मेक इन इंडिया /चीनी कंपनी भारत में ही बनाएगी मोबाइल, 3500 करोड़ रुपए का करेगी निवेश 

Moneybhaskar.com

Jun 26,2019 07:06:00 PM IST

कुलदीप सिंगोरिया. नई दिल्ली


अमेरिका में टॉप थ्री स्मार्ट फोन बेचने वाली चीनी कूलपैड अब भारत में सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को अपनाएगी। कंपनी करीब 3500 करोड़ रुपए का निवेश कर भारत में ही मैन्युफेक्चरिंग करेगी। कंपनी अगले साल 5 जी फोन भी लॉन्च करेगी। कूलपैड के कूल 3 प्लस फोन के लॉन्चिंग मौके पर कंपनी के सीईओ फिशर ने मनी भास्कर से बातचीत कर यह जानकारी दी।

पांच साल के लिए बनाया प्लान

फिशर ने बताया कि वह अगले पांच सालों में भारत में 3500 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसमें मैन्युफेक्चिरिंग से लेकर मार्केटिंग आदि शामिल है। फिशर ने कहा कि हम एक या दो साल नहीं बल्कि पांच साल की लंबी अवधि के प्लान पर काम कर रहे हैं। कंपनी ने इस साल भारतीय बाजार में अमेजन के जरिए दस लाख फोन बेचे हैं। कंपनी के ऑनलाइन बिजनेस हेड पंकज उपाध्याय ने बताया कि इस साल के अंत तक 30 लाख फोन बेचने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी जुलाई और अगस्त में भी नए फोन्स की लांचिंग की तैयारी कर रही है।

यह भी पढ़ें : कूलपैड ने लॉन्च किया बजट स्मार्टफोन कूल 3 प्लस, कीमत 6499 रुपए


नोएडा में बनेंगे फोन


कंपनी के मुताबिक अपने नोएडा स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर MCM टेलीकॉम इक्विपमेंट के जरिए भारत में फोन बनाने और बेचने की योजना तैयार की जा रही है। अगस्त से कूल 3 प्लस के भारत में पीसीबी (मदरबोर्ड) स्तर का निर्माण शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने 5 जी स्मार्टफोन पर भी काम कर रही है जिसे अगले साल की शुरुआत में लाॅन्च किया जाएगा। इसके लिए 120 डिवाइस पेटेंट के लिए दिए गए हैं। कंपनी ने 5 जी टेक्नोलॉजी पर निवेश किया है। अगली पीढ़ी के टेक्नोलॉजी के लिए 800 पेटेंट आवेदन दायर किए हैं।

यह भी पढ़ें : चाबी वाली घड़ी और टैक्टर बनाने वाली एचएमटी समेत 19 सरकारी कंपनियां हो जाएंगी इतिहास

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.