Home » Industry » Manufacturingtrain t20 on track

बुलेट ट्रेन से पहले मिनी बुलेट ट्रेन टी-20, दौड़ने लगेगी 2020 तक

राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की लेगी जगह

1 of

नई दिल्ली. देश में बुलेट ट्रेन को वर्ष 2022 तक में शुरू किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन इससे पहले सेमी बुलेट ट्रेन ट्रैक पर दौड़ने लगेगी। भारतीय रेलवे वर्ल्ड क्लास इंजनलेस ट्रेन बनाने के प्रोजेक्ट पर काम रहा है। इसके जरिए लंबी दूरी की यात्रा आसान हो सकेगी। साथ ही इससे मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को बूस्ट मिल सकेगा। ये ट्रेन अपनी खूबियों के चलते राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की जगह ले सकेगी।

 

ट्रेन 20 के नाम से रेलवे चला रही है प्रोजेक्ट 

इस ट्रेन को कोडनेम ट्रेन 20 के नाम से बनाया जा रहा है। इसके कोच एल्युमिनियम बॉडी के होंगे। ये भारतीय रेलवे के लिए पहला मौका होगा, जब वो स्टील के अलावा एल्युमिनियम से कोच बनाएगा। दुनिया के ज्यादातर देशो में एल्युमिनियम के कोच बनाए जाते हैं। ऐसे में अब भारत ट्रेन 20 के जरिए एल्युमिनियम कोच बनाने की तकनीक पर काम कर रहा है, जो कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप होगा। 

 

160 किमीं. प्रति घंटे होगी रफ्तार 

ट्रेन 20 के कोच भारतीय कोच फैक्ट्री में बनाए जाएंगे। इसे लेकर करीब 2700 करोड़ का टेंडर जारी किया जाएगा। इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 160 किमीं. प्रति किमी. होगी। जबकि ट्रॉयल के दौरान इसे 176 किमीं. प्रति घंटे की रफ्तार चलाया जाएगा। ये ट्रेन मेट्रो ट्रेन की तरह होगी। ट्रेन के दोनों छोर पर ड्राइवर केबिन होगी। इससे इंजन को रिवर्स करने में वक्त की बर्बादी को रोका जा सकेगा। ट्रेन को लंबे रूट पर चलाया जाएगा। 

 

आगे पढ़ें

 

14 ट्रेन बनाने की है योजना

भारतीय कोच फैक्ट्री को उम्मीद है कि विदेशी ट्रेन मैनुफैक्चर Siemens/alstom, talgo, Bambardier, Stadler मेक इन इंडिया के प्रोजेक्ट में हिस्सा लेंगे। हालांकि अभी टेंडर को लेकर वित्तीय जानकारी आनी बाकी है।

 

आगे पढ़ें

 

कुल 191 कोच बनाए जाएंगे

रेलवे के प्लान में एयर कंडीशन स्लीलर टाइप एल्युमिनियम बॉडी ट्रेन बनाने का प्रस्ताव है। ऐसी 14 ट्रेन बनाई जानी है, जिसमें 20 कोच होंगे। इसके अलावा अतिरिक्त कोच बनाए जाएंगे। मतलब कुल 291 कोच बनाएं जाएंगे। इस ट्रेन में फर्स्ट टॉयर, सेकेंड टॉयर और थर्ड टॉयर एसी कोच होंगे। साथ ही इसमें ऑटोमेटिक डोर होंगे।  

 

आगे पढ़ें

 

ट्रेन 18 का 29 अक्टूबर को परीक्षण 

इसके अलावा ट्रेन-18 को 29 अक्तूबर को पटरियों पर परीक्षण के लिए उतरेगी। यह देश की पहली इंजन-रहित ट्रेन होगी। यह ट्रेन सेल्फ प्रपल्शन मॉड्यूल पर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक चल सकती है। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट