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रिपोर्ट /पोर्न देखने वाले सावधान! गूगल, फेसबुक की है आप पर नजर

  • इंकॉग्निटो मोड में भी गोपनीय नहीं रहती है आपकी गतिविधियां।
  • आप जिन साइटों पर जाते हैं, उनसे संबंधित ऑनलाइन कार्यों को थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स देख और रिकॉर्ड कर सकते हैं।

Moneybhaskar.com

Jul 19,2019 02:54:22 PM IST

नई दिल्ली. गूगल (Google), फेसबुक (Facebook) और यहां तक कि ओरेकल क्लाउड (Oracle Cloud) भी आप पर चुपके से नजर बनाए रखते हैं। लैपटॉप या स्मार्टफोन पर 'इंकॉग्निटो मोड' पर स्विच करने पर भी आपके द्वारा देखी जाने वाली पोर्न पर गुप्त रूप से नजर रखी जाती है। माइक्रोसॉफ्ट, कानेर्गी मेलन विश्वविद्यालय और पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के एक नए संयुक्त अध्ययन में यह बात सामने आई है।

22,484 वेबसाइट्स का किया गया अध्ययन

एजेंसी के मुताबिक इस जांच में पता चला कि 93 प्रतिशत वेब पेज ऐसे हैं, जो यूजर्स के डाटा को थर्ड पार्टी संगठनों के लिए ट्रैक और लीक करते हैं। इसके लिए 'वेबएक्सरे' नामक एक उपकरण का उपयोग करके 22,484 सेक्स वेबसाइटों को टटोला गया। अपने नमूने में यूजर्स को ट्रैक करने वाली 230 विभिन्न कंपनियों और सेवाओं की पहचान करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा, "इन साइटों पर हो रही ट्रैकिंग कुछ प्रमुख कंपनियों द्वारा केंद्रित है।"

गूगल करता है सबसे ज्यादा साइट्स को ट्रैक

गैर-पोर्नोग्राफी-विशिष्ट सेवाओं में से, गूगल 74 फीसदी साइटों को ट्रैक करता है, ओरेकल 24 फीसदी और फेसबुक 10 फीसदी साइटों को ट्रैक करता है। पोर्नोग्राफी-विशिष्ट ट्रैकरों में शीष 10 हैं- ईएक्सओ क्लिक (40 फीसदी), जूसीएड (11 फीसदी) और इरो एडवरटाइजिंग (9 फीसदी)। अध्ययन में कहा गया है, "गैर-पोर्नोग्राफी की शीर्ष 10 कंपनियां अमेरिका में हैं, जबकि पोर्नोग्राफी-विशिष्ट की अधिकतर कंपनियां यूरोप में हैं।"

नकली प्रोफाइल बनाकर शोधकर्ताओं ने किया अध्ययन

शोधकर्ताओं की टीम ने 'जैक' नाम का एक काल्पनिक प्रोफाइल बनाया, जो अपने लैपटॉप पर पोर्न देखने का फैसला करता है। जैक अपने ब्राउजर में 'इंकॉग्निटो मोड' ऑन करता है और यह मान लेता है कि उसके कार्य अब निजी हैं। वह एक साइट को खोजता है और एक गोपनीयता नीति के लिए एक छोटी सी लिंक को स्क्रॉल करता है। वह सोचता है कि गोपनीयता नीति के तहत आने वाली साइट उसकी निजी जानकारी की रक्षा करेगी, इसलिए जैक एक वीडियो पर क्लिक करता है। शोधकर्ताओं ने कहा, "जैक को पता नहीं है कि 'इंकॉग्निटो मोड' केवल यह सुनिश्चित करता है कि उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री उसके कंप्यूटर पर जमा न हो। वह जिन साइटों पर जाता है, उससे संबंधित ऑनलाइन कार्यों को थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स देख और रिकॉर्ड कर सकते हैं।" जैक द्वारा एक्सेस की गई सारी जानकारी से ये थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स उन साइटों के यूआरएल की मदद से उसकी यौन इच्छाओंका भी अनुमान लगा सकते हैं। वे जैक से जुड़े डाटा को बेच भी सकते हैं।

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