भारतीय रेलवे का चेहरा बदल देगी ट्रेन 18, इतनी सुविधाओं से है लैस कि आप हैरान रह जाएंगे

भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेन ‘Train 18’ जल्द ही लॉन्च होने वाली है। कहा जा रहा है कि यह रफ्तार और आराम का नया कीर्तिमान बनाएगी।100 करोड़ में बनी इस ट्रेन को भारतीय रेलवे का चेहरा बदलने वाली ट्रेन कहा जा रहा है। इतनी सुविधाओं से लैस कोई ट्रेन अब तक देश की पटरियों पर नहीं दौड़ी है। यह रेल यात्रियों के लिए रेल यात्रा का अनुभव ही बदल देगी एक नजर डालते हैं इस ट्रेन की खासियतों पर:

Money Bhaskar

Jan 04,2019 01:34:00 PM IST

नई दिल्ली.

भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेन ‘Train 18’ जल्द ही लॉन्च होने वाली है। कहा जा रहा है कि यह रफ्तार और आराम का नया कीर्तिमान बनाएगी। 100 करोड़ में बनी इस ट्रेन को भारतीय रेलवे का चेहरा बदलने वाली ट्रेन कहा जा रहा है। इतनी सुविधाओं से लैस कोई ट्रेन अब तक देश की पटरियों पर नहीं दौड़ी है। यह रेल यात्रियों के लिए रेल यात्रा का अनुभव ही बदल देगी एक नजर डालते हैं इस ट्रेन की खासियतों पर:

ऐसी है ट्रेन 18

ट्रेन में 16 कंपार्टमेंट हैं, जिसमें से दो फर्स्ट क्लास कोच हैं। इसमें 1,128 यात्री सफर कर सकते हैं। फर्स्ट क्लास कोच में 52 और सामान्य कोच में 78 यात्री ट्रैवल कर सकते हैं। ट्रेन में मेट्रो ट्रेन की तरह इलेक्ट्रीकली संचालित हाेने वाले ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर हैं। इसमें कुशन वाली आरामदायक सीटें हैं, वैक्यूम टॉयलेट्स और शताब्दी व अन्य प्रीमीयम ट्रेनों से बेहतर इंटीरियर है। इसकी अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा है, हालांकि ट्रायल्स में ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का आंकड़ा छुआ था। फिलहाल यह ट्रेन सिटिंग चेयर ट्रेन है, लेकिन इसका स्लीपर वेरिएंट भी जल्दी लॉन्च किया जा सकता है।

डेढ साल में हुई तैयार

चेन्नई की इंडियन रेलवे इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के इंजीनियरों और एक्सपर्ट्स ने 1.5 साल की कड़ी मेहनत से इस ट्रेन को तैयार किया। इसका डिजायन दुनिया की सबसे तेज ट्रेनों और बुलेट ट्रेन से प्रेरित है। इसे बनाने में यूरोपीय एक्सपर्ट्स से राय जरूर ली गई थी लेकिन इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है। इस ट्रेन को Linke Hofmann Busch कोच और शताब्दी ट्रेनों के स्थान पर लाया जाएगा। रेलवे ने शुुरुआत में ट्रेन के दो सेट बनाना तय किया था। इसमें से एक सेट बनकर तैयार हो चुका है। अगर ट्रेन-18 के अधिक सेट का निर्माण किया जाएगा तो ट्रेन में सफर करने का खर्च 30 से 40 फीसदी कम हो जाएगा। उम्मीद है कि ICF को 2019-20 में ऐसी 10 और ट्रेनों के निर्माण का ऑर्डर मिलेगा।

कुंभ से पहले शुरू होगा सफर

शुरुआत में यह ट्रेन दिल्ली-वारणसी के बीच चलेगी। जनवरी को होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस और 14 से शुरू हो रहे कुंभ मेले में यह ट्रेन प्रमुख आकर्षण रहेगी। ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच का 750 किमी का सफर सिर्फ आठ घंटे में पूरा कर लेगी।

 

 

अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से है लैस

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनी इस ट्रेन को ‘मेक इन इंडिया’ इनिशिएटिव के तहत बनाया गया है। इस ट्रेन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी गई हैं। इसमें ऑटोमैटिक एंट्री-एक्जिट डोरस्लाइडिंग फुटस्टेप्सकंफर्टेबल यूरोपीयन-स्टाइल सीट्सएक्जीक्यूटिव क्लास में रोटेटिंग सीट्सएयरक्राफ्ट जैसे डिफ्यूजिंग एलईडी लाइटिंगधूल को अंदर आने से रोकने और यात्रियों के आसानी आवागमन के लिए सील किए हुए गलियारेवाई-फाईसीसीटीवी सर्विलांसस्मोक डिटेक्टर्सदिव्यांगों के लिए खास तरह के बाथरूम और व्हीलचेयर के लिए पार्किंग स्पेसकार के जैसे आगे पुश होने वाली रिक्लाइनिंग सीट्स और मॉड्यूलर बायो-वैक्यूम टाॅयलेट्स होंगी।

 

 

 

 

 

 

 

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