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Home » Industry » IT-TelecomGovernment officials suspect that might rigging Bell can do a big financial fraud

#Freedom251 की बुकिंग हुई बंद, टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने दिए जांच के आदेश

टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन बेचने का दावा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।

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नोएडा.  टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने 251 रुपए में स्मार्टफोन बेचने का दावा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स की जांच के आदेश दिए हैं। बीजेपी एमपी किरीट सोमैया के लेटर के बाद ये कार्रवाई की गई है। इससे पहले कंपनी ने स्मार्टफोन की बुकिंग बंद कर दी। हालांकि कंपनी के ऑफिस पर पुलिस और इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद फोन की डिलिवरी पर सस्पेंस बना हुआ है। जल्द ही कंपनी से जुड़े लोगों के पासपोर्ट जब्त हो सकते हैं। सोमैया ने स्कीम पर जताया था शक...
 
 
- टेलिकॉम मिनिस्टर रवि शंकर प्रसाद ने डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी सेक्रेटरी (डाइटी) अरुणा शर्मा से रिंगिंग बेल्स की स्कीम की जांच करने के लिए कहा है।
- प्रसाद ने भाजपा सांसद किरीट सोमैया का एक पत्र मिलने के बाद कार्रवाई की है।
- सूत्रों के मुताबिक सोमैया ने टेलिकॉम मिनिस्ट्री को पत्र लिखकर इस स्कीम पर शक जताया।
- मंत्री ने डाइटी सेक्रेटरी से पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा है और साथ ही जरूरत पड़ने पर राज्यों से मदद लेने की बात कही।
 
 
नोएडा ऑफिस पर पुलिस और इनकम टैक्स का छापा 
 
- 4 इंच एचडी डिस्प्ले, 1.3 गीगा हर्ट्ज प्रोसेसर और 1 जीबी रैम वाले 251 रुपए के इस फोन की लॉन्चिंग बुधवार को नोएडा में हुई। 
- अगले दिन एक सेकंड में 6 लाख हिट्स मिलने के बाद बुकिंग रोक दी गई। बुकिंग शुक्रवार को दोबारा शुरू हुई।
- सूत्रों ने moneybhaskar.com को बताया- जब कंपनी ने एलान किया कि वह 251 रुपए में स्मार्टफोन देगी, उसी के बाद से पुलिस और आईटी डिपार्टमेंट मामले पर नजर रखे हुए था।
- जब गुरुवार को कंपनी की वेबसाइट क्रैश हुई और लोगों के फोन की बुकिंग नहीं हो रही थी, तभी पुलिस और आईटी डिपार्टमेंट ने जांच शुरू कर दी। 
- शुक्रवार को कंपनी के नोएडा ऑफिस पर पुलिस और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापा मारा है। 
- यह जांच हो रही है कि सस्ते फोन की आड़ में कोई घोटाला तो नहीं हो रहा। हालांकि, कंपनी ने इससे इनकार किया है। 
- ये कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब फोन की कॉस्ट सेल्युलर एसोसिएशन ने 4,100 रुपए अौर टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने 2,300 रुपए बताई है। 
- मौके पर गए एक पुलिस अफसर ने बताया- नोएडा में कंपनी के ऑफिस पर जाकर हम यह देखना चाहते थे कि वह किसी तरह का फ्रॉड तो नहीं कर रही है। 
- सूत्रों के मुताबिक, पुलिस के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लोग कंपनी के आफिस से जरूरी डॉक्युमेंट्स अपने साथ जांच के लिए लेकर गए हैं।
- अगर जांच में फ्रॉड का मामला सामने आया तो कंपनी के अफसरों और प्रमोटर्स का पासपोर्ट भी जब्त किए जा सकते हैं, ताकि वे देश से बाहर न जाएं। 
 
कंपनी को 25 लाख की बुकिंग से मिले 72 करोड़
 
- कंपनी ने पुलिस और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के दावों से इनकार किया है। 
- उसके एक आला अफसर के मुताबिक, कंपनी ने खुद ही पुलिस को बुलाकर जरूरी डॉक्युमेंट्स दिए हैं। कंपनी अपने वादे के मुताबिक लोगों को फोन देगी।
- कंपनी के एमडी मोहित गोयल के मुताबिक, "हमें 25 लाख स्मार्टफोन के ऑर्डर मिले हैं। हम अप्रैल के आखिर से इनकी डिलिवरी शुरू करेंगे।"
- 251 रुपए का यह फोन शिपिंग चार्जेस के बाद 291 रुपए में मिल रहा है। 
- कंपनी के दावे को माने तो 25 लाख बुकिंग के हिसाब से उसे 72 करोड़ रुपए मिल चुके हैं।
 
