डाटा चोरी /सिर्फ 140 रुपए में डार्क वेब पर बिक रहा है आपका निजी डाटा, सिर्फ हैकर्स ही नहीं, बड़ी कंपनियां भी हैं खरीदार

  • डार्क वेब इंटरनेट का ऐसा छुपा हुआ भाग होता है जिसे सर्च इंजन भी नहीं दिखाते।
  • कई वेबसाइट्स, गेमिंग साइट्स, डेटिंग एप्स और पोर्न वेबसाइट्स से भी आपका डाटा चुराया जा सकता है।
  • डार्क वेब को ट्रैक करना इंटरनेट ऑपरेटर्स के लिए आसान नहीं होता है।

Money Bhaskar

May 22,2019 01:03:03 PM IST

नई दिल्ली.

आपका निजी डाटा इंटरनेट के डार्क हिस्सों में बेचा जा रहा है। इसे न सिर्फ हैकर्स बल्कि बड़ी कंपनियां और मार्केट रिसचर्स भी यह डाटा खरीद रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि आपके डाटा की कीमत रोजाना के हिसाब से सिर्फ 140 रुपए लगाई गई है। डार्क वेब पर मौजूद इस डाटा में आपके अकाउंट्स का पासवर्ड, आपका टेलीफोन नंबर और ई-मेल आईडी शामिल हैं।

कितना डाटा है डार्क वेब पर

डार्क वेब पर 250 से ज्यादा लोकप्रिय वेबसाइट्स का डाटा मौजूद है। कई छोटी साइट्स के 7 से 8 हजार डाटाबेस यहां मौजूद हैं। इस डाटा को साइबर अटैक करने के इरादे से हैकर्स खरीदते हैं। कई कंपनियां अपने प्रतिद्वंदी के कंज्यूमर बेस की जानकारी निकालने के लिए इस डाटा को खरीदती हैं। इस डाटा को इकठ्‌ठा करके किसी यूजर का पूरा प्राेफाइल तैयार किया जाता है, जिसे फिर बेच दिया जाता है।

ऐसे लगती है कीमत

डाटा की कीमत 1 रुपए से शुरू होती है। एक्टर व नेताओं जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों का डाटा 500 रुपए से 2000 रुपए तक में बिकता है। यह डाटा कई पैकेज में बेचा जाता है। पैकेज का रेट 140 रुपए प्रति दिन से लेकर 4,900 रुपए तीन माह हो सकता है। कस्टमर्स इस डाटा के लिए बिटकॉइन, लाइटकॉइन, डैश, रिपल और Zcash जैसी क्रिप्टोकरेंसी से पेमेंट करते हैं।

आप ऐसे हो सकते हैं प्रभावित

आपके पर्सनल डाटा को साइबर क्रिमिनल्स कई तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसमें सबसे खतरनाक है फाइनेंसियल और आइडेंटिटी फ्रॉड। यानी की आपके बैंक खाते से हैकर्स पैसे चुरा सकते हैं और आपके आइडेंटिटी का इस्तेमाल करके किसी अपराध को अंजान दे सकते हैं।

ऐसे चुराया जाता है डाटा

आपके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंकिंग डिटेल्स, सर्वर और डेस्कटॉप का रिमोट लोकेशन से एक्सेस किये जाने पर आपका डाटा हैकर्स की पहुंच में आ सकता है। उबर, नेटफ्लिक्स, Spotify जैसी वेबसाइट्स, गेमिंग साइट्स, डेटिंग एप्स और पोर्न वेबसाइट्स से भी आपका डाटा चुराया जा सकता है क्योंकि इन वेबसाइट्स पर ज्यादातर लोग अपनी क्रेडिट कार्ड डिटेल्स स्टोर करते हैं।

क्या है Dark Web

डार्क वेब को Dark Net भी कहा जाता है। यह इंटरनेट का ऐसा छुपा हुआ भाग होता है जिसे सर्च इंजन भी नहीं दिखाते। इसे सिर्फ कुछ ख़ास किस्म के सॉफ्टवेयर्स की मदद से ही देखा जा सकता है। इसके चलते इंटरनेट ऑपरेटर्स के लिए इसे ट्रेस करना आसान नहीं होता है। इसका इस्तेमाल लोगों के हैक किये हुए अकॉउंट्स के लॉगिन आईडी और पासवर्ड बेचने जैसी अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता है।

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