• Home
  • TRAI releases Consultation paper on Tariff related issues for Broadcasting and Cable services

शिकंजा /टीवी चैनल्स के अंधाधुंध डिस्काउंट पर ट्राई की नजर, लग सकता है ब्रेक

प्रतीकात्मक तस्वीर। प्रतीकात्मक तस्वीर।

  • ट्राई का मानना है कि डिस्काउंट ऑफर्स की वजह से गैरपंसदीदा चैनल्स के लिए भी भुगतान कर रहे हैं ग्राहक

Moneybhaskar.com

Aug 16,2019 04:23:50 PM IST

नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की ओर से ब्रॉडकास्टिंग एवं केबल सर्विसेज के लिए बनाए गए नए नियम 29 दिसंबर 2018 से लागू हो गए हैं। इसके बाद से टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स ग्राहकों को बनाए रखने के लिए नए-नए ऑफर्स लेकर आ रहे हैं। इन ऑफर्स के तहत ब्रॉडकास्ट और ऑपरेटर कुछ चुनिंदा चैनलों का बकेट ग्राहकों को डिस्काउंट पर उपलब्ध करा रहे हैं। अब इन ऑफर्स पर ट्राई शिकंजा कसने जा रहा है। इसको लेकर ट्राई ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। कंसल्टेशन पेपर के जरिए ट्राई ने सभी स्टेकहोल्डर्स से चैनलों की ओर से बकेट पर दिए जाने वाले डिस्काउंट, बुके की जरूरत और सीलिंग प्राइस पर 30 सितंबर तक राय मांगी है।

इसलिए पड़ी प्रतिबंध लगाने की जरूरत

ट्राई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का मकसद टीवी के दर्शकों को अपनी पसंद के चैनल चुनने का अधिकार दिया गया था। इसके जरिए दर्शक अपने मासिक केबल बिल को कंट्रोल कर सकते थे। लेकिन टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर इन नियमों के खिलाफ नए-नए ऑफर लेकर आ गए हैं। नए नियमों में ब्रॉडकास्टर और ऑपरेटर्स को ग्राहकों के हित में चैनल्स का बंडल ऑफर करने की छूट मिली हुई है। इस छूट का फायदा उठाते हुए ब्रॉडकास्टर और ऑपरेटर एक निश्चित कीमत में कई चैनलों की पेशकश कर रहे हैं। ट्राई का मानना है कि इनमें कई चैनल ऐसे होते हैं जिनसे दर्शकों को कोई फायदा नहीं होता है। ऐसे में दर्शकों को बेवजह गैरपसंदीदा चैनलों के लिए भुगतान करना होता है। चूंकि नए नियमों में इस पर लगाम लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में टीवी दर्शकों के हित में ट्राई इन ऑफर्स पर लगाम लगाना चाहती है।

ऐसे डिस्काउंट दे रहे हैं ब्रॉडकास्टर

ट्राई की ओर से जारी कंसल्टेशन पेपर्स के अनुसार, उदाहरण के तौर स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एसवीपी हिन्दी और एसवीपी तेलुगु नाम से दो बकेट बना रखे हैं। हिन्दी बकेट में 15 चैनल और एसवीपी तेलुगु बकेट में 10 चैनल शामिल हैं। यह सभी पे चैनल हैं। आ-ला-कार्ट के अनुसार, एसवीपी हिन्दी बकेट के चैनलों की एक माह की कीमत 75.10 रुपए होती है। लेकिन ऑफर के तहत 34.8 फीसदी के डिस्काउंट के तहत यह बकेट 49 रुपए में उपलब्ध कराई जा रही है। इस कीमत में टैक्स शामिल नहीं है। इसी प्रकार एसवीपी तेलुगु में शामिल चैनलों की एक माह की कीमत 63 रुपए होती है। लेकिन इसको 38.10 फीसदी के डिस्काउंट के साथ 39 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार अन्य ऑपरेटर भी डिस्काउंट के साथ अपने चैनल्स का बकेट ऑफर कर रहे हैं।

इतना डिस्काउंट दे रहे हैं ब्रॉडकास्टर

ब्रॉडकास्टर डिस्काउंट
टीवी-18 46.3 फीसदी
टीवी टुडे 47.1 फीसदी
जी 42.8 फीसदी
टर्नर 44.7 फीसदी
टाइम्स 54.2 फीसदी
सन टीवी 44.8 फीसदी
स्टार इंडिया 40.4 फीसदी
सोनी 46.8 फीसदी
सिल्वर स्टार 29.5 फीसदी
राज 14.9 फीसदी
ओडिशा 15 फीसदी
एनडीटीवी 40.7 फीसदी
माविस 45.5 फीसदी
ईनाडु 32 फीसदी
डिज्नी 47.1 फीसदी
डिस्कवरी 53.3 फीसदी

स्रोत: ट्राई कंसल्टेशन पेपर।

ट्राई का पूरा कंसल्टेशन पेपर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

X
प्रतीकात्मक तस्वीर।प्रतीकात्मक तस्वीर।

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.