मनी भास्कर खास /लॉग इन से नहीं, ब्लॉकचेन आइडेंटिटी से खुलेगा फेसबुक अकाउंट, मार्क जुकरबर्ग ने इच्छा जताई

  • दुनिया की 50 अव्वल कंपनियां तेजी से ब्लॉकचेन अपनाने की तरफ अग्रसर

Moneybhaskar.com

Jun 17,2019 03:16:51 PM IST

राजीव कुमार

नई दिल्ली। ऐसा मुमकिन है कि आने वाले समय में फेसबुक पेज पर जाने के लिए फेसबुक लॉग इन की जगह ब्लॉकचेन आइडेंटिटी का इस्तेमाल करना पड़े। फोर्ब्स में छपी खबर के मुताबिक हाल ही में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने हार्वर्ड के लॉ प्रोफेसर से यह इच्छा जाहिर की थी। जुकरबर्ग चाहते हैं कि फेसबुक पर जाने के लिए यूजर्स फेसबुक लॉग इन की जगह ब्लॉकचेन आइडेंटिटी का इस्तेमाल करें। इन दिनों विश्व की 50 बड़ी कंपनियां तेजी से ब्लॉकचेन प्रणाली को अपनाने में लगी है जो दुनिया भर में पैसे के लेन-देन के तरीकों को बदल देगी। इन कंपनियों में अमेजन, मास्टरकार्ड, माइक्रोसॉफ्ट, सिटी ग्रुप, आईबीएम, एचटीसी, जेपी मॉर्गेन, फेसबुक भी शामिल हैं।

ये भी पढ़ें- जुर्माना भरने के बाद भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे टैक्स डिफॉल्टर, आज से लागू हुए नए नियम

स्मार्टफोन स्कैन कर खरीद सकते हैं बीयर

ब्लॉकचेन की बदौलत फ्लाइट लेट होने पर आपके स्मार्टफोन पर नोटिफिकेशन आएगा और अपना बैंक अकाउंट नंबर डालते ही फ्लाइट डिले इंश्योरेंस के तहत मिलने वाली राशि आपके खाते में होगी। वैसे ही, सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस का डिटेल देकर और अपने स्मार्टफोन को स्कैन करके आप बीयर खरीद सकेंगे। फोर्ब्स में छपी खबर के मुताबिक म्युनिख की एलियांजेसे कंपनी ब्लॉकचेन के माध्यम से फ्लाइट की मिनट की देरी से पहले आपके खाते में फ्लाइट डिले इंश्योरेंस का पेमेंट भेज रही है। वहीं अफ्रीका की कंपनी बूश इंबेव सिर्फ स्मार्टफोन को स्कैन करने से बीयर दे रही है। असल में इस प्रकार की इंस्टेंट एवं सुरक्षित सुविधा ब्लॉकचेन के माध्यम से संभव हो पा रही है।

ये भी पढ़ें- जुलाई से महंगी हो जाएंगी होंडा की कारें, इस साल दूसरी बार बढ़ेगी कीमत

मास्टरकार्ड ने 80 पेटेंट के लिए अप्लाई किया

फोर्ब्स के मुताबिक मास्टरकार्ड ने तो ब्लॉकचेन से संबंधित 80 पेटेंट के लिए अप्लाई किया है। ब्लॉकचेन के माध्यम से मास्टरकार्ड अमेजन के साथ मिलकर एक ऐसे तरीके को विकसित कर रही है जिसके माध्यम से अमेजन से जींस खरीदने वाले यह आसानी से जान पाएंगे कि उनकी जींस कहां बनी है। वैसे ही, वीजा ने ब्लॉकचेन से संबंधित 50 पेटेंट के लिए अप्लाई किया है। वीजा तो बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) सेवा शुरू करने जा रही है जो ब्लॉकचेन की मदद से विश्व के किसी भी देश की कंपनी का वेरिफिकेशन करने में बैंकों की मदद करेगी।

ये भी पढ़ें- मजदूरों को मिले 6 हजार रुपए महीने की पेंशन, ठेका-अनियमित कर्मचारियों को मिले स्थायी रोजगार

क्या है ब्लॉकचेन

ब्लॉकचेन के तहत इस चेन से जुड़े सभी कंप्यूटर में हर ट्रांजेक्शन की जानकारी होगी। अभी किसी बैंक में ट्रांजेक्शन करने पर उस बैंक के अंदर या ग्राहक को उस ट्रांजेक्शन की जानकारी होती है। ब्लॉकचेन के तहत अगर दूसरे बैंक के कंप्यूटर उस चेन जुड़े हैं तो वहां भी उस ट्रांजेक्शन की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। इस टेक्नोलॉजी की खासियत यह है कि ट्रांजेक्शन के रिकार्ड से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है और एक बार ट्रांजेक्शन की कार्रवाई हो जाने पर उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। किसी प्रकार के बदलाव के लिए फ्रेश इंट्री करनी होगी। ब्लॉकचेन हेराफेरी खत्म होने के साथ कारोबारी ग्राहकों के समय और पैसे की बचत होगी। विदेश में स्थित बैंक की शाखाएं ब्लॉकचेन से जुड़ जाने पर वहां भी किसी प्रकार की हेराफेरी नहीं की जा सकेगी।

ये भी पढ़ें- भारत में बेरोजगारी नहीं, अच्छी नौकरियों की समस्या: मोहनदास पई

भारत में फिनटेक का पार्ट होगा ब्लॉकचेन

भारत में भी ब्लॉकचेन सिस्टम पर काम चल रहा है। ब्लॉकचेन यहां फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) का पार्ट होगा। इससे बैंकिंग व्यवस्था हाईटेक हो जाएगी। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम में फिनटेक के तहत मुख्य रूप से तीन चीजें इस्तेमाल होंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ब्लॉकचेन व इंटरनेट ऑफ थिंग्स। एआई के तहत आने वाले समय में बैंकों में ग्राहक सेवा व उनकी मदद के लिए रोबोटिक सहायक होंगे। रोबोटिक सहायक का इस्तेमाल मुख्य रूप से बैंकों की बड़ी शाखाओं में किया जाएगा, जहां काफी अधिक संख्या में ग्राहक आते हैं। ये रोबोटिक सहायक ग्राहकों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन में उनकी मदद करेंगे। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, एआई के इस्तेमाल से बैंक को अपने ग्राहकों को मैनेज करने में काफी आसानी होगी और इससे लागत में कमी आएगी।

ये भी पढ़ें- सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला पहला राज्य बना बिहार, 35 लाख लोगों को होगा फायदा

बैंकों को अपनाना होगा फिनटेक

वित्त मंत्रालय का मानना है कि फिनटेक को अगर बैंकिंग सिस्टम में नहीं अपनाया गया तो सरकारी बैंक बैंकिंग की दौड़ में पीछे रह जाएंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2013-14 के बीच फिनटेक इंडस्ट्री में 282 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 2015 तक फिनटेक का कारोबार 45 करोड़ डॉलर का हो गया। भारत में 400 फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। वर्ष 2020 तक इनके कारोबार में 170 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। नैसकॉम के अनुमान के मुताबिक भारत का फिनटेक साफ्टवेयर मार्केट वर्ष 2020 तक 2.4 अरब डॉलर का हो जाएगा। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल (2017) के मध्य तक 40 फीसदी आबादी बैंक से नहीं जुड़ी हैं और 87 फीसदी पेमेंट नकद में हो रहा है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.