5G टेक्नोलॉजी /टेक महिंद्रा ने सरकार से 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी जल्द शुरू करने की मांग की

money bhaskar

May 23,2019 10:15:29 AM IST

नई दिल्ली. टेक महिंद्रा ने केंद्र सरकार से 5G स्पेक्ट्रम नीलामी जल्द शुरू करने की मांग की है। कंपनी के मुताबिक कई अन्य देशों के नियामकों ने पहले ही इसके लिए नीतियां बना ली हैं और स्पेक्ट्रम नीलामी शुरू कर दी है। टेक महिंद्रा के अध्यक्ष (संचार कारोबार) तथा नेटवर्क सेवाओं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनीष व्यास ने कहा कि देश में 4G सेवा का काम बड़े पैमाने पर किया गया है फिर भी यह देश के सभी हिस्सों में नहीं पहुंची है। वहीं दूसरी ओर 5जी परीक्षणों के लिए निश्चित रूप से कुछ हलचल दिख रही है। व्यास ने कहा कि प्रौद्योगिकी से ज्यादा इस मामले में बड़ी अड़चन 5 जी स्पेक्ट्रम को लेकर सरकार की नीति है।

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लाइसेंस में संशोधन की जरूरत


व्यास ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने परीक्षण के रूप में जो लाइसेंस दिया है उसमें संशोधन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इटली, स्विट्जरलैंड, सऊदी अरब और कुछ अन्य देशों ने 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर दी है। वैश्विक स्तर पर 5जी के लिए के लिए 3.5 गीगाहर्ट्ज लाइसेंस दे रहे हैं। वहीं कुछ अन्य देशों में एमएमवेव स्पेक्ट्रम बैंड में लाइसेंस दिया जा रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा को ई-मेल से भेजे जवाब में उन्होंने कहा कि भारत में 5जी नेटवर्क शुरू करने के लिए सबसे पहले 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी जरूरी है। सब कुछ स्पेक्ट्रम पर ही निर्भर करेगा।

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इधर, सरकार ने शुरू की तैयारी

दक्षिण कोरिया समेत अन्य देशों की तरह भारत में भी अगले साल से 5G नेटवर्क मिलने लगेगा। नई सरकार के गठन होने के बाद जून में इसके स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रकिया शुरू हो जाएगी। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें 5G टेक्नोलॉजी टेस्टिंग और स्पेक्ट्रम आदि का प्रयोग शामिल है। समाचार एजेंसी आईएनएस ने यह जानकारी दी है। एक आधिकारिक स्रोत ने कहा कि पहले नेटवर्क ट्रायल लाइसेंस जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि टेलीकॉम मिनिस्ट्री पैनल ने तीन महीने की अवधि के लिए टेस्ट रन के लिए स्पेक्ट्रम की सिफारिश की है, जो आगे के प्रयोग के लिए विशेष मामलों पर छह से 12 महीने तक भी हो सकता है।

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पूरे देश में तीन से चार साल लगेंगे

5G न केवल सबसे तेज़ इंटरनेट एक्सेस प्रदान करेगा, बल्कि बड़े क्षेत्रों को कवर करने के लिए कम ट्रांसमीटरों की आवश्यकता होती है। एक ऑपरेटर ने कहा कि 2020 तक भारत में 5G मिलने लगेगा लेकिन प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रसार के लिए 3 से 4 साल लगेंगे।

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