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आपके हाथ में आने से पहले लैब में कड़े परीक्षणों से गुजरता है आपका स्मार्टफोन

सैमसंग लैब में मोबाइल पर होने वाले परीक्षणों की तस्वीरें

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नई दिल्ली. स्मार्टफोन आपके हाथ में आने से पहले कई तरह के टेस्ट से गुजरता है। इसमें साउंड टेस्ट, फायर टेस्ट, ड्यूरेबिलिटी टेस्ट, ड्रॉप टेस्ट समेत कई प्रकार के टेस्ट शामिल हैं। इस परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही किसी फोन को बाजार उतारे जाने की मंजूरी मिलती है। दुनिया के कई देशों में स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी सैमसंग के फोन भी बाजार में आने से पहले कई टेस्ट से गुजरते हैं। हम दिखा रहे हैं सैमसंग स्मार्टफोन को तैयार करने से पहले लैब में विभिन्न प्रकार की जांच की तस्वीरें 

यह है ड्यूरेबिलिटी टेस्ट

अाप भी कभी न कभी अनजाने में अपने फोन पर बैठ गए होंगे। कभी सोचा है कि यह टूटा क्यों नहीं? ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी जानती है कि लोग ऐसी गलती करते हैं। इसलिए वे फोन पर इसका भी परीक्षण कर लेती हैं। फोन की स्क्रीन और बॉडी को इतना मजबूत बनाया जाता है कि अगर उसपर कोई सामान्य वजनी इंसान बैठ भी जाए तो भी वह न टूटे।

 

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एनवायरमेंट टेस्ट लैब

यह सैमसंग कंपनी की लैब है जहां सारे स्मार्टफोन पर ढेर सारे परीक्षण किए जाते हैं। इन परीक्षणों के सफल होने के बाद ही फोन बाजार में उतारे जाते हैं जहां से ये आपके हाथ में आते हैं। 

 

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ड्यूरेबिलिटी टेस्ट 2

यह भी एक तरीके का ड्यूरेबिलिटी टेस्ट है। इसमें फोन को एक खांचे में फिट किया जाता है और दो तरफ से उसपर प्रेशर डाला जाता है। इस टेस्ट से यह पता चलता है कि फोन अगर संकरी जगह में फंस जाए तो कितना प्रेशर सह सकता है।

 

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साउंड टेस्ट

आपको अपने फोन में आवाज एकदम क्लीयर सुनाई दे, इसके लिए फोन पर साउंड टेस्ट किया जाता है। यह सैमसंग की अकूस्टिक टेस्ट लैब हैजो साउंड प्रूफ होती है। यहां फोन की वॉयस क्लेरिटी और साउंड की जांच होती है।

 

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थर्मल टेस्ट 
अक्सर फोन की बैटरी के ब्लास्ट हो जाने की घटनाएं होती रहती हैं, एेसे में यह जरूरी है कि फोन की थर्मल जांच की जाए। इसमें यह देखा जाता है कि फोन कितने तापमान पर भी सामान्य रहता है और कितने तापमान पर उसकी बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगती है। 
 
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ड्रॉप टेस्ट

हम सभी को सबसे ज्यादा डर होता है फोन के ऊंचाई से गिरकर टूटने का। इसीलिए ड्रॉप टेस्ट में एक निश्चित ऊंचाई से फोन को नीचे गिराया जाता है। अगर फोन को नुकसान पहुंचता है तो उसमें बदलाव किए जाते हैं और फोन को अधिक मजबूत बनाया जाता है।

 

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कलर टेस्ट 

खूबसूरत फोटो क्लिक करने के लिए जरूरी है कि आपके फोन में रंग साफ दिखते हों। रंग आपस में घुले-मिले न हों बल्कि साफ और खिलते हुए दिखें, इसके लिए कलर टेस्ट किया जाता है। 

 

 

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