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40 हजार करोड़ की लागत से यहां बन रही है 3000 किलोमीटर लंबी दीवार, बदल जाएगी कई राज्यों की तस्वीर

अवैध घुसपैठ और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए हो रहा है निर्माण

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नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। लेकिन अमेरिकी सीनेट इसे मंजूरी नहीं दे रही है। इस कारण अमेरिका में सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने और विभिन्न विभागों को चलाने के लिए अनुदान से जु़ड़ा विधेयक भी पारित नहीं हो पा रहा है। इसके कारण अमेरिका में करीब तीन हफ्तों से शटडाउन जैसी स्थिति बनी हुई है। सरकारी कामकाज ठप पड़ा है। आलम यह है कि बड़ी संख्या में फेडरल कर्मचारियों को 22 दिसंबर के बाद से सैलरी नहीं मिल पाई है। शटडाउन के कारण सरकारी खजाने को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आइए आपको बताते हैं कि इस दीवार के बारे में खास बातें, जिससे डोनाल्ड ट्रंप इस दीवार को बनाने पर अड़े हैं।

 

दुनिया की दूसरे सबसे लंबी दीवार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर 1954 मील यानी करीब 3100 किलोमीटर लंबी दीवार बनाना चाहते हैं। इसमें से 1200 मील यानी करीब 1900 किलोमीटर दीवार का निर्माण टेक्सास में होना है। यह दीवार चार अमेरिकी और 6 मैक्सिकन राज्यों से होकर बननी है। इस दीवार को बनाने की लागत 8 बिलियन डॉलर से लेकर 67 बिलियन डॉलर तक की मानी जा रही है। इस दीवार का निर्माण शुरू करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सीनेट में 5.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 40 हजार करोड़ रुपए देने की मांग रखी है। हालांकि, कई जानकारों का मानना है कि दीवार बनाने में होने वाला खर्च अनुमान से ज्यादा हो सकता है। 

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इसलिए यह दीवार बनाना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप


मैक्सिको से बड़ी संख्या में लोग बॉर्डर पार करके अमेरिका में प्रवेश करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग होते हैं जो अमेरिका रोजगार की तलाश में आते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि मैक्सिको से आने वाले लोगों की वजह से अमेरिका के लोगों के लिए रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। इसके अलावा मैक्सिको बॉर्डर से अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई भी होती है। सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण मैक्सिको से अमेरिका में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। इन वजहों से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने चाहते हैं। हाल ही में ट्रंप ने अमेरिका की सीमा में कुछ लोगों के प्रवेश करने वाला एक वीडियो शेयर किया था। इसके साथ ट्रंप ने लिखा था कि हम उन्हें अपने देश अमेरिका में नहीं चाहते हैं। ट्रंप इस दीवार के जरिए मैक्सिको से होने वाले गैर कानूनी माइग्रेशन को रोकना चाहते हैं। 

अमेरिकियों पर भारी पड़ेगा दीवार का निर्माण


अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर बनने वाली दीवार से होने वाले असर का आंकलन करने के लिए अमेरिका में कई प्रकार की रिसर्च चल रही हैं। इनमें से एक रिसर्च में कहा गया है कि आर्थिक आधार पर यह दीवार अमेरिका और यहां रहने वाले लोगों के लिए मुफीद नहीं है। इस रिसर्च में कहा गया है कि इस दीवार के निर्माण से अमेरिका के करदाताओं को कोई फायदा नहीं होगा। इसके उलट प्रत्येक करदाता को दीवार के निर्माण के लिए 7 डॉलर यानी करीब 500 रुपए देने होंगे। 

 

अमेरिका-मैक्सिको व्यापार पर पड़ेगा असर

 

एक रिसर्च में कहा गया है कि यह दीवार व्यापार के लिहाज से भी अमेरिका-मैक्सिको के लिए फायदे का सौदा नहीं है। इस दीवार के बन जाने के बाद अमेरिका और मैक्सिको के बीच व्यापार में 25 फीसदी की कमी आ सकती है। रिसर्चर्स का मानना है कि दीवार बनाने के बजाए बेहतर व्यापार पॉलिसी बनाने से गैर कानूनी माइग्रेशन पर रोक लगाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो दोनों देशों के कामगारों को फायदा होगा। रिसर्च में कहा गया है कि इस दीवार के बनने के बाद अमेरिका के कॉलेज पासआउट कामगारों की कमाई में सालाना मात्र 80 डॉलर की बढ़ोतरी होगी। जबकि कम पढ़े लिखे कामगारों की कमाई में 58 डॉलर सालाना की बढ़ोतरी होगी। 

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