍ली।  कई तरह के चार्ज ऐसे हैं जो पहली नजर में कानूनी मालूम पड़ते हैं मगर वो असल में होते नहीं। एक ताजा सर्वे के मुताबि‍क, देश में अभी भी 63 % लोग जाने अनजाने सर्वि‍स चार्ज देते हैं, जबकि‍ इसका कोई कानूनी वजूद नहीं है।  अभी केवल 37 फीसदी लोग ही सर्वि‍स चार्ज देने से मना करते हैं। यह सर्वे लोक सर्कि‍ल ने कि‍या है। इस सोशल इंगेजमेंट प्‍लेटफार्म ने ऐसे करीब 8013 लोगों से इंटरव्यू कि‍या जो लोग जनवरी माह में कि‍सी एसी रेस्‍टोरेंट में गए थे। 


इंटरव्यू में हि‍स्‍सा लेने वाले 27 फीसदी लोगों ने कहा कि रेस्‍टोरेंट ने इस तरह कोई चार्ज उनसे लि‍या ही नहीं। दस फीसदी ने कहा कि उन्‍होंने रेस्‍टोरेंट से इस चार्ज को हटाने के लि‍ए कह दि‍या और 36 फीसदी ने कहा कि उन्‍होंने बि‍ल पर गौर ही नहीं कि‍या। यानी इस हि‍साब से देखा जाए तो जि‍न लोगों पर रेस्‍टोरेंट ने सर्वि‍स चार्ज लगाया उनमें से तकरीबन 63 % लोगों ने यह चार्ज जाने या अनजाने भर दि‍या। आगे पढ़ें क्‍या है आपका अधि‍कार 

यह केवल टि‍प है 
सर्वि‍स चार्ज का कोई कानूनी वजूद नहीं है हालांकि‍ यह गैर कानूनी भी  नहीं है। यह चार्ज  रेस्‍टोरेंट वाले लगाते हैं। कंज्‍यूमर अफेयर्स मिनिस्‍टर रामविलास पासवान ने कुछ समय पहले ही साफतौर पर कह दि‍या था कि‍ रेस्‍टोरेंट इसे वसूलना बंद कर दें। पासवान के मुताबिक- सर्विस चार्ज टैक्स नहीं सिर्फ टिप है। ऐसे में अगर आप अगली बार रेस्‍टोरेंट में जाते हैं और वहां आपसे सर्विस चार्ज वसूला जाता है तो आप इससे साफ इनकार कर सकते हैं। यह नहीं अगर आपसे फिर भी यह वसूला जाता है तो आप इसकी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। इससे संबंधित कानून 1986 से ही बना हुआ है। आगे पढ़ें कहां कैसे करें शि‍कायत 

 

मजबूर नहीं कर सकते हैं होटल रेस्‍त्रां
नियम के मुताबिक, होटल या रेस्टोरेंट ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं।
अगर इसके बाद भी वे ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य करते हैं तो इसकी शिकायत कंज्यूमर फोरम, जिले के कलेक्टर या डिप्टी कमिश्नर से कर सकते हैं।
इसकी शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकती है। इसके लिए आपको core.nic.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। आगे पढ़ें इस हेल्‍पलाइन नंबर पर करें कॉल 

 

मौजूद हैं हेल्‍प लाइन नंबर भी
यही नहीं देश के सभी 28 राज्यों में जबरन सर्विस चार्ज वसूलने की शिकायत करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इनकी मदद से भी आप मौके पर ही आप अपनी शिकायत इन हेल्पलाइन नंबरों पर कर सकते हैं।
consumeraffairs.nic.in पर जाकर आप ये हेल्‍प लाइन नंबर भी हासिल कर सकते हैं। आगे पढ़ें टैक्‍स नहीं है सर्वि‍स चार्ज 

 

टैक्‍स नहीं है सर्विस चार्ज
दरअसल सर्विस चार्ज और सर्विस टैक्स दोनों अलग अलग चीजें हैं।
 सर्विस चार्ज को साधारण भाषा में ‘टिप’ कहा जाता है।
रामविलास पासवान ने भी अपने बयान में सर्विस चार्ज को टिप ही कहा है।
होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का दावा होता है कि सर्विस चार्ज के रुप में वसूले गए पैसे को वो अपने स्टाफ के बीच बांटते हैं।
फिर भी रेस्‍टोरेंट मांगे तो क्‍या करें
कई बार ऐसा होता है कि कुछ रेस्‍टोरेंट बोर्ड पर ही लिख देते हैं कि सर्विस चार्ज अप्‍लीकेबल है और चाहें तो यहां खाना खाएं या नहीं खाएं।
ऐसे हालात में आपके पास वहीं से शिकायत करने का मौका है।  
आप डिपार्टमेंट ऑफ कन्‍ज्‍यूमर अफेसयर की वेबसाइट पर जाएं। वहां कन्‍ज्‍यूमर गिवांसेज में सेगमेंट से STATE CONSUMER HELP LINE NUMBERS ले सकते हैं।
आप जिस स्‍टेट में हैं वहां का नंबर लेकर फोन करें। रेस्‍टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

 

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