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एप्‍पल से कि‍सने कहा, बच्‍चों को आईफोन से बचाओ

एप्पल से बच्‍चों को आईफोन की लत से बचाने के उपाय करने के लि‍ए कहा है।

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नई दि‍ल्‍ली. आज कल सभी के पास स्‍माटफोन है। इसके चलते घर के बच्‍चे भी स्‍मार्टफोन में गेम खेलने और गाने सुनने और वीडि‍यो देखने के आदी हो गए हैं। लेकि‍न इससे उनकी आंखों को ही नहीं मानसि‍क नुकसान हो रहा है। इसी के चलते एप्‍पल के 2 निवेशकों ने बच्चों में स्मार्टफोन की बढ़ती लत और उससे होने वाले मानसिक और शारीरिक नुकसान को देखते हुए एप्पल से बच्‍चों को आईफोन की लत से बचाने के उपाय करने के लि‍ए कहा है। 

 
एप्‍पल से यह आग्रह करने वाले निवेशक हैं जाना पार्टनर्स एलएलसी और कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम (सीएएलएसटीआरएस)। इन्‍होंने आज एपल को लिखी चिट्ठी में कहा कि कंपनी को गैजेट्स की लत छुड़ाने में मदद के लिए उसमें कुछ नए विकल्प और उपकरण प्रदान करने चाहिए। ताकि‍ लोग अपने बच्‍चों को स्‍मार्टफोन से दूर रख सकें। यह दोनों नि‍वेशक सामूहिक रूप से  एप्‍पल के 2 अरब डॉलर के शेयरों पर नियंत्रण रखते हैं। 
 
आगे पढ़ें : क्‍यों दी बच्‍चों से दूर रखने की सलाह 
बच्‍चों में बढ़ रहा है डि‍प्रेशन
 
एपल को भेजी गई चिट्ठी में विभिन्न अध्ययनों और सर्वेक्षण का हवाला दिया गया है जो बताते हैं कैसे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मोबाइल और सोशल मीडि‍या के चलते बच्‍चों में डि‍प्रेशन की शि‍कायत बढ़ रही है। ऐसे में दोनों नि‍वोशकों की ओर से उन्‍हें स्‍मार्टफोन से दूर रखने की सलाह दी गई है। 
फोन सेटि‍ंग को अपग्रेड करने का सुझाव 
 
एप्‍पल को दिए प्रस्ताव में निवेशकों ने बाल विकास विशेषज्ञों सहित विशेषज्ञ समिति की स्थापना और ऐसे मोबाइल डिवाइस सॉफ्टवेयर बढ़ाने का सुझाव दिया है, जो कि बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए माता-पिता को अधिक विकल्प उपलब्ध कराएं। नि‍वेशकों की ओर से लि‍खी गई चिट्ठी में कहा गया है कि‍ फोन में कुछ ऐसी अपग्रेड लेवल की सेटि‍ंग की जा सकती हैं, जि‍ससे कि‍ बच्‍चों और कि‍शोर के हाथ में जो फोन जाए वह 40 साल के व्‍यक्‍ति‍ वाले फोन से एकदम अलग हो। 
हो सकती है कमेटी नियुक्त 
 
निवेशकों की ओर से एेसे सुझाव आने के बाद एप्पल की ओर से भी इन मामलों पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी नियुक्त कर सकता है। 
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