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  • Handset companies are expected to hire about 50,000 contract and entry level employees in a year

मैन्युफैक्चरिंग /अगले एक साल में 50,000 लोगों को नौकरी देगी हैंडसेट कंपनियां

  • टैक्स रेट में कटौती के बाद हैंडसेट कंपनियां अब एंट्री लेवल पोजिशन पर भर्ती करने को तैयार हैं
  • इन दिनों कई घरेलू कंपनियां अब कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफेक्चर के रूप में उभर रही हैं

Moneybhaskar.com

Sep 27,2019 11:58:06 AM IST

नई दिल्ली. अगले एक साल में हैंडसेट मैन्युफैक्चरर्स करीब 50,000 लोगों की भर्ती करेगी। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट और एंट्री-लेवल की होगी। बता दें कि सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए पिछले हफ्ते कॉर्पोरेट टैक्स को करीब 10 पर्सेंट घटाकर 25.17 फीसद कर दिया था। नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए यह सरचार्ज सहित 17.01 पर्सेंट है। इस कटौती के बाद हैंडसेट कंपनियां अब एंट्री लेवल पोजिशन पर भर्ती करने को तैयार हैं।

अगले एक साल में करीब 15 पर्सेंट नौकरियां बढ़ेंगी

ईटी की खबर, कस्टाफिंग फर्म CIEL एचआर सर्विसेज के सीईओ और डायरेक्टर आदित्य नारायण मिश्रा ने बताया, 'मोबाइल फोन और एक्सेसरीज मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 3.5 लाख लोग काम कर रहे हैं। टैक्स रेट में हालिया कटौती से हमें एक्सपोर्ट में 10 से 15 पर्सेंट और घरेलू सेल्स में 5 से 10 की बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऐसे में इस सेक्टर में अगले एक साल में करीब 15 पर्सेंट या लगभग 52,000 नौकरियां भी बढ़ेंगी।' कई घरेलू कंपनियां अब कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफेक्चर के रूप में उभर रही हैं। उन्होंने अपने बंद बड़े प्लांट्स का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। इंडियन सेल्युलर ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स असोसिएशन के प्रेसिडेंट पंकज मोहिंद्रू ने बताया, ‘हमें 2025 तक हैंडसेट और कॉम्पोनेंट इंडस्ट्री में करीब 50 लाख नौकरियां बढ़ने की उम्मीद है।’ वीवो इंडिया में ब्रांड स्ट्रैटिजी के डायरेक्टर निपुण मारिया ने बताया, ‘टैक्स रेट में कटौती सही फैसला है। इससे डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे।’

2018-19 मैन्युफैक्चरिंग में हुई 800 फीसदी तेजी

बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 में मोबाइल हैंडसेट का निर्यात आठ गुना से अधिक बढ़कर 11,200 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह पहली बार है जब मोबाइल हैंडसेट का निर्यात आयात से अधिक हो गया है। इंडियन सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2019 के दौरान हैंडसेट निर्यात करीब सात हजार करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इससे चालू वित्त वर्ष में हैंडसेट निर्यात का आंकड़ा 25 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाने का अनुमान है। आईसीईए के चेयरमैन पंकज महेंद्रू ने कहा कि मोबाइल हैंडसेट विनिर्माण उद्योग का रथ दौड़ रहा है। 2017-18 की तुलना में 2018-19 में निर्यात में 800 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। यह बेहतर भविष्य की दिशा में अच्छी शुरुआत है। आईसीईए के अनुसार, 2014-15 में देश में 5.80 करोड़ हैंडसेट का विनिर्माण हुआ जिनकी कुल कीमत 18,900 करोड़ रुपए थी। नोकिया संयंत्र के बंद होने के बाद हैंडसेट निर्यात लगभग शून्य पर आ गया था। 2018-19 में विनिर्माण बढ़कर 29 करोड़ इकाइयों पर पहुंच गया, जिनकी कुल कीमत 1.81 लाख करोड़ रुपए रही।

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