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अलर्ट /5,000 वाला टैटू 500 रुपए में बनवा रहे हैं, तो हो जाएं सावधान, खराब हो सकती है आपकी स्किन

  • आमतौर पर एक सामान्य टैटू बनवाने में 5,000 से लेकर 10,000 रुपए तक का खर्च आता है। 

Moneybhaskar.com

Nov 22,2019 11:32:58 AM IST

नई दिल्ली. भारत में टैटू बनवाने का ट्रेंड युवाओं के बीच काफी जोर पकड़ रहा है। इन दिनों टैटू स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है। कुछ लोग टैटू बनाकर अपनी सोच प्रकट करते हैं। राजधानी दिल्ली समेत महानगरों में युवाओं में टैटू का फैशन खूब चलन में हैं। इस ट्रेंड के चक्कर में लोग सस्ते में टैटू बनवा रहे हैं जो कि स्किन को नुकसान पहुंचा रहा है।

5,000-10,000 रुपए तक में बनता है टैटू

दिल्ली के कनाॅट प्लेस और इंडिया गेट जैसे जगहों पर लोग 300 से लेकर 500 रुपए तक में भी टैटू बनवाते हैं जो कि स्किन के लिए नुकसानदायक है। टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, असल में एक टैटू बनवाने में 5,000 से लेकर 10,000 रुपए तक का खर्च आता है क्योंकि वह अच्छी क्वालिटी की इंक का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जैसे ही आप कम दाम वाला टैटू बनवाने की बात करते हैं तो अधिकतर आर्टिस्ट चाइनीज क्वालिटी की इंक का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि इस प्रकार का इंक स्किन के लिए काफी खतरनाक होता है।

अमेरिका की इंक बेहतरीन क्वालिटी की

टैटू आर्टिस्ट के अनुसार, इंडियन टैटू इंडस्ट्री में चीन से आई इंक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। यह इंक हमेशा स्किन के लिए अच्छी नहीं होती है। सबसे अच्छी इंक अमेरिका की होती है। उसके बाद इंडिया की इंक बेहतरीन क्वालिटी की होती है। वहीं चीन की इंक खराब क्वालिटी की मानी जाती है लेकिन चीन से आई इंक सस्ती होने की वजह से इस्तेमाल की जाती है। टैटू आर्टिस्ट के मुताबिक, चीन की इंक 250 रुपए आधी औंस आती है। अमेरिका की इंक 350-400 रुपए तक आधी औंस आती है। ऐसे में जब ग्राहक सस्ता टैटू बनवाना चाहता है तो अधिकतर दुकानदार चाइनीज इंक का इस्तेमाल करते हैं।

ऑफर से रहे अलर्ट

आजकल टैटू बनवाने के लिए ऑफर आते रहते हैं जैसे एक टैटू बनवाने पर एक टैटू फ्री या 50% डिस्कांउट पर टैटू बनवाना। ऐसे मौके का इंतजार कर रहे लोग टैटू बनवाने पहुंच जाते हैं। इससे बचना चाहिए।

टैटू बनवाने के खतरे

कई चिकित्सकों का कहना है कि टैटू बनवाने से त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। उनके अनुसार टैटू बनाने के लिए प्रयोग की जाने वाली स्याही में आर्सेनिक जैसे विषैले तत्व होते हैं जिसकी वजह से त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर से टैटू बनाने वालों द्वारा प्रयोग की जाने वाली नीले रंग की स्याही में कोबाल्ट और एल्युमिनियम होता है। जबकि लाल रंग की स्याही में मरक्युरियल सल्फाइड और दूसरे रंगों की स्याहियों में शीशा, कैडियम, क्रोमियम, निकिल, टाइटेनियम और कई तरह की दूसरी धातुएं मिली होती हैं। इससे स्किन, कैंसर, हेपेटाइटिस जैसे बिमारी होने का खतरा रहता है।

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