डाटा लोकलाइजेशन /मोदी के दांव को भुनाएंगे अडानी, 70 हजार करोड़ के निवेश से बनाएंगे डाटा पार्क

  • एक दक्षिणी राज्य में कई डाटा पार्क की कर सकते हैं स्थापना
  • अडानी को विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों से अच्छी आय की उम्मीद

Moneybhaskar.com

Jul 11,2019 04:44:30 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार के डाटा लोकलाइजेशन के दांव को भुनाने के लिए अरबपति गौतम अडानी आगे आए हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 अरब डॉलर की नेटवर्थ वाले अडानी एक दक्षिणी राज्य में 70 हजार करोड़ रुपए (10.20 अरब डॉलर) के निवेश से कई डाटा पार्क की स्थापना कर सकते हैं। उनकी इसके माध्यम से अमेजन और अल्फाबेट इंक की गूगल को डाटा सर्विसेस बेचकर कमाई की योजना है। हालांकि गुजरात के इस कारोबारी के लिए यह बिजनेस नया है। फिलहाल उनका ग्रुप पोर्ट, माइनिंग और कमोडिटीज जैसे बिजनेस में ऑपरेट करता है।

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डाटा लोकलाइजेशन के लिए दबाव बना रही है सरकार

भारत सरकार पिछले कुछ महीनों से देश में ही डाटा स्टोरेज सुनिश्चित करने के लिए नया कानून बनाने की संभावनाएं खंगाल रही है। इस बीच गौतम अडानी के स्वामित्व वाले अडानी एंटरप्राइजेज ने एक दक्षिणी राज्य में कई डाटा पार्क बनाने की संभावनाओं पर विचार करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि ग्रुप अगले दो दशकों के दौरान इस बिजनेस में 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश कर सकता है। अडानी को विदेशी टेक्नोलॉजी कंपनियों से अच्छी आय होने की उम्मीद है, जिनके कारोबार में स्मार्टफोन का इस्तेमाल और इंटरनेट के प्रसार से विस्तार हो रहा है।

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भारत में बढ़ेंगी डाटा स्टोरेज की जरूरत

अडानी में एक इंटरव्यू में कहा कि यदि प्रस्तावित कानून बन जाता है तो ‘इससे डाटा स्टोरेज की जरूरत बढ़ जाएगी और इसके लिए कैपेसिटी की जरूरत होगी। यह अरबों डॉलर का प्रोजेक्ट होगा और इससे गूगल-अमेजन जैसी कंपनियां भी जुड़ेंगी।’

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सामने आएगी नई इंडस्ट्री इस योजना से अडानी के बिजनेस एम्पायर के विस्तार की उम्मीद है, जिससे एक नई इंडस्ट्री सामने आएगी और विशेष रूप से सरकार का भी इसे समर्थन हासिल है। इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करना होगा। चीन की तरह ही भारत भी इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ज्यादा निवेश की योजना बना रहा है, जिससे आने वाले वर्षों जीडीपी को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में मदद मिलेगी। यह भी पढ़ें-<a href='https://money.bhaskar.com/news/MON-MARK-STMF-warren-buffett-explains-how-you-could-make-400000-dollar-fund-with-a-simple-investment-1556786418.html?ref=fpreco'>8 हजार रु कैसे बन जाते 2.8 करोड़ रु, वारेन बफे ने बताई सिंपल स्ट्रैटजी</a>मोदी की इस स्कीम से भी फायदा उठा चुके हैं अडानी इससे पहले जब भारत सरकार ने शहरों में रसोई गैस और परिवहन को प्रोत्साहन देने की दिशा में कदम बढ़ाए थे तो अडानी समूह ने भी बिड लगाई थीं और कई लाइसेंस हासिल किए थे। इसके माध्यम से अडानी ग्रुप गैस रिटेलिंग में सबसे बड़ी कंपनी के रूप में सामने आ सकता है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिफेंस इक्विपमेंट के स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग की कोशिशें शुरू की थीं, तब भी अडानी ने आक्रामक तौर पर मिलिट्री को सप्लाई की क्षमता तैयार की थी। एयरपोर्ट ऑपरेशन में भी किया विस्तार वहीं अडानी ग्रुप ने जब एयरपोर्ट ऑपरेशन से जुड़ने का फैसला किया था तो कुछ मामलों में उन्होंने कॉम्पिटीटर्स से दोगुनी ज्यादा बोली लगा थी। बिडिंग प्रोसेस में मिली सफलता के दम पर कंपनी ने रातोंरात अपने ऑपरेशन में 6 एयरफील्ड जोड़ लिए थे।
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