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Xiaomi का IPO बनेगा रतन टाटा के लि‍ए फायदा का सौदा, 10 लाख डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट हो जाएगा डबल, 4 साल पहले लगाया था पैसा

Xiaomi में साल 2015 में रतन टाटा ने इन्वेस्टमेंट किया था। वह रिटायरमेंट के बाद स्टार्टअप में भी पैसा लगा रहे हैं।

xiaomi ipo makes ratan tata investment double in 4 years

नई दि‍ल्‍ली. दुनि‍या की सबसे बड़ी स्‍मार्टफोन मैन्‍युफैक्‍चरर में से एक Xiaomi को हांगकांग स्‍टॉक एक्‍सचेंज में IPO पेश कर 10 अरब डॉलर जुटाने की उम्‍मीद है। Xiaomi के आईपीओ से भारत के बड़े बि‍जनेसमैन और टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा को भी बड़ा फायदा पहुंचने वाला है। Xiaomi के आईपीओ फाइलिंग के मुताबि‍क, कंपनी में केवल एक ही इंडि‍यन इन्‍वेस्‍टर है और वो हैं रतन टाटा। रतन टाटा ने 2015 में Xiaomi में इन्‍वेस्‍टमेंट कि‍या था। 

 

आईपीओ डॉक्‍युमेंट के मुताबिक, रतन टाटा ने Xiaomi में 0.0024 फीसदी हि‍स्‍सेदारी (49,583 शेयर्स) खरीदी थी। ब्‍लूमबर्ग के मुताबि‍क, उन्‍होंने उस वक्‍त करीब 10 लाख डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट कि‍या था। मौजूदा समय में Xiaomi की वैल्‍यूएशन 90 अरब डॉलर से ज्‍यादा आंकी जा रही है। ऐसे में अब रतन टाटा का इन्‍वेस्‍टमेंट चार साल में दोगुना बढ़कर 21 लाख डॉलर पर पहुंच गया है। 

 

 

पहली बार जारी की डि‍टेल फाइनेंशि‍यल रि‍पोर्ट 

आईपीओ का ऐलान करने से पहले शाओमी ने इन्‍वेस्‍टर्स के सामने पहली बार डि‍टेल फाइनेंशि‍यल रि‍पोर्ट पेश की है। रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, 2017 में कंपनी का नेट लॉस 43.9 अरब युआन रहा, जबकि‍ एक साल पहले कंपनी को मुनाफा हुआ था। 

 

हालांकि‍, रेवेन्‍यू 67.5 फीसदी बढ़कर 114.5 अरब युआन रहा। 2017 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफि‍ट 12.22 अरब युआन रहा जबकि‍ एक साल पहले यह आंकड़ा 3.79 अरब युआन का था। माना जा रहा है कि‍ लिस्‍टिंग के बाद कंपनी की वैल्‍यू 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी।

 

 

इससे पहले अलीबाबा लाई थी सबसे बड़ा आईपीओ

अलीबाबा के बाद शाओमी का आईपीओ सबसे बड़ा माना जा रहा है। साल 2014 में अलीबाबा ने 25 अरब डॉलर के साथ इक्विटी मार्केट में आगाज कि‍या था। हालांकि‍, कंपनी को 2016 में कई चुनौति‍यों का सामना करना पड़ा लेकि‍न भारत में अपने बि‍जनेस को बढ़ाने और अपने सेल्‍स मॉडल को सुधारने के बाद कंपनी ने वापसी की है।

 
 

Xiaomi को मिला भारत का साथ

Xiaomi ने भारत में जुलाई 2014 में अपने पहले फ्लैगशि‍प स्‍मार्टफोन Mi3 के साथ एंट्री की थी। कंपनी ने गैर पारंपरि‍क स्‍ट्रैटजी के साथ अपने स्मार्टफोन को बेचना शुरू कि‍या था। कंपनी ने केवल ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म पर फ्लैश सेल्‍स के जरि‍ए स्‍मार्टफोन बेचे। इसकी वजह से कंपनी का प्रचार हुआ और लोग फोन को खरीदने के लि‍ए इंतजार करने लगे क्‍योंकि‍ यह दूसरे समान स्‍पेसि‍फि‍केशन वाले मॉडल्‍स से सस्‍ते थे।   

इंटरनेशनल डाटा कॉर्प. के मुताबि‍क, 2016 तक Xiaomi देश में पांचवीं सबसे बड़ी स्‍मार्टफोन कंपनी बन गई। वहीं, ग्‍लोबल मार्केट में वह तीसरे से छठे पायदान पहुंच गई। कंपनी को समय पर फोन बनाने में मुश्‍कि‍लों का सामना करना पड़ा और वह 10 करोड़ यूनि‍ट्स का टारगेट पूरा नहीं कर पाई थी।  

 

2017 में प्रॉफिट में आई इंडियन यूनिट

भारत में कंपनी ने अपने फोकस को बदला और पहली बार फोन खरीदने वाले बायर्स को उनकी जरूरत के हि‍साब से फोन बनाया। इसमें से डुअल सि‍म कार्ड स्‍लॉट के साथ फोन पेश करना था। कंपनी ने भारत में पहले तीन साल के दौरान 50 करोड़ डॉलर से ज्‍यादा का खर्च कि‍या। कंपनी ने कहा कि‍ मार्च 2017 से इन्‍वेस्‍टमेंट का फायदा मि‍लने लगा क्‍योंकि‍ इंडि‍यन यूनि‍ट प्रॉफि‍टेबल हो गई।

 

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