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सफर /1910 में इंपीरियल टोबैको कंपनी के रूप में स्थापित हुई थी आईटीसी, सिगरेट के साथ कंज्यूमर प्रोडक्ट के बाजार में भी छा गई कंपनी

Money Bhaskar

May 11,2019 12:34:00 PM IST

नई दि‍ल्‍ली। 1910 में आईटीसी (इम्‍पीरियल टोबैको कंपनी) की स्‍थापना हुई थी। काफी सालों तक कंपनी की छवि सिगरेट बेचने वाली कंपनी की बनी रही। लेकिन धीरे-धीरे कंपनी ने अपनी छवि को बदलने के लिए कंज्‍यूमर और खाद्य उत्‍पाद कारोबार में कदम रखा। कंपनी ने 2003 में एफएमसीजी सेगमेंट में कदम रखा था और दस साल के छोटे से समय में कंपनी 10,000 करोड़ रुपए के राजस्‍व स्‍तर पर पहुंच गई थी। आशीर्वाद आटा आईटीसी का प्रमुख घरेलू उत्पाद है। आज की तारीख में आईटीसी लिमिटेड एक ऐसा नाम है जिससे भारत की तकरीबन पूरी आबादी जुड़ी हुई है। फूड, पर्सनल केयर, ब्रांडेड अपैरल, सिगरेट, होटल, एग्री-बिजनेस या आईटी जैसे क्षेत्र में कंपनी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।

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कोलकाता के राधा बाजार लेन से हुई शुरुआत

इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, इस नाम से आईटीसी का सफर 1910 में शुरू हुआ था। कोलकाता के राधा बाजार लेन में कंपनी का ऑफिस हुआ करता था। साल 1925 में सिगरेट बिजनेस के बैकवर्ड इंटीग्रेशन के रूप में कंपनी ने पैकेजिंग एंड प्रिंटिंग की शुरुआत की, जो आज इंडिया का सबसे बेहतरीन पैकेजिंग हाउस है। कंपनी की 16वीं वर्षगांठ यानी 24 अगस्त 1926 में 3,10,000 रुपए में कोलकाता के 37, चौरंगी (अब जवाहर लाल नेहरू रोड) में प्लॉट लिया गया। इसी प्लॉट में कंपनी का हेडक्वार्टर 'वर्जीनिया हाउस' मौजूद है।

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और बदलाव हुआ शुरू

साल 1969 में अजीत नारायण हकसर आईटीसी के पहले भारतीय चेयरमैन बने। 1970 में इंपीरियल टोबैको कंपनी ऑफ इंडिया का नाम बदलकर इंडिया टोबैको कंपनी लिमिटेड कर दिया गया। 1974 में कंपनी का नाम आई.टी.सी. लिमिटेड कर दिया गया। शायद नाम बदलकर अजीत नारायण और कंपनी बोर्ड तंबाकू कंपनी के रूप में जानी जाने वाली आईटीसी को नई पहचान देने की सोच रहे थे। उनका यह प्लान साल 1975 में दुनिया के सामने भी आ गया, जब आईटीसी ने चेन्नई के होटल खरीदकर होटल बिजनेस में प्रवेश किया। होटल बिजनेस में उतरने के पीछे कंपनी का मकसद- फॉरेन एक्सचेंज से मोटी कमाई, टूरिज्म इंफ्रास्ट्रर स्थापित करना और बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करना था।

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लग्जरी होटलों की शुरुआत

1990 में कंपनी ने इस सेगमेंट में बड़ा निवेश करने का फैसला किया और आईटीसी मराठा, आईटीसी ग्रैंड सेंट्रल, आईटीसी सोनार और आईटीसी ग्रेडानिया जैसे लग्जरी होटलों की शुरुआत की। आज की तारीख में आईटीसी होटल्स के चार ब्रांड्स- लग्जरी कलेक्शन, वेलकम होटल्स, फॉर्च्यून होटल्स और वेलकम हैरिटेज हैं, जिनकी इंडिया में 100 से ज्यादा प्रॉपर्टीज हैं।

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पेपरबोर्ड्स बिजनेस में एंट्री

साल 1979 में आई.टी.सी. ने आईटीसी भद्राचलम पेपरबोर्ड्स लिमिटेड नाम से कंपनी शुरू की। 13 मार्च 2002 को इस कंपनी का आईटीसी में विलय हो गया और यह भद्राचलम पेपरबोर्ड्स डिवीजन बन गया। फिर नवंबर 2002 में ही यह डिवीजन, त्रिवेणी टीश्यूज डिवीजन में मर्ज कर दिया गया और पेपरबोर्ड्स एंड स्पेशियेलिटी पेपर्स डिवीजन का जन्म हुआ। 2004 में आईटीसी ने बिल्ट इंडस्ट्रियल पैकेजिंग कंपनी लिमिटेड का पेपरबोर्ड मैन्युफैरिंग प्लांट खरीद लिया।

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