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खरीद-फरोख्त / JIO पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में सॉफ्टबैंक, कर सकता है बड़ा निवेश

जियो में 20 हजार करोड़ रुपए तक के निवेश की तैयारी में सॉफ्ट बैंक, अंबानी भी कर्ज चुकाने के लिए ले सकते हैं फैसला

Japan's soft bank wants to buy stake in Mukesh Ambani's Jio
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज के तीन लाख करोड़ रुपए के कर्ज को कम करने के लिए अंबानी ढूंढ़ रहे हैं निवेशक
  • सऊदी अरब की दिग्गज कंपनी अरामको को भी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर चल रही चर्चा 

 

नई दिल्ली. देश की सबसे तेजी से बढ़ती टेलीकॉम कंपनी रिलायंस JIO को जल्द एक विदेशी कंपनी निवेश कर सकती है। दुनिया के 13 वें सबसे ज्यादा अमीर मुकेश अंबानी की इस कंपनी में जापान की सॉफ्टबैंक निवेश करना चाहती है। जापान की कंपनी ने करीब 20 हजार करोड़ रुपए तक के निवेश की तैयारी की है। सऊदी अरब की दिग्गज अरामको कंपनी द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कारोबार में 10-15 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश के जरिए 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की भी चर्चा है। 

 

जेपी मॉर्गन ने दिए संकेत

जेपी मॉर्गन ने एक शोध रिपोर्ट में कहा है कि रिलायंस जियो ने जिस तरह से बीते तीन साल में बाजार पर कब्जा किया है और उससे भविष्य में भी अच्छे ग्रोथ की संभावना है। इसलिए इसमें निवेश फायदेमंद है। मार्गन के मुताबिक, सॉफ्टबैंक लंबे समय से Jio को एक संभावित निवेश के रूप में देख रहा है। पिछले 2 वर्षों से  निवेशकों के साथ बातचीत ने Jio में सॉफ्टबैंक के निवेश की उम्मीदों को उजागर किया है।  फिर भी यह देखा जाना जरूरी है कि सॉफ्टबैंक वास्तव में कितना पैसा लगाती है और इक्विटी मूल्यांकन क्या होता है। वैसे यह और रोचक होगा, क्योंकि रिलायंस अपना ई-कामर्स प्लेटफार्म शुरू करने की भी तैयारी में है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वर्तमान में जियो में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सॉफ्टबैंक का विज़न फंड काफी मेहनत कर रहा है। रिलायंस और सॉफ्टबैंक दोनों प्रवक्ताओं ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

 

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अंबानी कर्ज कम करने के साथ नए बिजनेस के लिए चाहते हैं पैसा 

रिलायंस इंडस्ट्री के मूल काम रिफाइनरी में अब पहले जितना मुनाफा नहीं रहा है। साथ ही जियो में अंबानी ने काफी पैसा निवेश किया हुआ है। इस वजह से रिलायंस इंडस्ट्री पर करीब तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है। जेपी मॉर्गन ने 50 बिलियन अमरीकी डालर में Jio का मूल्यांकन किया। अंबानी यदि इसकी कुछ इक्विटी बेच भी देते हैं तो उन्हें अमेजन और अलीबाबा को मात देने के लिए ईकामर्स प्लेटफार्म बनाने में मदद मिल जाएगी। 

 

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ओयो में भी किया है निवेश 

सॉफ्टबैंक टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कारोबार में निवेश कर रही है और सूत्रों के मुताबिक, जियो इसके लिए सही विकल्प साबित हो सकती है। हाल ही में सॉफ्टबैंक विजन फंड ने 10 हजार करोड़ डॉलर (लगभग 6.9 लाख करोड़ रुपए) इकट्ठा किए थे, जिसे कंपनी दुनियाभर में निवेश करेगी।  सॉफ्टबैंक ने हाल में ही ओयो रूम्स में भी निवेश किया है, जो एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित कंपनी है। 

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