राहत /अब आसानी से मिल जाएगा आपका चोरी हुआ मोबाइल, सरकार शुरू करेगी नया प्रोजेक्ट

Moneybhaskar.com

Jun 20,2019 10:13:00 AM IST

नई दिल्ली। देशभर में बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन की चोरी पर रोक लगाने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार मंत्रालय जल्द ही सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) की शुरुआत करने जा रहा है। इस रजिस्टर में देश के सभी मोबाइल और फीचर फोन्स के 15 डिजिट का यूनिक नंबर इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (आईएमईआई) नंबर दर्ज होगा।

ये भी पढ़ें- दो दोस्तों ने की थी शुरुआत, 4 साल में खड़ी हो गई 450 करोड़ की कंपनी, अब फेसबुक ने लगाया बड़ा दांव

मोबाइल चोरी होने पर डीओटी के पास दर्ज करा सकेंगे शिकायत

किसी भी मोबाइल फोन के चोरी होने पर आईएमईआई नंबर की मदद से उसकी स्थिति जानी जा सकती है। अभी तक मोबाइल के चोरी होने पर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई जाती है। अधिकांश मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज करके बैठ जाती है और चोरी हुए मोबाइल मिल नहीं पाते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दूरसंचार मंत्रालय ने यह नया प्रयास किए हैं। इसके तहत मोबाइल चोरी होने पर आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (डीओटी) में एक हेल्पलाइन नंबर के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद डीओटी आपके आईएमईआई नंबर को ब्लैक लिस्ट कर देगा। इसके बाद मोबाइल किसी भी टेलीकॉम नेटवर्क को एक्सेस नहीं कर पाएगी। इसके बाद पुलिस आपके बंद पड़े मोबाइल को ट्रैक कर सकेगी। ट्राइ के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2019 तक देश में 116 करोड़ सक्रिय मोबाइल यूजर थे।

ये भी पढ़ें- 40 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को नहीं मिलेगी पेंशन, सरकारी नियम बन रहा अड़चन

जुलाई में शुरू किया था ट्रायल

डीओटी ने CEIR प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में की थी। महाराष्ट्र में इसका ट्रायल किया गया था। ट्रायल में यह प्रोजेक्ट सफल रहा। इसके बाद अब इसको राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े डीओटी के एक अधिकारी के अनुसार, मोबाइल चोरी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यह किसी व्यक्ति के निजी जीवन और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। अधिकारी के अनुसार, डीओटी के लिए इस समय बाजार में नकली मोबाइल फोन की उपलब्धता एक बड़ा मुद्दा है। नकली आईएमईआई नंबर के साथ चलने वाले मोबाइल फोन हमारे आसपास एक्टिव रहते हैं और हम इनकी पहचान नहीं कर पाते हैं।

ये भी पढ़ें- नौकरीपेशा लोगों के लिए 7.5 लाख रुपए हो कर छूट, एफडी का ब्याज हो टैक्स मुक्त

चोरी रोकने में मिलेगी मदद

मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का असली मकसद मोबाइल फोन की चोरी को हतोत्साहित करना है। अधिकारी का कहना है कि आईएमईआई नंबर को ब्लैकलिस्ट करने के बाद मोबाइल काम करने लायक नहीं रहेगा। इस डाटाबेस की मदद से सुरक्षा एजेंसियां चोरी हुए मोबाइल को आसानी से ढूंढ़ सकेंगी। अधिकारी का कहना है कि हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सरकार की ओर से इस डाटाबेस का गलत इस्तेमाल ना किया जाए।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.