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डेटा लीक / भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस की साल भर की कमाई के बराबर फेसबुक को देना पड़ सकता है जुर्माना

अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन में हेल्थ डेटा लीक होने की शिकायत, कंपनी ने खुद भी किया भारी जुर्माने का असेसमेंट

Fines can be paid to Facebook equal to the year's earnings of India's biggest company Reliance
  • फेसबुक की एक महीने की कमाई यानी करीब 35 हजार करोड़ रुपए अदा करना पड़ सकता है 
  • फेसबुक ने भी 21 हजार करोड़ रुपए सेटलमेंट के लिए अलग रखे।

नई दिल्ली. भारत में भले ही उपभोक्ताओं के मामलों पर कंपनियों पर तगड़ा जुर्माना न लगता हो लेकिन अमेरिका में सख्त कार्रवाई की जाती है। न्यूयार्क टाइम्स ने एक खबर में बताया है कि डेटा लीक होने मामले फेसबुक पर करीब 35 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना तक लग सकता है। यह रकम भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के एक साल के मुनाफे के बराबर है जबकि खुद फेसबुक की यह एक महीने की कमाई है। 

 


जुर्माने की बात पर भी अमेरिकी निवेशकों पर असर नहीं, 10 प्रतिशत शेयर चढ़े

 

अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) में उसके खिलाफ हेल्थ डेटा लीक होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत के आधार पर कंपनी यह मानकर चल रही है कि एफटीसी उसके खिलाफ 5 बिलियन डॉलर यानी करीब 35,125 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए फेसबुक ने डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में कानूनी खर्चों के लिए 21,075 करोड़ रुपए का बजट अलग रख दिया है। फेसबुक ने खुद ही यह जानकारी लोगों के सामने रखी। हालांकि, इस जानकारी का निवेशकों पर असर नहीं हुआ है। बुधवार को फेसबुक का शेयर 10% चढ़ गया। अगर फेसबुक से इतना जुर्माना वसूला जाता है, तो ये कंपनी की करीब एक महीने की आमदनी के बराबर होगा। साथ ही अब तक की सबसे बड़ी रकम भी। एफटीसी इसके पहले 2012 में इसी तरह के एक मामले में गूगल पर 155 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा चुका है। 

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कैंब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद शुरू हुई थी जांच 

 

जांच कैंब्रिज एनालिटिका डेटा स्कैंडल के बाद शुरू की गई थी। 2011 में एफटीसी के साथ फेसबुक ने एक समझौता किया था। इसके तहत फेसबुक को डेटा शेयर करने के लिए यूजर्स की सहमति लेना जरूरी किया गया था। लेकिन फेसबुक पर यह आरोप है कि उसने इस समझौते को तोड़ा है। फेसबुक के सीएफओ डेव वेनर के मुताबिक अब तक इस परेशानी का समाधान नहीं हुआ है। इसलिए हमें कितना रुपया देना होगा, यह अभी तक साफ नहीं है। फेसबुक ने बुधवार को जनवरी-मार्च तिमाही की रिपोर्ट जारी की। इसमें बताया गया है कि दुनियाभर में उसके पास 156 करोड़ डेली एक्टिव यूजर्स हैं। जबकि हर महीने के एक्टिव यूजर्स की बात करें तो यह आंकड़ा 238 करोड़ को पार कर चुका है।

 

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जुलाई में सामने आया था हेल्थ डेटा लीक का मामला 

 

हेल्थ डेटा लीक का मामला पहली बार जुलाई में सामने आया था। एक खास तरह की बीमारी से पीड़ित महिलाओं के एक ग्रुप को अंदेशा हुआ कि उनके नाम और ईमेल एड्रेस बड़ी आसानी से डाउनलोड किए जा रहे हैं। डाउनलोडिंग का काम मैन्युअल और क्रोम एक्सटेंशन के जरिए किया जा रहा है। तब फेसबुक ने इस ग्रुप में बदलाव कर इस तरह की जानकारी गुप्त रखने और महिलाओं की पहचान उजागर न होने देने का दावा किया था। हालांकि, यह शिकायत इसलिए की गई थी कि लोग निजी हेल्थ डेटा को पब्लिकली पोस्ट कर रहे थे। 


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