चार महीने पहले बनी है कंपनी
 
- कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के मुताबिक, रिंगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड सितंबर 2015 में बनी है। यह दिल्ली में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ऑफिस में रजिस्टर्ड है। 
- कंपनी की पेडअप कैपिटल 60 लाख रुपए और ऑथराइज्ड कैपिटल एक करोड़ रुपए है। 
 
सस्ते स्मार्टफोन से जुड़े 5 डेवलपमेंट्स
 
1. टेलिकॉम मिनिस्ट्री रख रही है नजर

- टेलिकॉम मिनिस्ट्री के सूत्रों ने moneybhaskar.com  को बताया कि कंपनी की गतिविधियों पर मिनिस्ट्री नजर रखे हुए है। 
- मिनिस्ट्री का इंटरनल असेसमेंट भी यही कहता है कि इस स्मार्टफोन की कीमत 2300 रुपए से कम नहीं हो सकती। लेकिन जब तक गड़बड़ी का कोई मामला या शिकायत सामने नहीं आती, तब तक सरकार इस मामले में दखल नहीं देगी।
- उधर, 251 रुपए के फोन के वादे को घोटाला करार दे चुके बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर दावा किया कि टेलिकॉम मिनिस्ट्री ने रिंगिंग बेल्स से सफाई मांगी है।
- सोमैया के मुताबिक, कंपनी से पूछा गया है कि वह ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के सर्टिफिकेशन के बिना कैसे फोन बेच रही है। केंद्र ने यूपी सरकार से भी कंपनी की ऑथेंटिसिटी जांचने को कहा है।
 
2. इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने स्मार्टफोन की कीमत पर सवाल उठाए
 
- आईसीए ने कहा कि इस तरह के प्रोडक्ट की बिल ऑफ मटीरियल (बीओएम) वैल्यू 40 डॉलर यानी 2,700 रुपए आती है। यह कॉस्ट तभी आती है, जब इसे सस्ती सप्लाई चेन से खरीदा जाए।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर के बारे में moneybhaskar.com को बताया कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है। 
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
 
3. जवाब में रिंगिंग बेल्स ने क्या गणित बताया?
 
- रिंगिंग बेल्स के प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा ने कहा- "इस साल के आखिर तक हम फ्रीडम-251 स्मार्टफोन का हार्डवेयर भारत में बनाएंगे। बाद में इसे 100 पर्सेंट मेड इन इंडिया कर देंगे।"
- "हम इसके लिए नोएडा और उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इसकी कॉस्ट 500 करोड़ रुपए और टारगेट कैपिसिटी हर महीने 5 लाख यूनिट की होगी। ऐसे पांच मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हम बनाएंगे। लेकिन शुरुआत में हम ढाई लाख ऑर्डर के बाद बुकिंग रोक देंगे।"
- "बिल ऑफ मटीरियल्स के हिसाब से इस स्मार्टफोन की कॉस्ट 2000 रुपए है। भारत में बनाकर हम इसमें से 400 रुपए बचा लेंगे।"
- "ऑनलाइन बेचकर हम इससे 400 रुपए और बचा लेंगे। अगर प्री-ऑर्डर पर नंबर बढ़ेगा तो हम 400 रुपए आैर सेव कर लेंगे।"
- "इसके बाद जब प्लैटफॉर्म बड़ा हो जाएगा तो हम ऐसे प्रोडक्ट्स हाईलाइट करेंगे, जो कस्टमर्स के लिए वैल्यूएबल होंगे।"
- "इससे हमारी सोर्स ऑफ इनकम बढ़ेगी। इसका फायदा हम कस्टमर्स तक पहुंचाएंगे और स्मार्टफोन की कॉस्ट को कंट्रोल करेंगे।"
- कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के लिए कोई गवर्नमेंट सब्सिडी नहीं ले रही है, न ही प्रोजेक्ट में सरकार का कोई डिपार्टमेंट शामिल है।
 
