Home »Industry »Manufacturing» Nikkei Markit India Manufacturing PMI Increased To A Five-Month High Of 52.5 In March

मार्च में मैन्‍युफैक्‍चरिंग PMI 5 महीने के टॉप पर, एक्‍सपोर्ट और घरेलू डिमांड से मिली रफ्तार

नई दिल्‍ली. भारतीय मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर मार्च में लगातार तीसरे महीने तेजी दर्ज की गई और यह पांच महीने के टॉप पर पहुंच गया। सेक्‍टर में तेजी घरेलू और एक्‍सपोर्ट ऑर्डर में मजबूत ग्रोथ के चलते आई है। निक्‍केई मार्किट इंडिया के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। निक्‍केई मार्किट इंडिया मैन्‍युफैक्‍चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (पीएमआई) मार्च में 52.5 पर रहा। यह पांच महीने का टॉप लेवल है। फरवरी में आंकड़ा 50.7 के लेवल पर था। इंडेक्‍स के अनुसार प्रोडक्‍शन और ऑर्डर बुक में तेजी से एक्‍सपेंशन हुआ है।
 
 
नोटबंदी के बाद दिसंबर 2016 में मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर की रफ्तार कम हुई थी। इसके बाद से लगातार तीन महीने इसमें तेजी आई है। इंडेक्‍स में 50 से ऊपर का आंकड़ा एक्‍सपेंशन को और नीचे का गिरावट को दर्शाता है।
 
मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर के लिए पॉजिटिव डेवलपमेंट 
आईएचएस मार्किट की इकोनॉमिस्‍ट पालियाना डे लीमा का कहना है कि मार्च के पीएमआई डाटा भारतीय मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर के लिए पॉजिटिव डेवलपमेंट है। फैक्‍ट्री ऑर्डर्स और प्रोडक्‍शन में तेजी आई है। प्राइस को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि इनपुट और आउटपुट चार्जेज दोनों में बढ़ोत्‍तरी हुई है। फरवरी में महंगाई कम हुई। लीमा ने कहा कि इनपुट कॉस्‍ट में धीरे-धीरे बढ़ोत्‍तरी हुई है। फिर भी 96 फीसदी सामानों का सेलिंग प्राइस नहीं बदला है। 
 
RBI की पॉलिसी पर नजर 
रिजर्व बैंक ने 8 फरवरी को मॉनिटरी पालिसी रिव्‍यू में ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। इन्‍फ्लेशन के ट्रेंड और नोटबंदी के ग्रोथ पर असर पर अभी और क्लियरिटी का इंतजार है। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) की अगली बैठक 5 और 6 अप्रैल 2017 को होनी है। 
 

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