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क्या होता है चिपसेट, आखिर भारत में क्यों नहीं बनते ?

भारत में आज भी नहीं बनते स्मार्टफोन में लगने वाले चिपसेट। चीन और ताईवान से बनकर आते हैं।

What is the chipset, Why do not they make in India
 
नई दिल्ली. भारत का स्मार्टफोन मार्केट लगातार बड़ा होता जा रहा है। पिछले कुछ सालों से  भारत में  मोबाइल फोन मैन्यूफैक्चर यूनिट की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्मार्टफोन की कीमत कम हुई है। लेकिन एक चीज जाे अब भी भारत में नहीं बनती वह है स्मार्टफोन में लगने वाला चिपसेट यानी प्रोसेसर। यह चिपसेट आज भी चीन और ताईवान से बनकर आता है और यहां मोबाइल में उसे असेंबल किया जाता है। क्या आप जानते हैं कि चिपसेट भारत में क्यों नहीं बनता और अगर बनाया जाएगा तो उसके लिए क्या-क्या जरूरी है। 
 
भारत में क्यों नहीं बनता चिपसेट 
 
आईडीसी इंडिया के सीनि‍यर मार्केट एनलिस्ट जयपाल सिंह ने बताया कि प्रोसेसर बनाने के लिए ऐसी लैब की जरूरत होती है, जिसमें धूल और मिट्टी का एक कण भी नहीं पहुंच सके। ज्यादातर ऐसी लैब अंडरग्राउंड होती हैं। इस सेटअप को बनाने में समय लगता है। भारत में फिलहाल ऐसा कोई सैटअप नहीं है। यही कारण है कि चिपसेट बाहर से आते हैं और अभी भारत में चिपसेट के बनने में लंबा समय लग सकता है। 
 
कुछ कंपनियां ही बनाती हैं चिपसेट 
 
अगर स्मार्टफोन की बात करें तो दुनियाभर में एप्पल के आईफोन के अलावा लगभग सभी एंड्राॅयड स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम का स्नैपड्रैगन चिपसेट यूज होता है। हालांकि कुछ मोबाइल कंपनियों ने अपने चिपसेट भी बनाने शुरू कर दिए हैं। इनमें सैमसंग का चिपसेट एक्सिनोस, हुआवे का किरिन और मीडियाटेक चिपसेट भी आजकल कई स्मार्टफोन कंपनियां यूज कर रही है। इसी तरह अगर लैपटॉप के चिपसेट की बात करें तो दुनियाभर में लगभग 95 फीसदी लैपटॉप और कंप्यूटर में इंटेल का चिपसेट लगा है। 
 

बदल सकती है तस्वीर 
 
पिछले 4 साल में भारत में मोबाइल हैंडसेट बनाने के लिए अलग-अलग राज्यों में 120 से भी ज्यादा नई मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाई गई हैं। यही स्पीड रही तो जल्द ही भारत में चिपसेट बनाने का काम भी शुरू हो सकता है। 
 
क्या है चिपसेट 
 
लोग स्मार्टफोन खरीदते समय कैमरा, रैम और स्टोरेज के अलावा जिस चीज पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं वह है फोन का प्रोसेसर। यह फोन के सबसे जरूरी पार्ट है। फोन की परफॉर्मेंस उसके प्रोसेसर पर ही निर्भर करती है। फोन का प्रोसेसर जितना दमदार होगा, परफॉर्मेंस उतनी ही अच्छी होगी। इसी प्रोसेसर को चिपसेट कहा जाता है। 
 
क्या है चिपसेट का काम? 
 
प्रोसेसर या चिपसेट को फोन का दिमाग कहा जा सकता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है जो एक चिप जैसा होता है। इसकी परफॉर्मेंस हर्ट्ज़, किलोहर्ट्ज़, मेगाहर्ट्ज़ और गीगाहर्ट्ज़ के आधार पर मापी जाती है। अगर प्रोसेसर का चिपसेट बढ़िया है तो आपके फोन बिना हैंग हुए आराम से चलेगा। इसी आधार पर यह निर्णय लिया जाना चाहिए की आपके फोन का प्रोसेसर अच्छा है या नहीं। चिप के आलावा कोर भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
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