4. आईफोन और एडकॉम से कॉपी करने के दावे
 
- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रीडम 251 में ज्यादातर बिल्ट अप आइकॉन आईफाेन जैसे दिखते हैं।
- इसका वेब ब्राउजर ऐप एप्पल के सफारी ब्राउजर जैसा नजर आता है जो आईफोन, आईपैड और मैक में होता है।
- इसमें राउंड होम बटन वैसा ही है, जैसा आईफोन में होता है।
- मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रीडम 251 दिल्ली की आईटी इम्पोर्टर कंपनी एडकॉम के एक हैंडसेट की तर्ज पर बना है। एडकॉम कंपनी का फ्रीडम 251 जैसा एक स्मार्टफोन कई ई-रिटेलर कंपनियों की वेबसाइट्स पर करीब 4000 रुपए में लिस्टेड है।
 
5. लॉन्चिंग इवेंट में नहीं आए थे पर्रिकर
 
- पर्रिकर फोन के लॉन्चिंग इवेंट में नहीं आए। बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी इस इवेंट में शामिल हुए।
- मोबाइल इंडस्ट्री बॉडी इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) का कहना है कि टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को इस मामले की जांच करनी चाहिए।
- आईसीए का कहना है कि सब्सिडी पर सेल के बावजूद इस तरह के स्मार्टफोन की प्राइस 4100 रुपए से कम नहीं हो सकती।
- आईसीए ने इस सस्ते स्मार्टफोन के लॉन्चिंग इवेंट में सीनियर पॉलिटिकल और गवर्नमेंट लीडरशिप को मिले इनविटेशन और नेताओं की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।
 
 
आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज और इन्फोग्राफिक्स...

 
बीजेपी नेता कि‍रीट सोमैया का ट्वीट 
 
इससे पहले भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने रिंगिंग बेल के बारे में बुधवार को ट्वीट करके बताया था क‍ि टेलिकॉम मंत्रालय ने कंपनी से पूछा है क‍ि बिना BIS मानक वह कैसे स्‍मार्टफोन बेचने का दावा कर रही है। इसके अलावा, मंत्रालय ने यूपी सरकार से भी कंपनी की पूरी डिटेल पता करने को कहा है।  
 
सेल्युलर एसोसिएशन ने की शिकायत
 
इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महेंद्रू ने मनीभास्कर को बताया कि इतनी कम कीमत में कोई भी कंपनी इस तरह का स्मार्टफोन लॉन्च नहीं कर सकती है। इस तरह का फोन बनाने में दुनिया के किसी भी कोने में कम से कम 40 डॉलर रॉ मटीरियल की लागत आती है। ऐसे में, इस तरह के फोन की लागत किसी भी हालत 2700 रुपए से कम नहीं हो सकती है। जबकि अगर टैक्स आदि जोड़ दिया जाए, तो लागत 4000 रुपए तक आएगी।
 
केवल चार महीने पहले बनी है कंपनी
 
कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, रिंगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन केवल सितंबर 2015 में किया गया है, जो कि दिल्ली में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ऑफिस में रजिस्टर्ड है। कंपनी की चुकता पूंजी 60 लाख रुपए और ऑथराइज्ड कैपिटल एक करोड़ रुपए है। बुधवार को फोन लॉन्च करते समय रिंगिंग बेल के प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा ने बताया कि फोन की मैन्युफैक्चरिंग लागत 2500 रुपए है, इसके बावजूद कंपनी 251 रुपए में उसकी बिक्री करेगी। फोन की ज्यादा से ज्यादा बिक्री और दूसरे मार्केटिंग स्ट्रैटजी के जरिए इसे वायबल बनाया जाएगा।
 
अभी कंपनी का प्लान्ट लगना बाकी
 
अशोक चड्ढा के अनुसार, कंपनी दो प्लान्ट लगाएगी, जहां 5 लाख फोन की मैन्युफैक्चरिंग की जाएगी। एक प्लान्ट नोएडा और दूसरा प्लान्ट उत्तराखंड में लगाया जाएगा, जिस पर करीब 500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। कंपनी यह पूंजी कर्ज और इक्विटी के जरिए जुटाएगी। 
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