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कवायद /बीएसएनल को बचाने के लिए सरकार ने गठित की कमेटी, बनेगा रिवाइवल प्लान 

Moneybhaskar.com

Jun 27,2019 02:37:00 PM IST

नई दिल्ली. घाटे में चल रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) और एमटीएनएल (MTNL) के बंद होने का खतरा फिलहाल टल गया है। सरकार दोनों कंपनियों के रिवाइवल का प्लान बना रही है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। हालांकि सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि घाटे को पूरा करने के लिए कंपनियों को क्या पैकेज दिया जाएगा? गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही बीएसएनएल ने कहा था कि उनके पास जून की सैलरी देने के भी पैसे नहीं हैं।


4 जुलाई को है कमेटी की अहम बैठक


लोकसभा में सरकार ने साफ कर दिया था कि दोनों कंपनियों को बंद नहीं किया जाएगा। इसके बाद सरकार ने सचिवों की एक कमेटी गठित की है। कमेटी की 4 जुलाई को अहम बैठक भी करने जा रही है। इसमें कमेटी 4 मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करेगी। सूत्रों के मुताबिक दोनों कंपनियों की परिसंपत्तियों की बिक्री पर चर्चा हो सकती है। कंपनियों में कैश क्रंच को देखते हुए वित्तीय सहायता और फंड मुहैया कराने के लिए यह संपत्तियां एक विकल्प के तौर पर देखी जा रही है। साथ ही दोनों कंपनियों के मर्जर और 4 जी स्पेक्ट्रम के आवंटन पर भी विचार किया जा सकता है। गौरतलब है कि बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है। वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था।

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वीआरएस के जरिए कम किया जाएगा स्थापना व्यय



सरकार कर्मचारियों को वीआरएस देने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। इसके बाद ही मर्जर प्लान लागू हो सकता है। वहीं सरकार बीएसएनएल को 5G टेक्नोलॉजी के लिए भी निजी कंपनियों के मुकाबले में प्रतिस्पदर्धा में खड़ा कर सकती है।

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