नियम /अब आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को डिलीट करने के लिए कंपनियों को मिलेगा अधिक समय 

  • अवैध कंटेंट को ढूंढने और डिलीट करने के लिए ऑटोमेटिड टूल्स बनाने के प्रावधानों में भी बदलाव करेगी सरकार 

Moneybhaskar.com

Sep 11,2019 05:31:58 PM IST

नई दिल्ली. इंटरनेट से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए सरकार इंटरनेट और सोशल मीडिया कंपनियों को और समय देने वाली है। अब कंपनियां अपने प्लेटफार्म पर मौजूद अवैध कंटेंट को 36 घंटों के अंदर हटा सकेंगी या उन तक पहुंचने का रास्ता बंद कर सकेंगी।

कंटेंट डिलीट करने को मिलेंगे 36 घंटे

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, दिसंबर में जारी हुई इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंटरमीडियरीज गाइडलाइन के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया था कि कंपनियाें को किसी भी कंटेंट के पोस्ट होने के 72 घंटों के अंदर सरकारी एजेंसियों को सूचित करना होगा। इसके साथ ही 24 घंटों में उस कंटेंट को डिलीट करना होगा। अब कंटेंट को डिलीट करने के समय को बढ़ाकर 36 घंटे किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आईटी एक्ट के तहत आने वाले मौजूदा प्रावधानों के साथ इसे बराबरी पर लाने के लिए समय में बदलाव किया गया है।

ऑटोमेटिड टूल्स बनाने के प्रावधान में भी बदलाव करेगी सरकार

सरकार उस प्रावधान में भी बदलाव करने की योजना में है, जिसके मुताबिक कंपनियों को यह आजादी है कि वे अपने मुताबिक अवैध कंटेंट को ढूंढने और डिलीट करने के लिए ऑटोमेटिड टूल्स बनाएं। सरकार के इस प्रावधान की कई बार आलोचना हो चुकी है क्योंकि कंपनियां अवैध कंटेंट को अपने मुताबिक परिभाषित करती हैं। 2011 के आईटी नियमों के तहत कंपनियों को कोई लिखित शिकायत मिलने के बाद कंटेंट को डिलीट करने के लिए 36 घंटों का समय मिलता था। इस नियम को सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया था। इसके बाद नए नियम के तहत सर्विस प्रोवाइडर्स को किसी सरकारी एजेंसी या कोर्ट ये आदेश मिलने के बाद ही 36 घंटों में कंटेंट डिलीट करना होता है।

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