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Jio के चलते टेलिकॉम सेक्‍टर के लोन ने बढ़ाई रिजर्व बैंक की चिंता, बैंकों से कहा बढ़ाएं प्रॉविजनिंग

मुम्‍बई. रिलायंस Jio के चलते टेलिकॉम सेक्‍टर में बढ़ती स्‍पर्धा ने अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को चिंता में डाल दिया है। इस प्रतिस्‍पर्धा से टेलिकॉम सेक्‍टर की कंपनियों की रेवेन्‍यु घट रही है और मुनाफ पर भी असर पड़ रहा है। आरबीआई को चिंता है कि ऐसे में लाखों करोड़ रुपए का दिया गया टेलिकॉम सेक्‍टर को दिया गया लोन कहीं दिक्‍कत में न आ जाए। इसी को ध्‍यान में रखते हुए उसने बैंकों से टेलिकॉम सेक्‍टर की प्रॉविजनिंग बढ़ाने का कहा है।
 
 
कई लाख करोड़ रुपए का है टेलिकॉम कंपनियों पर कर्ज
 
टेलिकॉम कंपनियों पर इस वक्‍त करीब 4.6 करोड़ रुपए का कर्ज है। ऐसे में रिलायंस Jio की इंट्री ने टेलिकॉम कंपनियों के मुनाफे और रेवेन्‍यू पर असर डालना शुरू कर दिया है। रिलायंस Jio की पिछले करीब 6 माह से फ्री सेवाओं के चलते बाकी टेलिकॉम कंपनियों का रेवेन्‍यु घटा है।
 
रिजर्व बैंक समय-समय पर विभिन्‍न सेक्‍टरों की समीक्षा करता है और हालात को देखते हुए प्रॉविजनिंग को कम या ज्‍यादा करने का निर्देश बैंकों को देता है। रिजर्व बैंक के नोटिफिकेशन के अनुसार टेलिकॉम सेक्‍टर वित्‍तीय रूप से दबाव में है। इस वक्‍त इस सेक्‍टर का इंटरेस्‍ट कवरेज रेशियो 1 से भी कम पर आ गया है।
 
बैंक 30 जून तक पॉलिसी तैयार करें
 
आरबीआई ने बैंकों के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स से कहा है कि वह 30 जून तक इस सेक्‍टर का रिव्‍यू करें। इंटरेस्‍ट कवरेज रेशियो इस बात को बताता है कि उस आर्गनाइजेशन की लोन पटाने की कैपेसिटी कितनी है। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि उनके बोर्ड स्‍टेंडर्ड आसेट पर प्रॉविजनिंग को लेकर पॉलिसी तैयार करें। 

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