एक दशक में पहली बार इतना सस्ता घर खरीदने का अवसर, छूटने न दें यह मौका

This is the best time to by a own home due to interest rate cut by RBI: भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से गुरुवार को एक बार फिर से रेपो रेट (ब्‍याज दर) में कटौती करने से घर खरीदारों को बड़ी बचत होगी। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली मौद्रिक समीक्षा में 25 आधार अंक (0.25%) की कटौती की है जिससे रेपो रेट 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी पर पहुंच गई है।

Money Bhaskar

Apr 04,2019 06:47:00 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से गुरुवार को एक बार फिर से रेपो रेट (ब्‍याज दर) में कटौती करने से घर खरीदारों को बड़ी बचत होगी। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 की पहली मौद्रिक समीक्षा में 25 आधार अंक (0.25%) की कटौती की है जिससे रेपो रेट 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे पहले की मौद्रिक समीक्षा में भी इतने अंक की कमी की गई थी। वहीं, जीएसटी परिषद ने पिछली बैठक में निर्माणाधीन घरों पर जीएसटी घटाकर 12 से पांच कर दिया था। साथ ही किफायती आवास परियोजनाओं पर जीएसटी आठ से घटाकर एक फीसदी कर दिया था।

एक साथ मिल रही हैं कई रियायतें

अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी राकेश यादव का कहना है कि पिछले एक दशक में यह पहला मौका है जब इतनी तरह की रियायतें एक साथ घर खरीदारों को मिल रही है। दूसरी ओर प्रॉपर्टी की कीमत लंबे समय से स्थिर बनी हुई है। इस मौके का फायदा उठाकर घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोग अच्‍छी प्रॉपर्टी कम कीमत में खरीद सकते हैं। ऐसा इसलिए कि होम लोन की दर अपने निचले स्‍तर पर पहुंच गया है। इसके साथ जीएसटी घटने और प्रॉपर्टी की कीमत नहीं बढ़ने से भी खरीदारों को बड़ी बचत का मौका है।

मौजूदा वक्‍त में प्रॉपर्टी खरीदने पर मिलेंगे ये सारे फायदे
- रेपो रेट घटने से होम लोन लेना सस्‍ता हुआ
- कम ईएमआई देकर बड़ा घर खरीद सकते हैं खरीदार
- जीएसटी घटने से घर खरीदने पर बड़ी बचत का मौका
- पीएमवाई के तहत पहली दफा घर खरीदार 2.67 लाख की बचत
- प्रॉपर्टी की कीमत घटकर सालाना आय के छह से आठ गुने पर आई
- महंगाई के मुकाबले तुलना करें तो प्रॉपर्टी करीब 25 फीसदी सस्ती हुई

दरों में कटौती पर क्या कहते हैं बड़े बिल्डर्स

मनोज गौड़, एमडी, गौड़ ग्रुप

दरों को 25 अंको से कम कर के 6 प्रतिशत पर लाने का फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक साबित होगा | इससे निश्चित तौर पर बैंकों और रियल एस्टेट सेक्टर दोनों को लाभ होगा। लगातार दूसरी बार दरों में कटौती होने से घरों की मांग में भी इज़ाफ़ा देखने को मिल सकता है। हालांकि पिछली बार हुई कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं मिला था, इस बार देखना यह होगा की ग्राहकों तक लाभ पहुंचाया जाता है या नहीं।

मि. एलसी मित्तल, डाइरेक्टर, मोतिया ग्रुप

वित्तीय वर्ष 2019-20 के द्विमासिक मुद्रा नीति की समीक्षा में 25 बीपीएस का कम ब्याज दर निवेश चक्र के लिए प्रेरक होगा। यह कदम निश्चित रूप से रीयल एस्टेट को बढ़ाने में फायदेमंद होगा। रेपो रेट कम होने से वहन करने योग्य हाउसिंग सेगमेंट आपेक्षित रूप से से फलेगा फुलेगा इससे खरीदार खुद के लिए घर खरीदने को प्रेरित होंगे।


