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देश की इन 14 जगहों पर बनेंगे कोस्टल इकोनॉमिक जोन, लगेंगी सैकड़ों फैक्ट्रियां, नौकरियों की होगी भरमार

केंद्र ने दी प्रोजेक्ट को मंजूरी, नीति आयोग ने तैयार किया है रोडमैप

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सागरमाला के तहत देश के समुद्री तटवर्ती इलाकों में 14 कोस्टल इकोनॉमिक जोन (CEZs) बनाए जाएंगे, जहां सैकड़ों की संख्या में फैक्ट्री लगाई जाएंगी। इनसे बड़ी संख्या में रोजगार जनरेट होंगे। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। साथ ही ये इंडस्ट्रियल जोन विकास से वंचित तटवर्ती इलाकों की प्रगति में भागीदार बनेंगे। इस मामले में नीति आयोग ने तटवर्ती इलाकों वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सलाह-मशविरा करके एक प्लान तैयार किया है। नीति आयोग की ओर से ऐसे 14 जोन का चुनाव किया है, जिन्हें कोस्टल इकोनॉमिक जोन बनाया जाएगा। 

 

कैसा होगा कोस्टल इकोनॉमिक जोन

कोस्टल इकोनॉमिक जोन में छोटी और बड़ी इंडस्ट्री को लगाने के लिए बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही वहां एक आवासीय क्षेत्र भी बनाया जाएगा, जहां इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग रह सकेंगे। इस जोन को सड़क, हवाई और रेल मार्ग से जोड़ा जाएगा। जिससे यहां तक पहुंचना आसान हो सके, इसके अलावा इन फैक्ट्रियों में बनाए जाने वाले प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट के लिए बंदरगाह बनाए जाएंगे या फिर इन जोन को ऐसी जगह बनाया जाएगा, जहां से बंदरगाह की दूरी कम हो। इन इलाकों में स्कूल और कॉलेज बनाए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा। 

इंडस्ट्रियल जोन बनाने का क्या होगा फायदा

कोस्टल इकोनॉमिक जोन बनने से वस्तुओं के एक्सपोर्ट की लागत कम हो सकेगी, क्योंकि उन्हें सड़क मार्ग से बंदरगाह तक लाने की जरूरत नहीं होगी। इसका फायदा यह होगा कि विदेश में भारतीय प्रोडक्ट सस्ते में बेचे जा सकेंगे। बता दें कि चीन इस मामले में काफी आगे है, जहां ऐसे कई सारे कोस्टल इकोनॉमिक जोन बनाए गए है, यहां से सीधे जलमार्ग से विदेश में वस्तुओं की सप्लाई की जाती है। यही वजह है कि चीन अपने प्रोडक्ट को विदेश में कम कीमत में बेच पाता है। 

 

मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को मिलेगा बल 

कोस्टल इकोनॉमिक जोन मेक इन इंडिया मुहिम में अहम योगदान देगा। इस मामले में अंतर मंत्रालयी समिति (Inter-Ministerial Committee) के सु‌झाव पर CEZ को विकसित करने के लिए फ्रेमवर्क और रोडमैप पूरा कर लिया गया है। इस मामले में केंद्रीय शिपिंग एंड फाइनेंस राज्य मंत्री राधाकृष्ण ने लिखित में जवाब दिया है। 

किन राज्यों में बनेंगे कोस्टल इकोनॉमिक जोन
 

क्र. सं. प्रस्तावित CEZ  राज्य जिला प्रस्तावित इंडस्ट्री
1 कच्छ गुजरात कच्छ प्रेट्रो केमिकल, सीमेंट, फर्नीचर
2 सौराष्ट्र गुजरात जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, अहमदाबाद ऑटोमोटिव, Apparel
3 कलिंग ओड़िशा पुरी, जगरसिंग पुरा, कटक, केंद्रापारा, जाजापुर, भद्रक पेट्रोकेमिकल्स, मरीन प्रोसेसिंग
4 गौड़  वेस्ट बंगाल पूर्वी मेदिनापुर, साउथ बीस परागना,  लेदर प्रोसेसिंग
5 सूर्यपुर गुजरात भरूच, सूरत, नवसेरी, वल्साड,  मरीन कल्सटर
6 नार्थ कोणकन महाराष्ट्र  नासिक, थाणे, मुंबई, पुणे, रायगढ इलेक्ट्रानिकस, Apparel, पॉवर
7 साउथ कोणकन महाराष्ट्र गोवा, रत्नागिरी, सिंधुगढ़, नार्थ गोवा, साउथ गोवा
 
रिफाइनरी, स्टील, फूड प्रोसेसिंग
8 दक्षिण कनारा कर्नाटक  उदुपी, दक्षिण कन्नड़, कोडापू, मैसूर,  पेट्रोकेमिकल
9 मालाबार केरल ईर्नाकुलम, अल्लपुझा कोल्लाम, थिरुअनंतपुरम फर्नीचर 
10 मन्नार तमिलनाडु कन्याकुमारी, तिरुन्नवेली, थूथीकोड़ी,  Apparel, रिफाइनिंग
11 पोंमपुहर  तमिलनाडु कुड्‌डालोर, पेरांबुलोर, अर्यालुर, तिरुचिपल्लू, तंजावुर, थिरुवारुर, नागापट्‌टीनम लेदर प्रोसेसिंग, पॉवर
12 वीसीआईसी साउथ तमिनलाडु थिरुवल्लुर, चेन्नई, कांचीपुरम प्रेट्रोकेमिकल, इलेक्ट्रानिक्स शिपबिल्डिंग,स्टील 
13 वीसीआईसी सेंट्रल  आंध्र प्रदेश चित्तूर, नेल्लोर  इलेक्ट्रानिक्स
14 वीसीआईसी नार्थ आंध्र प्रदेश गुंतूर, कॉष्णा, वेस्ट कोडावरी, ईस्ट कोडावरी, विशाखापत्तनम, विजियानग्राम, srikakulam फूड प्रोसेसिंग, पेट्रोकेमिलकल, सीमेंट, Apparel 

 

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