Home » Industry » Retailsuccess story of retail chain operator Vmart Retail

दर्जी पिता से हुनर सीखा, खड़ा कर दिया 1250 करोड़ का गारमेंट कारोबार

क्या है, उनकी सफलता की कहानी, इस बारे में अग्रवाल ने कई बातें मनी भास्कर से शेयर कीं।

success story of retail chain operator Vmart Retail

नई दिल्ली. वी-मार्ट रिटेल लिमिटेड (V-Mart Retail) के सीएमडी ललित अग्रवाल ने सिर्फ 15 सालों में 1,250 करोड़ रुपए का कारोबार खड़ा कर दिया। देश भर में वी-मार्ट रिटेल के 182 स्टोर हैं जहां 7000 से अधिक लोग काम करते हैं। क्या है, उनकी सफलता की कहानी, इस बारे में अग्रवाल ने कई बातें मनी भास्कर से शेयर कीं। पेश हैं वी-मार्ट के सफर की कुछ रोचक बातें-

 

प्रश्नः गारमेंट का कारोबार ही क्यों चुना, कोई खास वजह?

 

उत्तरः मेरे पिताजी 1975 में दर्जी की दुकान चलाया करते थे। वहीं पर हम बैठ जाया करते थे। वहां दिन गुजारा, समझा। मतलब, बचपन से गारमेंट की समझ हो गई। कौन से कपड़े को क्या कहते हैं, माप कैसे लेते हैं, डिजाइनिंग कैसी होनी चाहिए वगैरह। आज धंधा उसी से चल रहा है। ये तो हमारे खून में दौड़ता है।

 

प्रश्नः कब शुरू किया कारोबार?

 

उत्तरः हां, कुछ दिनों के लिए मुंबई चला गया। प्रिंटिंग पैकेजिंग का काम करने। फिर हमारे कजिन है विशाल मेगामार्ट वाले। उनके साथ काम किया। वी-मार्ट का पहला स्टोर 2003 में अहमदाबाद में खोला। तब से सफर जारी है। 15 सालों में 182 स्टोर खोल चुके हैं। इस साल 30-35 स्टोर खोलने का टार्गेट है।

 

प्रश्न- कितने लोगों को रोजगार मिलता है एक स्टोर से?

 

उत्तरः एक स्टोर से 40 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलता हैं। अब तक 7000 से अधिक लोग हमारे स्टोर पर काम कर रहे हैं। इस साल भी लगभग 1400 लोगों को रोजगार मिलेंगे। एक बात और बताना चाहूंगा कि हमारे सभी स्टोर पर बिकने वाले कपड़ों को 25,000 कारीगर बनाते हैं। हम खुद मैन्युफैक्चरिंग नहीं करते हैं। हमारे 700 से अधिक सप्लायर हैं जो हमारे स्टोर के लिए गारमेंट बनाने का काम करते हैं।

 

प्रश्नः वी-मार्ट रिटेल का क्या ग्रोथ रहा पिछले साल और इस साल का कारोबार कैसा रहेगा?

 

उत्तरः पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में हमने 1,250 करोड़ रुपए का कारोबार किया। इस साल हमें 25 फीसदी ग्रोथ मिलने की उम्मीद है। 2022 तक कारोबार को 100 करोड़ डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है।

 

प्रश्नः अमेजन, फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट, अलीबाबा जैसी कंपनियां तेजी से रिटेल कारोबार में आ रही हैं, आपको डर नहीं लगता?

 

उत्तरः देखिए, सब कोई भारत के इतने बड़े अनटैप्ड मार्केट को टैप करना चाह रहा है। लेकिन हम छोटे शहरों के राजा हैं। हम क्लस्टर बेसिस पर काम करते हैं। हमारे अधिकतर स्टोर छोटे शहरों में हैं। हमें जो समझ है छोटी जगहों की, हर कोई उसे नहीं समझ सकता। वैसे भी विदेशी कंपनियों का ध्यान एफएमसीजी चेन पर है। वे भारत के कंज्यूमर मार्केट को ग्रैब करना चाहते हैं।  

 

प्रश्नः इस त्योहार में गारमेंट सस्ते दाम पर बिकेंगे या महंगे?

 

उत्तरः गारमेंट के कच्चे माल के दाम बढ़े हुए हैं। क्रूड के बढ़ने से सब कुछ प्रभावित है। कॉटन के दाम में भी तेजी है। लेकिन औरों की बात तो नहीं बता सकते, वी-मार्ट पिछले साल की प्राइस पर ही इस त्योहार में गारमेंट की बिक्री करेगी। क्योंकि हमारा वोल्यूम अधिक होता है।

 

प्रश्नः गारमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ कैसी रहेगी?

 

उत्तरः सेल्फी दुनिया है, हर कोई अच्छा दिखना चाहता है इसलिए आर्गेनाइज्ड गारमेंट इंडस्ट्री की ग्रोथ 10 फीसदी से अधिक की है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट