कार्रवाई /दिल्ली में मोबाइल नेटवर्क बूस्टर का चल रहा है पैरेलल कारोबार, दूरसंचार विभाग ने 16 जगहों पर छापे मारे

  • इस अभियान में 32 गैरकानूनी रिपीटर्स हटाए गए।

Moneybhaskar.com

Jun 12,2019 07:04:00 PM IST

नई दिल्ली.

मोबाइल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए लोग नेटवर्क बूस्टर्स का सहारा लेते हैं, लेकिन इससे आसपास के क्षेत्रों में कॉल-ड्रॉप की परेशानी बढ़ जाती है और इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए वायरलेस माॅनिटरिंग ऑर्गेनाइजेशन, दूरसंचार विभाग (डीओटी) की टीमों ने मोबाइल ऑपरेटर्स के सहयोग से दिल्ली में 16 जगहों पर छापे मारे, ताकि लोगों द्वारा लगाए गए गैरकानूनी मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स के खिलाफ कदम उठाए जा सके। इस अभियान में 32 गैरकानूनी रिपीटर्स हटाए गए और 46 चिन्हित रिपीटर्स को तत्काल हटाने के लिए नोटिस दिए गए। कई परिसरों के मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

दिल्ली समेत नोएडा और गुरुग्राम में भी हुई छापेमारी

दिल्ली के लक्ष्मी नगर, पहाड़गंज, ग्रेटर कैलाश, इंद्रपुरी, आदर्श नगर, माॅडल टाउन, पटेल नगर, साउथ एक्सटेंशन, चांदनी चैक, रोहिणी, संत नगर, लाजपत नगर, रजौरी गार्डेन, सिविल लाइन्स, अशोक विहार, राजेंद्र नगर के आवासीय और वाणिज्यिक दोनों ही प्रतिष्ठानों में छापा पड़ा। चिन्हित स्थानों में एनसीआर क्षेत्र यानी गुरूग्राम और नोएडा भी शामिल रहे। करोलबाग में भी छापे मारे गए, जहां इस तरह के गैरकानूनी उपकरण बेचे जा रहे हैं।

गैरकानूनी उपकरण मोबाइल नेटवर्क में दखल करते हैं

ये गैरकानूनी मोबाइल सिग्नल रिपीटर्स एक बड़ी समस्या हो गई है और ग्राहकों द्वारा काॅल ड्राॅप्स एवं कम डेटा स्पीड जैसी नेटवर्क समस्याओं का सामना करने वाले ग्राहकों के लिए यह एक सबसे बड़ा कारण है। ये गैरकानूनी रिपीटर्स मोबाइल सिग्नल्स को बूस्ट करने के लिए लोगों/संस्थाओं द्वारा घरों/कार्यालयों/पीजी/गेस्ट हाउस में लगाए गए हैं। ये गैरकानूनी उपकरण मोबाइल नेटवर्क में दखल करते हैं, सिग्नल की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं और पूरे क्षेत्र में नेटवर्क का खराब अनुभव प्रदान करते हैं।

मोबाइल ऑपरेटर्स को भी करना पड़ता है चुनौती का सामना

स्पेक्ट्रम खरीदने में रिकाॅर्ड निवेश करने वाले और नेटवर्क उपकरण रोल आउट करने वाले मोबाइल ऑपरेटर्स को इस चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन इंस्टाॅलेशंस पर कार्यवाही करने एवं इनके खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए प्राधिकारियों से आग्रह किया है। दूरसंचार विभाग ने इस गैरकानूनी उपकरण के विक्रेताओं पर भारी जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है। हाल ही में, सीओएआई के अनुरोध पर, कई ई-काॅमर्स कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के गैरकानूनी नेटवर्क बूस्टर्स की बिक्री बंद कर दी है।

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