मि. प्रतीक मित्तल, एग्जक्यूटिव डाइरेक्टर, सुषमा ग्रुप

सिलसिलेवार ढंग से आरबीआइ के द्वारा मुद्रा नीति में 25 बेसिस प्वाइंट की ब्याज दर में कमी कर्जदारों को राहत पहुंचाएगी और रीयल एस्टेट सेगमेंट को प्रोत्साहित करेगी। यह कदम निश्चित रूप से अर्थव्यवस्था में एक बड़ी लिक्विडिटी लाएगी और प्रत्याशित रूप से रीयल एस्टेट के फैलाव को पुनर्जीवित करेगी। रेपो रेट में कमी खरीदारों को बड़े लोन लेने के में मदद करेगी जो निश्चित रूप से घरों के मांग को बढ़ाएगी।


अमित मोदी, डायरेक्टर - एबीए कॉर्प, प्रेसिडेंट (एलेक्ट) क्रेडाई वेस्टर्न यूपी

दरों में कटौती करने का फैसला सरहानीय है। रियल एस्टेट में ब्याज दर खासी अहमियत रखता है और इस बाद में कोई संदेह नहीं की इस फैसले के बाद निवेशक ज्यादा रूचि दिखाएंगे। रिज़र्व बैंक द्वारा लगातार दूसरी बार दरों में कटौती करने से यह तो साफ़ हो गया की रिज़र्व बैंक ऋण की तरफ नरम रवैया अपना रहा है। नए वित्तय वर्ष 2019-20 के पहले रिव्यु में 25 अंकों से दरों में कटौती होना नए घर खरीदारों के लिए अच्छी खबर है। अब हमें उम्मीद है की बैंक भी जल्दी ही इसका लाभ अपने ग्राहकों तक पहुंचाएंगे ताकि ग्राहक आगे आएं और सेक्टर में निवेश करे। इससे न केवल नए प्रोजेक्ट का लांच होना शुरू होगा बल्कि वर्तमान प्रोजेक्ट भी जल्दी ख़त्म होंगे।

देर करना सही नहीं होगा
अगर आप अपने सपने का आशियाना लेना चाहते हैं तो अब इंतजार नहीं करना चाहिए। यह पहला अवसर है जब एक साथ इतने तरह के फायदे मिल रहे हैं। जीएसटी घटने से प्रॉपर्टी पर बड़ी बचत हो रही है। हालांकि, इससे डेवलपर्स को नुकसान होगा लेकिन बाजार में सुस्‍ती की वजह से वह कीमतें में इजाफा नहीं करेंगे। लेकिन आने वाले महीनों में इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। उससे पहले घर खरीद कर उपभाक्‍ता बड़ी बचत कर सकते हैं।

इस तरह कम होगी ईएमआई
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से लगातार दो बैठकों में रेपो रेट में कटौती के बाद बैकों पर ब्याज दरों को कम करने का दबाव बढ़ गया है। आरबीआई इससे पहले भी बैंकों के समक्ष रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों को नहीं दिए जाने को लेकर चिंता जता चुका है। वहीं एक अप्रैल से बैंकों को फ्लोटिंग रेट लोन्‍स के लिए एक्‍सटर्नल बेंचमार्क का अपनाना होगा। इससे फ्लोटिंग रेट पर होम और ऑटो लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ा फायदा मिलेगा।

सही प्रॉपर्टी का चुनाव इस तरह करें
रेरा और जीएसटी आने से बाजार में पारदर्शिता जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी भी कुछ दिक्‍कत है। इसलिए वैसे डेवलपर्स का चुनाव करें जिसने पहले से प्रोजेक्‍ट बना कर दिए हैं और जिसका बाजार में साख अच्‍छा है। आप प्रोजेक्‍ट का लोकेशन और डेवपलर की हिस्‍ट्री, कीमत आदि को देखते हुए सही प्रॉपर्टी का चुनाव करें। सिर्फ कीमत को खरीदने का पैमाना नहीं बनाएं।

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